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कुत्तों में पार्वो वायरस हुआ सक्रिय, पालक परेशान
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संभल। कुत्तों के लिए पार्वो नामक वायरस जानलेवा साबित हो रहा है। इस वायरस की चपेट में आने से कुछ ही दिनों में कुत्तों की मौत हो जाती है। यही कारण है कि पशु चिकित्सालय पर इन दिनों बड़ी संख्या में कुत्ते पहुंच रहे हैं। पशु चिकित्सकों का कहना है कि इस वायरस की चपेट में आने से कुत्तों के लिए जान का खतरा बढ़ गया है। टीकाकरण ही इसका मात्र उपाय है। जो कुत्तों को एक सप्ताह तक लगाया जाता है।
घरों में पाले जा रहे कुत्तों में बीते एक महीने से पार्वो नाम की वायरस फैल रहा है। जो एक कुत्ते को हो जाने पर उसके संपर्क में आने पर दूसरे कुत्ते को भी हो जाती है। शुरूआत में ही उपचार नहीं कराया गया तो इस वायरस की चपेट में आकर कुत्ते की जान भी जा सकती है। इसके अलावा पार्वो की चपेट में आया कुत्ता इंसान को काट ले तो उसे रैबीज भी हो सकता है। इसलिए कुत्ता पालकों को कुत्ते का हर हाल में टीकाकरण कराना चाहिए। टीके लगने पर बीमार होने की संभावना नहीं रहती। जिले में कुत्तों में यह बीमारी सक्रिय हो गई है। जिससे कुछ ही दिनों में मौत हो रही है। इसी के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में कुत्ते पशु चिकित्सालय पर पहुंच रहे हैं। इन सभी का उपचार एक सप्ताह तक चलता है। एक सप्ताह के दौरान टीकाकरण किया जाना है।
पशु चिकित्साधिकारी डा. राजपाल ने बताया कि पार्वो वायरस के सक्रिय होने पर पालतू कुत्ते की मृत्यु दर 80 से 90 प्रतिशत तक हो जाती है। बताया कि ऐसे मौसम में कुत्तों के लिए सबसे घातक यही वायरस होता है। जिन कुत्तों का टीकाकरण हो रखा है वह तो इसकी चपेट में आने से बच जाते हैं। बताया कि कुत्ते के पिल्लों के लिए तो यह विषाणु ज्यादा ही घातक है।
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बीमारी के लक्षण
-पार्वो की चपेट में आ जाने पर कुत्ता खाना पीना छोड़ देता है।
-लगातार उल्टियां करने लगता है।
-कुत्ते को खूनी दस्त शुरू हो जाते हैं
-बीमारी की चपेट में आ जाने पर कुत्ते के मल में बहुत अधिक बदबू आती
-पार्वो की चपेट में आने पर कुत्ते का तापमान बहुत कम हो जाता
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घरों में पाले जा रहे कुत्तों में बीते एक महीने से पार्वो नाम की वायरस फैल रहा है। जो एक कुत्ते को हो जाने पर उसके संपर्क में आने पर दूसरे कुत्ते को भी हो जाती है। शुरूआत में ही उपचार नहीं कराया गया तो इस वायरस की चपेट में आकर कुत्ते की जान भी जा सकती है। इसके अलावा पार्वो की चपेट में आया कुत्ता इंसान को काट ले तो उसे रैबीज भी हो सकता है। इसलिए कुत्ता पालकों को कुत्ते का हर हाल में टीकाकरण कराना चाहिए। टीके लगने पर बीमार होने की संभावना नहीं रहती। जिले में कुत्तों में यह बीमारी सक्रिय हो गई है। जिससे कुछ ही दिनों में मौत हो रही है। इसी के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में कुत्ते पशु चिकित्सालय पर पहुंच रहे हैं। इन सभी का उपचार एक सप्ताह तक चलता है। एक सप्ताह के दौरान टीकाकरण किया जाना है।
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पशु चिकित्साधिकारी डा. राजपाल ने बताया कि पार्वो वायरस के सक्रिय होने पर पालतू कुत्ते की मृत्यु दर 80 से 90 प्रतिशत तक हो जाती है। बताया कि ऐसे मौसम में कुत्तों के लिए सबसे घातक यही वायरस होता है। जिन कुत्तों का टीकाकरण हो रखा है वह तो इसकी चपेट में आने से बच जाते हैं। बताया कि कुत्ते के पिल्लों के लिए तो यह विषाणु ज्यादा ही घातक है।
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बीमारी के लक्षण
-पार्वो की चपेट में आ जाने पर कुत्ता खाना पीना छोड़ देता है।
-लगातार उल्टियां करने लगता है।
-कुत्ते को खूनी दस्त शुरू हो जाते हैं
-बीमारी की चपेट में आ जाने पर कुत्ते के मल में बहुत अधिक बदबू आती
-पार्वो की चपेट में आने पर कुत्ते का तापमान बहुत कम हो जाता