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अब स्कूली बच्चों को मिलेगा सैनिटाइजर और साबुन
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बहजोई। स्कूली बच्चों को सैनिटाइजर व साबुन समेत दूसरी सामग्री मुहैय्या कराई जाएगी। इससे खाना खाने से पहले बच्चों को हाथ धोने से स्वच्छता बनी रहेगी। इसके अलावा जिलेभर के परिषदीय विद्यालयों की रसोईघरों की हालत में भी खासा सुधार आएगा।
जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन योजना दीनदयाल शर्मा ने बताया कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों के रसोईघरों में प्रबंध करने समेत अनुश्रवण व्यय आदि के तौर शासन स्तर से जिले को 26 लाख 78 हजार 688 रुपये की धनराशि मिली है। इसमें 2 लाख 23 हजार 224 बच्चों को 12 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से जिला स्तर से विद्यालयों के मध्याह्न भोजन निधि खाते में यह धनराशि भेजी जा चुकी है।
जिला समन्वयक ने बताया कि इस धनराशि से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को सैनिटाइजर व हाथ धोने के लिए साबुन समेत गिलास, लेखन सामग्री, फार्म व डिब्बे आदि सामान खरीदा जाएगा। विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज अध्यापक की जिम्मेदारी रहेगी कि वह पूरी ईमानदारी से मध्याह्न भोजन निधि खाते से धनराशि का आहरण कर सैनिटाइजर व साबुन समेत दूसरी सामग्री खरीदें। इससे बच्चों को किसी भी संक्रमण से बचने में राहत मिलेगी। साथ ही रसोईघर में भी पूरी शुद्धता व स्वच्छता बनी रहेगी।
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जिला समन्वयक मध्याह्न भोजन योजना दीनदयाल शर्मा ने बताया कि मध्याह्न भोजन योजना के तहत परिषदीय विद्यालयों के रसोईघरों में प्रबंध करने समेत अनुश्रवण व्यय आदि के तौर शासन स्तर से जिले को 26 लाख 78 हजार 688 रुपये की धनराशि मिली है। इसमें 2 लाख 23 हजार 224 बच्चों को 12 रुपये प्रति बच्चे के हिसाब से जिला स्तर से विद्यालयों के मध्याह्न भोजन निधि खाते में यह धनराशि भेजी जा चुकी है।
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जिला समन्वयक ने बताया कि इस धनराशि से विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को सैनिटाइजर व हाथ धोने के लिए साबुन समेत गिलास, लेखन सामग्री, फार्म व डिब्बे आदि सामान खरीदा जाएगा। विद्यालयों के प्रधानाध्यापक/इंचार्ज अध्यापक की जिम्मेदारी रहेगी कि वह पूरी ईमानदारी से मध्याह्न भोजन निधि खाते से धनराशि का आहरण कर सैनिटाइजर व साबुन समेत दूसरी सामग्री खरीदें। इससे बच्चों को किसी भी संक्रमण से बचने में राहत मिलेगी। साथ ही रसोईघर में भी पूरी शुद्धता व स्वच्छता बनी रहेगी।
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