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दिल्ली के शाहीन बाग की तर्ज पर संभल में सीएए के खिलाफ महिलाओं का धरना -प्रदर्शन

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2020 12:42 AM IST
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protest of sambhals woman on caa in sambhal
संभल में सीएए के विरोध में प्रदर्शन करतीं महिलाएं। - फोटो : SAMBHAL
संभल। संभल नगर के पक्का बाग स्थित हुसैनी मार्ग पर नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ महिलाओं ने धरना- प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसमें सैकड़ों महिलाएं शामिल हैं। साथ ही इस प्रदर्शन को अनिश्चितकालीन बताया जा रहा है। इसमें सीएए, एनआरसी, एनपीआर को खत्म करने की मांग उठाई है। स्थानीय सांसद ने महिलाओं के धरना- प्रदर्शन का समर्थन किया। महिलाओं के धरना-प्रदर्शन की जानकारी होने पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी पहुंचे। उन्होंने कुछ महिलाओं के परिजनों से धरना-प्रदर्शन खत्म करने के लिए संवाद किया। लेकिन उन्होंने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का हवाला दिया है।
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शुक्रवार को जुुमा की नमाज के बाद पक्का बाग के हुसैनी मार्ग स्थित एक मैदान में सैकड़ों महिलाएं एकत्र होना शुरू हो गईं। इसके बाद महिलाओं की भीड़ को संबोधित करने के लिए सांसद डा. शफीकुर्रमान बर्क पहुंचे। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने हक के लिए आज सड़कों पर आ गई हैं। उनका हम समर्थन करते हैं। सांसद ने कहा कि सरकार देश के मुसलमानों को दूसरे नंबर का शहरी बनाना चाहती है।
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इसलिए सरकार नागरिकता संशोधन कानून को लेकर आई है। इस कानून का हिन्दू, सिख और अन्य समुदायों के लोग विरोध कर रहे हैं। सांसद ने कहा कि हिंदुस्तान सबका है। इस पर किसी एक का हक नहीं है। हम देश, लोकतंत्र और संविधान को बचाकर रहेंगे। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान पर पलटवार किया और कहा कि संघ के प्रमुख ने देश के सभी लोगों को हिंदू बताया है लेकिन ऐसा नहीं है।
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देश का हर नागरिक हिंदुस्तानी है पर हिंदू नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार की तानाशाही नहीं चलने दी जाएगी। हम इस कानून को स्वीकार नहीं करते। जब तक कानून वापस नहीं लिया जाएगा, तब तक शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करते रहेंगे।
सांसद ने प्रदर्शन स्थल पर गणतंत्र दिवस के दिन ध्वजारोहण करने की महिलाओं से अपील की है। साथ ही पूरे नगर के घरों में झंडा लगाने की अपील की है। जिससे देश की एकता का संदेश दिखाई दे। वहीं धरना स्थल के बाहर उप जिलाधिकारी राजेश कुमार और पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। धरना स्थल से लौट रहे सपा सांसद से भी अधिकारियों ने संवाद किया।
महिलाओं ने राष्ट्रगान और सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा गाया
संभल। पक्का बाग स्थित हुसैनी मार्ग पर पहुंचीं सैकड़ों महिलाओं ने राष्ट्रगान गाया। इसके बाद सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा गुनगुनाया। महिलाओं ने कहा कि सरकार मुसलमानों की आवाज दबाना चाहती है लेकिन देश का मुसलमान अपने मुल्क से मोहब्बत करता है और अपनी जान तक कुर्बान करने का जज्बा रखता है। लेकिन सरकार संविधान के खिलाफ सीएए, एनआरसी और एनपीआर लागू करना चाहती है। इसे हिंदुस्तान का मुसलमान बर्दाश्त नहीं करेगा। हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाए गए और तिरंगे झंडे लहराए गए।
मासूम बच्चों के हाथ में थे सीएए और एनआरसी के रिजेक्ट लिखे पोस्टर
संभल। सैकड़ों महिलाओं के प्रदर्शन में दर्जनों मासूम बच्चे भी मौजूद दिखाई दिए। इन मासूम बच्चों ने अपने हाथों में सीएए, एनआरसी और एनपीआर रिजेक्ट लिखे हुए पोस्टर थे। कई बच्चों ने तिरंगा हाथों में थाम रखा था। जिन्हें वह लहरा रहे थे। कई बच्चे ऐसे भी थे जिन्होंने अपने चेहरे पर तिरंगा बनाया था। बच्चों की आवाज भी महिलाओं के साथ उठ रही थी।

महिलाओं के प्रदर्शन में हम लेकर रहेंगे आजादी के नारे गूंजे
संभल। महिलाओं के प्रदर्शन में हम लेकर रहेंगे आजादी के नारे गूंजे। आजादी की लड़ाई में शामिल हुए क्रांतिकारियों के नाम लेकर आजादी के लिए नारे लगाए गए। डा. भीमराव अंबेडकर द्वारा लिखे गए संविधान का हवाला देकर नारे लगाए गए। महिलाओं ने जब आजादी के नारे लगाए तो वहां मौजूद कुछ पुरुषों ने भी सुर मिलाए।
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