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पोर्टल बंद होने से धान की बिक्री करने वाले किसानों को पंजीकरण कराने में हो रही मुश्किल
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बहजोई। पोर्टल बंद होने से सरकारी क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री करने के लिए किसानों को पंजीकरण कराने में मुश्किल आ रही है। व्यापारी नेता समेत दूसरे किसानों ने सरकार से जल्द ही पोर्टल खुलवाए जाने की मांग की। वहीं डीएफएमओ की ओर से पोर्टल पर कुछ काम चलने के कारण पंजीकरण न होने की बात कही गई है और जल्द ही पोर्टल खुलने का आश्वासन दिया है।
व्यापारी नेता सतीश वार्ष्णेय का कहना है कि खेत में धान की फसल पकी हुई तैयार खड़ी है। कहीं-कहीं कटाई और उठाई भी हो रही है, लेकिन सरकार की ओर से पंजीकरण कराने का पोर्टल बंद पड़ा है। इसके चलते किसान को जन सेवा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि जब किसान का पंजीकरण ही नहीं हो सकेगा, तो भला वह अपना धान कैसे बेच सकेगा। अभी तो किसान को यह भी नहीं पता है कि उसका पंजीकरण कब होगा और फिर कब तहसील पर सत्यापन होगा।
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अब दिक्कत यह है कि किसान का धान सरकारी क्रय केंद्र पर कैसे बिकेगा और उसे सरकारी समर्थन मूल्य कैसे प्राप्त होगा। अनिल कुमार शर्मा का कहना है कि सरकार इस ओर ध्यान दे और पोर्टल खुलवाने के लिए प्रयास करे, तो किसानों की समस्या का समाधान हो सकेगा। वहीं जिला खाद्य विपणन अधिकारी विजेयता सिंह का कहना है कि बीते दो-तीन दिन से पोर्टल को लेकर कुछ समस्या आ रही है। पोर्टल पर कुछ काम चल रहा है। लखनऊ में उच्चाधिकारियों से बातचीत की गई है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में पोर्टल खुल जाएगा और किसान आसानी से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे।
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व्यापारी नेता सतीश वार्ष्णेय का कहना है कि खेत में धान की फसल पकी हुई तैयार खड़ी है। कहीं-कहीं कटाई और उठाई भी हो रही है, लेकिन सरकार की ओर से पंजीकरण कराने का पोर्टल बंद पड़ा है। इसके चलते किसान को जन सेवा केंद्र के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि जब किसान का पंजीकरण ही नहीं हो सकेगा, तो भला वह अपना धान कैसे बेच सकेगा। अभी तो किसान को यह भी नहीं पता है कि उसका पंजीकरण कब होगा और फिर कब तहसील पर सत्यापन होगा।
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अब दिक्कत यह है कि किसान का धान सरकारी क्रय केंद्र पर कैसे बिकेगा और उसे सरकारी समर्थन मूल्य कैसे प्राप्त होगा। अनिल कुमार शर्मा का कहना है कि सरकार इस ओर ध्यान दे और पोर्टल खुलवाने के लिए प्रयास करे, तो किसानों की समस्या का समाधान हो सकेगा। वहीं जिला खाद्य विपणन अधिकारी विजेयता सिंह का कहना है कि बीते दो-तीन दिन से पोर्टल को लेकर कुछ समस्या आ रही है। पोर्टल पर कुछ काम चल रहा है। लखनऊ में उच्चाधिकारियों से बातचीत की गई है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में पोर्टल खुल जाएगा और किसान आसानी से पोर्टल पर पंजीकरण कर सकेंगे।