फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   Sambhal CBI raid: Raid conducted at daybreak, cyber thug escaped, investigation of 117 crores underway

संभल सीबीआई छापा: दिन निकलते ही मारा छापा, फिर भी भाग निकला साइबर ठग, 117 करोड़ की चल रही जांच

Thu, 10 Apr 2025 01:07 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुंदरकी/संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, कुंदरकी/संभल Updated Thu, 10 Apr 2025 01:07 AM IST
सार

सीबीआई ने 117 करोड़ की साइबर ठगी के मामले में अब्दुल्लापुर गांव में दबिश दी लेकिन मुख्य आरोपी फरार हो गया। टीम ने आरोपी के पिता समेत तीन लोगों को हिरासत में लेकर गांव के पांच घरों की तलाशी ली। दुबई से ऑपरेट हो रही गैंग पार्ट टाइम जॉब के बहाने स्थानीय युवकों से खाते मंगवाकर ठगी कर रही थी।

विज्ञापन
Sambhal CBI raid: Raid conducted at daybreak, cyber thug escaped, investigation of 117 crores underway
संभल में सीबीआई टीम का छापा - फोटो : संवाद

विस्तार

करीब 117 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले की जांच कर रही सीबीआई ने 100 लोगों की टीम के साथ बुधवार सुबह ही अब्दुल्लापुर गांव को घेर लिया। टीम गांव में रहने वाले साइबर ठग और उसके साथियों की तलाश में जुट गई, लेकिन माैका पाकर साइबर ठग भाग निकला।

विज्ञापन


पुलिस ने साइबर ठग के पिता और दो अन्य युवकों को हिरासत में लेकर सात घंटे तक गांव के पांच घरों में पड़ताल की। इस दौरान टीम ने गांव में किसी को नहीं आने दिया। एक जनवरी 2023 से 17 अक्तूबर 2023 के बीच नेशनल अपराध क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर 2903 शिकायतें दर्ज हुई थीं।
विज्ञापन


जिसमें 117 करोड़ रुपये की साइबर ठगी किए जाने की बात सामने आई थी। गृह मंत्रालय की ओर से सीबीआई को इस मामले की जांच सौंपी गई थी। इस मामले में जांच करते हुए टीम को मुरादाबाद के अब्दुल्लापुर निवासी तीन युवकों के बारे में जानकारी मिली।
विज्ञापन
विज्ञापन


जांच में पता चला है कि दुबई में बैठे साइबर ठगों ने पार्ट टाइम जॉब का ऑफर देकर इन लोगों को अपने साथ जोड़ लिया था। इसके अलावा इनके जरिये ही लोगों के खाते हासिल किए गए थे। इन खातों के जरिये ही रुपयों का लेनदेन किया जा रहा था।

सीबीआई अफसरों ने मुरादाबाद पुलिस के अधिकारियों से संपर्क किया और पुलिस बल की मांग की। हालांकि, जिस मामले में जांच पड़ताल करनी है। इसकी जानकारी स्थानीय अधिकारियों को नहीं दी गई। सुबह करीब सात बजे अब्दुल्लापुर में 15 से ज्यादा गाड़ियों से 100 लोगों की टीम के साथ सीबीआई अफसर पहुंंचे।

उनके साथ बैंक अधिकारी और महिला अफसर भी मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि जिस वक्त टीम गांव में पहुंची, उस वक्त साइबर ठग जंगल में मौजूद था। उसने गांव में गाड़ियां आती देखी तो वह जंगल से ही भाग गया।

टीम ने उसके पिता को हिरासत में लेकर आरोपी के बारे में जानकारी की। इसके बाद टीम ने गांव के दो अन्य युवकों को हिरासत में ले लिया। यह दोनों युवक भी आरोपी साइबर ठग के साथ काम करते हैं। टीम करीब तीन बजे तीनों को अपने साथ लेकर चली गई।

