फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   Police did not allow weekly market to be held in Kaithal

Sambhal News: कैथल की साप्ताहिक बाजार में चला पुलिस का डंडा, नहीं लगने दीं दुकानें

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 19 May 2025 01:24 AM IST
विज्ञापन
Police did not allow weekly market to be held in Kaithal
चंदौसी। शिकायत पर नगर से सटे गांव कैथल में लग रहे रविवार को लगने वाले साप्ताहिक पैंठ बाजार पर रविवार को पुलिस का डंडा चला। इस मामले में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी कि साप्ताहिक पैंठ बाजार का रजिस्ट्रेशन 2002 में समाप्त हो गया है। साथ ही बाजार में प्रतिबंधित पशुओं की खरीद फरोख्त की जा रही है।
विज्ञापन

गांव कैथल के बाहर करीब 50 वर्ष से भी अधिक समय से साप्ताहिक पैंठ बाजार लगता आ रहा है। काफी सामान के फड़ लगते हैं। साथ ही पशुओं की खरीद फरोख्त की जाती है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बाजार लगाने में पहले तीन साझीदार हुआ करते थे। जिसमें दो कैथल गांव के तथा एक चंदौसी के दूसरे समुदाय का युवक शामिल था। गांव कैथल के दोनों साझीदार की मृत्यु हो चुकी है। जबकि चंदौसी निवासी साझीदार द्वारा पैंठ बाजार संचालित किया जा रहा था।
विज्ञापन

इसी बीच चंदौसी के मोहल्ला नखासा के रहने वाले सुल्तान अहमद ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज करा दी थी। शिकायत में बताया कि वर्ष 2002 से साप्ताहिक पैंठ बाजार के रजिस्ट्रेशन का नवीनीकरण नहीं किया गया है। बिना लाइसेंस के कुछ लोग इस का संचालन करते आ रहे हैं। साथ ही पैंठ बाजार में प्रतिबंधित पशुओं की खरीद फरोख्त की जा रही है। इसकी जांच एसडीएम द्वारा की गई। जांच में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद पैंठ बाजार को बंद कराने के आदेश दे दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रविवार की सुबह ही पुलिस व पीएससी कैथल की साप्ताहिक पैंठ बाजार पहुंच गई और पैंठ बाजार नहीं लगने दिया। सुबह से शाम तक पुलिस व पीएसी डेरा डाले रही। जिससे दुकानदार भी मायूस होकर लौट गए। प्रभारी निरीक्षक मोहित चौधरी ने बताया कि बिना लाइसेंस के पैंठ बाजार का संचालन किया जा रहा था। अधिकारियों के निर्देश के बाद पैंठ बाजार को बंद करा दिया गया है।
-----------
साप्ताहिक बाजार में फल बेचने का काम करता हूं। रविवार सुबह जल्दी उठकर मंडी जाकर गाड़ी में तरबूज भरकर साप्ताहिक बाजार में बेचने आया तो पुलिस ने दुकान नहीं लगने दी। बताया कि अब साप्ताहिक बाजार नहीं लगेगा।
-रोहित कुमार, दुकानदार
...........
सब्जी बेचने का काम करता हूं। सुबह पुलिस ने दुकान नहीं लगाने दी। परिवार पालने का एकमात्र जरिया साप्ताहिक बाजार है। ऐसे में बहुत निराशा हाथ लग रही है।
-शंकर, दुकानदार
...........
सुबह उठकर साप्ताहिक बाजार में जाने की तैयारी कर ली। शनिवार को काफी सारा सामान भी खरीद लिया। सुबह आया, तो पकौड़ी की दुकान नहीं लगाने दी गई। ऐसे में परिवार पालने का संकट आ गया।

-ब्रजपाल, दुकानदार
............
मिर्च मसाले की दुकान साप्ताहिक बाजार में लगाता हूं। पुलिस ने बताया कि वर्ष 2002 से बाजार का लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं कराया गया है। जिसके चलते बाजार नहीं लगेगा।
-प्रमोद, दुकानदार
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed