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बारिश के पानी में डूबी धान की फसल, जिलेभर के किसानों को भारी नुकसान
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संभल/चंदौसी। तेज हवा के साथ रविवार को हुई झमाझम बारिश से जिलेभर के किसानों की धान की फसल पानी में डूब गई। जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। इसके अलावा बाजरा और गन्ने की फसल भी खेतों में गिर गई है। जबकि खेतों में बोई गई सरसों और आलू की फसल को भी नुकसान है। इससे किसान चिंतित हैं।
रविवार को अचानक मौसम ने करवट ली तो झमाझम बारिश शुरू हो गई। हल्की हवा के साथ देर शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। जिससे खेत खलिहान लबालब हो गए। खेतों में कटी धान, उड़द और मूंग की फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा हाल में खेतों में बोई गई सर्द कालीन सरसों और गन्ने की फसलों को नुकसान बताया जा रहा है। यही हाल आलू की फसल का भी है। आलू की बुआई जो हुई थी वह नष्ट होने का अनुमान है।
किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल समेत कई फसलों को भारी नुकसान है। सबसे ज्यादा खेतों में कटी पड़ी फसलों में है, जोकि पूरी तरह से खराब हो जाएगी। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि किसान पहले से मौसम की मार झेलता चला आ रहा है। इसलिए सरकार अब उन्हें मुआवजा दें। कृषि विभाग नुकसान का आंकलन कराने की बात कह रहा है। जबकि किसानों की मानें तो करीब 40 प्रतिशत धान की फसल को नुकसान है।
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किसान बोले, बारिश से बिछ गई फसल
ओबरी निवासी किसान मोहम्मद असलम ने कहा कि पच्चीस बीघा धान की फसल बोई थी। बारिश से पूरी फसल खेत में बिछ गई। किसान तैयब आलम का कहना है कि रविवार की सुबह से तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेत में जलभराव हो गया। अगर जल्दी ही पानी नहीं सूखा तो दाना खराब हो जाएगा।
52 बीघा खराब हुई धान की फसल
बहजोई। कोतवाली क्षेत्र के गांव निरयावली निवासी किसान प्रताप सिंह पुत्र हेतराम सिंह ने बताया कि रविवार को हुई बारिश के चलते उनके खेत में पानी भर गया। इससे उनकी करीब 52 बीघा धान की फसल खराब हो गई। इसमें कुछ धान की फसल कटी हुई थी और कुछ धान निकले हुए थे। किसान के मुताबिक धान की फसल खराब होने से करीब पांच लाख रुपये का नुकसान है। यदि सरकारी मदद मिल जाए, तो काफी हद तक राहत रहेगी।
तीन दिनों में भी नहीं सूख पाएगा खेतों में भरा पानी
ओबरी। रविवार की सुबह से हुई बारिश से किसानों के खेतों में जलभराव हो गया। तीन बजे बारिश थमी तो किसान खेतों पर पहुंचे और बारिश का पानी निकालने में जुटे गए, लेकिन हर तरफ खेतों में पानी भरा होने के कारण किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई है।
यह बोले जिम्मेदार
जिन भी किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, वह सूचना जरूर दें। जिससे खराब हुई फसल का सर्वे कर फसल का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, अन्य किसानों के बारे में शासन स्तर से जो निर्णय होगा, उसके अनुरूप ही कार्य किया जाएगा। फिलहाल कितना नुकसान हुआ है इसका आंकलन कराया जाएगा।
ओमकार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, संभल
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रविवार को अचानक मौसम ने करवट ली तो झमाझम बारिश शुरू हो गई। हल्की हवा के साथ देर शाम तक रुक-रुककर बारिश होती रही। जिससे खेत खलिहान लबालब हो गए। खेतों में कटी धान, उड़द और मूंग की फसल जलमग्न हो गई। इसके अलावा हाल में खेतों में बोई गई सर्द कालीन सरसों और गन्ने की फसलों को नुकसान बताया जा रहा है। यही हाल आलू की फसल का भी है। आलू की बुआई जो हुई थी वह नष्ट होने का अनुमान है।
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किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश से खेतों में तैयार धान की फसल समेत कई फसलों को भारी नुकसान है। सबसे ज्यादा खेतों में कटी पड़ी फसलों में है, जोकि पूरी तरह से खराब हो जाएगी। किसानों ने नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिए जाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि किसान पहले से मौसम की मार झेलता चला आ रहा है। इसलिए सरकार अब उन्हें मुआवजा दें। कृषि विभाग नुकसान का आंकलन कराने की बात कह रहा है। जबकि किसानों की मानें तो करीब 40 प्रतिशत धान की फसल को नुकसान है।
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किसान बोले, बारिश से बिछ गई फसल
ओबरी निवासी किसान मोहम्मद असलम ने कहा कि पच्चीस बीघा धान की फसल बोई थी। बारिश से पूरी फसल खेत में बिछ गई। किसान तैयब आलम का कहना है कि रविवार की सुबह से तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेत में जलभराव हो गया। अगर जल्दी ही पानी नहीं सूखा तो दाना खराब हो जाएगा।
52 बीघा खराब हुई धान की फसल
बहजोई। कोतवाली क्षेत्र के गांव निरयावली निवासी किसान प्रताप सिंह पुत्र हेतराम सिंह ने बताया कि रविवार को हुई बारिश के चलते उनके खेत में पानी भर गया। इससे उनकी करीब 52 बीघा धान की फसल खराब हो गई। इसमें कुछ धान की फसल कटी हुई थी और कुछ धान निकले हुए थे। किसान के मुताबिक धान की फसल खराब होने से करीब पांच लाख रुपये का नुकसान है। यदि सरकारी मदद मिल जाए, तो काफी हद तक राहत रहेगी।
तीन दिनों में भी नहीं सूख पाएगा खेतों में भरा पानी
ओबरी। रविवार की सुबह से हुई बारिश से किसानों के खेतों में जलभराव हो गया। तीन बजे बारिश थमी तो किसान खेतों पर पहुंचे और बारिश का पानी निकालने में जुटे गए, लेकिन हर तरफ खेतों में पानी भरा होने के कारण किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई है।
यह बोले जिम्मेदार
जिन भी किसानों ने अपनी फसल का बीमा कराया है, वह सूचना जरूर दें। जिससे खराब हुई फसल का सर्वे कर फसल का मुआवजा दिया जाएगा। वहीं, अन्य किसानों के बारे में शासन स्तर से जो निर्णय होगा, उसके अनुरूप ही कार्य किया जाएगा। फिलहाल कितना नुकसान हुआ है इसका आंकलन कराया जाएगा।
ओमकार सिंह, जिला कृषि अधिकारी, संभल