संदिग्ध ठग नहीं करते कोई काम, कुछ दिन पहले खरीदी पांच बीघा जमीन
अब्दुल्लापुर के कुछ लोगों का कहना है कि टीम जिनकी तलाश में आई थी। वह कोई काम नहीं करते हैं। रात रात भर जागकर लैपटॉप और मोबाइल पर लगे रहते हैं। एक युवक ने कुछ समय पहले ही पांच बीघा जमीन भी खरीदी है। गांव अब्दुल्लापुर में सीबीआई के छापे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए मुरादाबाद से ही पुलिस बल आया था। कुंदरकी थाने की पुलिस को दूर रखा गया था। बैंक अधिकारी और कर्मचारी भी साथ में ही थे।

दो साल पहले दिल्ली पुलिस ने किया था गिरफ्तार
सीबीआई ने जिस आरोपी की तलाश में आई थी, वह हाथ नहीं आया। 2023 में दिल्ली पुलिस की साइबर टीम भी आरोपी युवक को पकड़कर ले जा चुकी है। अब वह सीबीआई की रडार पर है। ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों की उम्र 25 से लेकर 30 वर्ष के बीच है। मोबाइल पर नेटवर्किंग करने के मामले में एक्सपर्ट बताए जा रहे हैं।

सीबीआई की टीम देख सन्न हुए लोग
संभल के लाडम सराय में डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामले में युवक को हिरासत में लेने की जानकारी तेजी से फैल गई। टीम ने घर में किसी को भी घुसने नहीं दिया। परिवार के लोगों को भी बाहर नहीं जाने दिया गया। दूसरी मंजिल पर ही परिवार के लोगों को टीम ने रखा।

इस दौरान मोबाइल फोन भी टीम ने जब्त कर लिए थे। बाद में टीम जब रवाना हुई तो परिवार के लोग बाहर निकल सके। स्थानीय पुलिस को इस कार्रवाई की जानकारी थी, लेकिन मौके पर कोई नहीं पहुंचा था।

डिजिटल अरेस्ट से जुड़े मामले में युवक की भूमिका होने की जानकारी पर लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गईं। लोगों ने कहा कि युवक 10 वर्ष से कारखाना घर में ही चला रहा है। काम भी कोई बड़े स्तर का नहीं है। सामान्य काम चल रहा है। युवक अविवाहित है। परिजन युवक को लेकर परेशान हैं।

दो साल पहले युवक के खाते में आए थे ढाई करोड़ रुपये
संभल में हिरासत में लिए गए युवक के भाई ने बताया कि उनका भाई तो घर में ही जींस का कारखाना चलाता है। दो वर्ष पहले सेविंग खाते में किसी तरह 2.5 करोड़ रुपये आए थे। इसकी जानकारी बैंक को हुई तो पूछताछ के लिए बुलाया था।

जब बैंक को रुपये की जानकारी नहीं होने की बात बताई तो आयकर की टीम भी पूछताछ के लिए पहुंची थी। उसके बाद खाते को सीज कर दिया गया था। उसके बाद से खाते में कोई लेनदेन नहीं किया गया है।

म्यूल अकाउंट क्या है
म्यूल अकाउंट एक ऐसा बैंक खाता होता है, जिसका इस्तेमाल अपराधी अवैध गतिविधियों, जैसे मनी लॉन्ड्रिंग, धोखाधड़ी या अन्य वित्तीय अपराधों के लिए करते हैं। यह खाते आमतौर पर ऐसे लोगों द्वारा खोले जाते हैं जो या तो जानबूझकर या अनजाने में अपराधियों की मदद करते हैं।

इस खाते में अवैध स्रोतों से प्राप्त धन को भेजा जाता है और फिर उसे अन्य खातों में ट्रांसफर किया जाता है। जिससे पैसों का स्रोत छिप जाता है और कानूनी जांच में मुश्किल होती है। अपराधी अक्सर लोगों को लुभावने ऑफर देकर अपने खाते इस्तेमाल करने के लिए तैयार कर लेते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed