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Sambhal News: तोड़फोड़ कराकर चंदौसी चौराहे का विकास कराना भूले जिम्मेदार
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संभल। बेशक प्रशासन के निर्देश पर शहर के चंदौसी चौराहा चौड़ीकरण को तैयारी की गई। यातायात पुलिस के चेक पोस्ट और अन्य निर्माण पर बुलडोजर चला तो कई दुकानें भी तोड़ी गईं लेकिन एक साल का समय बीतने के बाद भी हालात नहीं बदले हैं। तोड़फोड़ के बाद चौराहा को उसके हाल पर छोड़ दिया गया है। रात के वक्त रोशनी का इंतजाम भी नहीं है। कई विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं और लोग दिक्कतों से जूझ रहे हैं।
शहर के अति व्यस्ततम चंदौसी चौराहा के चौड़ीकरण को लेकर अधिकारियों ने यातायात पुलिस चेक पोस्ट, पालिका के शौचालय को तुड़वाया था। प्याऊ को भी हटवा दिया गया था। जब अधिकारियों ने अतिक्रमण को लेकर निशान लगाए तो दुकानदारों ने खुद ही कई-कई फीट दुकानें तोड़ लीं। बाइक एजेंसी शोरूम का अगला हिस्सा भी तोड़ा गया। शहर के लोगों को उम्मीद थी कि इतना सब होने के बाद चौराहा का चौड़ीकरण होने से तस्वीर बदल जाएगी। अलग माहौल बनने के साथ ही लोगों को भी सुविधा मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
आलम यह है कि करीब तीन महीने बाद भी चौराहा पर कोई सुधार नहीं हो सका है। न तो विद्युत विभाग ने लाइन और ट्रांसफार्मर को शिफ्ट किया है और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने ही चौड़ीकरण को लेकर काम शुरू कराया है। ऐसे हालात में चौराहा पर मौजूद यातायात पुलिस कर्मियों को भी समस्या हो रही है, क्योंकि अब उनके पास बैठने का कोई स्थायी ठिकाना नहीं है। चौराहा पर वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात के वक्त ज्यादा परेशानी हो रही है क्योंकि चौराहा पर अंधेरा छाया रहता है। यात्रियों के खड़े होने के लिए भी चौराहा पर जगह नहीं है। बहरहाल, शहर के लोग चौराहा को संवारने के लिए कदम उठने का इंतजार कर रहे हैं।
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शहर के अति व्यस्ततम चंदौसी चौराहा के चौड़ीकरण को लेकर अधिकारियों ने यातायात पुलिस चेक पोस्ट, पालिका के शौचालय को तुड़वाया था। प्याऊ को भी हटवा दिया गया था। जब अधिकारियों ने अतिक्रमण को लेकर निशान लगाए तो दुकानदारों ने खुद ही कई-कई फीट दुकानें तोड़ लीं। बाइक एजेंसी शोरूम का अगला हिस्सा भी तोड़ा गया। शहर के लोगों को उम्मीद थी कि इतना सब होने के बाद चौराहा का चौड़ीकरण होने से तस्वीर बदल जाएगी। अलग माहौल बनने के साथ ही लोगों को भी सुविधा मिलेगी लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
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आलम यह है कि करीब तीन महीने बाद भी चौराहा पर कोई सुधार नहीं हो सका है। न तो विद्युत विभाग ने लाइन और ट्रांसफार्मर को शिफ्ट किया है और न ही पीडब्ल्यूडी विभाग ने ही चौड़ीकरण को लेकर काम शुरू कराया है। ऐसे हालात में चौराहा पर मौजूद यातायात पुलिस कर्मियों को भी समस्या हो रही है, क्योंकि अब उनके पास बैठने का कोई स्थायी ठिकाना नहीं है। चौराहा पर वाहनों का इंतजार करने वाले यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात के वक्त ज्यादा परेशानी हो रही है क्योंकि चौराहा पर अंधेरा छाया रहता है। यात्रियों के खड़े होने के लिए भी चौराहा पर जगह नहीं है। बहरहाल, शहर के लोग चौराहा को संवारने के लिए कदम उठने का इंतजार कर रहे हैं।
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