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Sambhal News: प्लान धड़ाम..ई-रिक्शा के बेतरतीब संचालन से लग रहा जाम
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संभल। शहर में अवैध ई-रिक्शा के संचालन पर परिवहन विभाग से लेकर यातायात पुलिस तक अंकुश नहीं लगा पा रही है। पूर्व में ई-रिक्शा संचालन के लिए बनाया गया प्लान फेल हो गया। संभल शहर में दिनभर जाम की समस्या का कारण ही ई-रिक्शा बनते हैं। रविवार को संभल के चौधरी सराय, आर्य समाज मार्ग, चमन सराय, अस्पताल चौराहे पर जाम की स्थिति रही।
कुछ दिन पहले संभल में सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने व्यापारियों के साथ बैठक करके ट्रैफिक प्लान बनाया था। शहर में वनवे की व्यवस्था की गई थी। इसमें ई-रिक्शा का शहर में घुसने व बाहर निकलने का रूट तैयार किया था। कुछ दिन शहर में ई-रिक्शा का संचालन ट्रैफिक प्लान के तहत किया गया। बाद में धीरे-धीरे प्लान चौपट हो गया और ई-रिक्शा चालक अपनी मनमानी करने लगे। जाम में फंसकर नागरिकों को घंटों खुलने का इंतजाम करना पड़ता है। इससे परेशानी के साथ-साथ समय भी बर्बाद होता है। जाम लगने पर दूर-दूर तक दोनों ओर ई-रिक्शा ही नजर आते हैं।
जिले में 1500 से ज्यादा ही ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जबकि जिले की सड़कों पर दस हजार से ज्यादा दौड़ रहे हैं। सबसे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा संभल शहर में हैं। इसके बाद चंदौसी, बहजोई, गुन्नौर, बबराला में हैं। त्योहार पर बाजार में भीड़ अधिक होने पर जाम में फंसकर लोग परेशान हो रहे हैं।
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अवैध रूप से ई-रिक्शा का जिले में निर्माण किया जाता है और लोगों को गुमराह कर बेच दिया जाता है। जीएसटी की चोरी होती है और यह ई-रिक्शा पंजीकृत भी नहीं हो पाते।
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चौधरी सराय में रेहड़ी पटरी वाले भी जाम का कारण
संभल। नगर के व्यस्त चौराहों में शामिल चौधरी सराय में रेहड़ी पटरी वालों की बजह से भी जाम लगता है। क्योंकि यहां तमाम लोगों का आना जाना रहता है। गाड़ियों से पहुंचते हैं तो यह बेतरतीब तरीके से पार्क करते हैं। इस कारण जाम लग जाता है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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दुकानों को पीछे करवाएंगे, ताकि जाम की स्थिति न बने। रेहड़ी पटरी वालों को चाहिए कि वे सड़क किनारे दुकान न लगाएं। इसके अलावा जहां भी समस्या है। समाधान कराया जाएगा। सुधीर कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट, संभल।
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कुछ दिन पहले संभल में सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने व्यापारियों के साथ बैठक करके ट्रैफिक प्लान बनाया था। शहर में वनवे की व्यवस्था की गई थी। इसमें ई-रिक्शा का शहर में घुसने व बाहर निकलने का रूट तैयार किया था। कुछ दिन शहर में ई-रिक्शा का संचालन ट्रैफिक प्लान के तहत किया गया। बाद में धीरे-धीरे प्लान चौपट हो गया और ई-रिक्शा चालक अपनी मनमानी करने लगे। जाम में फंसकर नागरिकों को घंटों खुलने का इंतजाम करना पड़ता है। इससे परेशानी के साथ-साथ समय भी बर्बाद होता है। जाम लगने पर दूर-दूर तक दोनों ओर ई-रिक्शा ही नजर आते हैं।
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जिले में 1500 से ज्यादा ही ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। जबकि जिले की सड़कों पर दस हजार से ज्यादा दौड़ रहे हैं। सबसे बड़ी संख्या में ई-रिक्शा संभल शहर में हैं। इसके बाद चंदौसी, बहजोई, गुन्नौर, बबराला में हैं। त्योहार पर बाजार में भीड़ अधिक होने पर जाम में फंसकर लोग परेशान हो रहे हैं।
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अवैध रूप से ई-रिक्शा का जिले में निर्माण किया जाता है और लोगों को गुमराह कर बेच दिया जाता है। जीएसटी की चोरी होती है और यह ई-रिक्शा पंजीकृत भी नहीं हो पाते।
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चौधरी सराय में रेहड़ी पटरी वाले भी जाम का कारण
संभल। नगर के व्यस्त चौराहों में शामिल चौधरी सराय में रेहड़ी पटरी वालों की बजह से भी जाम लगता है। क्योंकि यहां तमाम लोगों का आना जाना रहता है। गाड़ियों से पहुंचते हैं तो यह बेतरतीब तरीके से पार्क करते हैं। इस कारण जाम लग जाता है। इसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
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दुकानों को पीछे करवाएंगे, ताकि जाम की स्थिति न बने। रेहड़ी पटरी वालों को चाहिए कि वे सड़क किनारे दुकान न लगाएं। इसके अलावा जहां भी समस्या है। समाधान कराया जाएगा। सुधीर कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट, संभल।