{"_id":"69fcfd188ef5b7c7260c05bc","slug":"potholes-on-rain-logged-roads-have-become-a-menace-sambhal-news-c-204-1-chn1003-129117-2026-05-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: बारिश से लबालब हुए सड़कों के गड्ढे बने मुसीबत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: बारिश से लबालब हुए सड़कों के गड्ढे बने मुसीबत
विज्ञापन
चंदौसी। बुधवार की रात से शुरू हुई बारिश से जहां एक ओर मौसम में ठंडक हो गई तो वहीं सड़कों के गड्ढों में पानी भरने और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। शहर की सड़कों के गड्ढों में पानी भरने व कीचड़ पसरने से लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। खास तौर पर स्कूली बच्चों को ज्यादा परेशानी हुई।
बुधवार की रात 12 बजे से ही आसमान में बिजली कड़कने लगी। तेज हवा चलने लगी। रात एक बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। रात भर रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहा। बृहस्पतिवार की सुबह जब लोग नींद से उठे तो रुक-रुक कर बूंदाबांदी और तेज बारिश का सिलसिला दोपहर दो बजे तक चलता रहा। जिससे सड़कों पर कई जगह जलभराव हो गया। जलभराव में सड़क के गड्ढे नजर नहीं आ रहे थे।
सीता रोड पर आरआरके स्कूल के मोड़ पर गहरे गड्ढों में जलभराव के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। स्कूली बच्चे ज्यादा परेशान हुए।
स्टेशन रोड मालवीय चौक के पास, मुख्य डाक घर के रोड चर्च के पास, एफआर रोड पर नाला उफनने से जलभराव हो गया। जिससे लोगाें को परेशानी हुई। वहीं दिन भर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों की आवाजाही कम रही।
विज्ञापन
-- -- -- -
पावर हाउस काॅलोनी में बुराहाल
चंदौसी की पावर हाउस काॅलोनी में तहसील चौराहे से किशोर न्यायालय तक ही इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया है। जबकि इससे आगे रेलवे फाटक की ओर जा रही सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। यहां पक्की सड़क ही नहीं है। कई साल पहले खडंजा था जो जमींदोज हो गया है और गहरे गड्ढे हो गए हैं। जबकि इस मार्ग से तहसील की ओर आने जाने वालों की काफी संख्या रहती है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसी मार्ग से शहर में आते जाते हैं। यहां बाजार भी लगता है। बारिश में सड़क किनारे लगी दुकानें नहीं लगी। आलम ये हो गया कि गहरे गड्ढों में पानी भरने के साथ ही कीचड़ हो गई। जिससे दोपहिया वाहन सवार बमुश्किल इस मार्ग से निकल पा रहे थे। पैदल वालों को तो निकलने की रास्ता ही नहीं मिल रही थी।
-- -- -- --
मानकपुर नरौली के मुख्य मार्ग पर बारिश से बढ़ी फिसलन
बनियाठेर। बारिश से देहात क्षेत्र की सड़कों का हाल बुरा हो गया। बनियाठेर के गांव मानकपुर नरौली में मुख्य मार्ग की सड़क पर कीचड़ पसरने से फिसलन हो गई। जिससे ग्रामीणों का निकलना दुश्वार हो गया। इस दौरान लोग व्यवस्थाओं को कोसते दिखे। फिसलन इस कदर थी कि दोपहिया वाहन तक निकलना मुश्किल हो रहा था। पैदल निकलने की रास्ता भी नहीं बची।
विज्ञापन
बुधवार की रात 12 बजे से ही आसमान में बिजली कड़कने लगी। तेज हवा चलने लगी। रात एक बजे से झमाझम बारिश शुरू हो गई। रात भर रुक कर बारिश का सिलसिला चलता रहा। बृहस्पतिवार की सुबह जब लोग नींद से उठे तो रुक-रुक कर बूंदाबांदी और तेज बारिश का सिलसिला दोपहर दो बजे तक चलता रहा। जिससे सड़कों पर कई जगह जलभराव हो गया। जलभराव में सड़क के गड्ढे नजर नहीं आ रहे थे।
विज्ञापन
सीता रोड पर आरआरके स्कूल के मोड़ पर गहरे गड्ढों में जलभराव के कारण लोगों को आने जाने में परेशानी हुई। स्कूली बच्चे ज्यादा परेशान हुए।
स्टेशन रोड मालवीय चौक के पास, मुख्य डाक घर के रोड चर्च के पास, एफआर रोड पर नाला उफनने से जलभराव हो गया। जिससे लोगाें को परेशानी हुई। वहीं दिन भर सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोगों की आवाजाही कम रही।
विज्ञापन
पावर हाउस काॅलोनी में बुराहाल
चंदौसी की पावर हाउस काॅलोनी में तहसील चौराहे से किशोर न्यायालय तक ही इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया है। जबकि इससे आगे रेलवे फाटक की ओर जा रही सड़क का निर्माण नहीं हो सका है। यहां पक्की सड़क ही नहीं है। कई साल पहले खडंजा था जो जमींदोज हो गया है और गहरे गड्ढे हो गए हैं। जबकि इस मार्ग से तहसील की ओर आने जाने वालों की काफी संख्या रहती है। ग्रामीण क्षेत्र के लोग इसी मार्ग से शहर में आते जाते हैं। यहां बाजार भी लगता है। बारिश में सड़क किनारे लगी दुकानें नहीं लगी। आलम ये हो गया कि गहरे गड्ढों में पानी भरने के साथ ही कीचड़ हो गई। जिससे दोपहिया वाहन सवार बमुश्किल इस मार्ग से निकल पा रहे थे। पैदल वालों को तो निकलने की रास्ता ही नहीं मिल रही थी।
मानकपुर नरौली के मुख्य मार्ग पर बारिश से बढ़ी फिसलन
बनियाठेर। बारिश से देहात क्षेत्र की सड़कों का हाल बुरा हो गया। बनियाठेर के गांव मानकपुर नरौली में मुख्य मार्ग की सड़क पर कीचड़ पसरने से फिसलन हो गई। जिससे ग्रामीणों का निकलना दुश्वार हो गया। इस दौरान लोग व्यवस्थाओं को कोसते दिखे। फिसलन इस कदर थी कि दोपहिया वाहन तक निकलना मुश्किल हो रहा था। पैदल निकलने की रास्ता भी नहीं बची।