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नोट बंदी सेे इलाज में आई बाधा, तीन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
Updated Wed, 14 Dec 2016 12:53 AM IST
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दोनों के परिजनों का कहना है कि उन्हें उपचार कराने के लिए बैंक से समय पर रुपये नहीं मिल सके थे।
हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव रुदायन निवासी इस्लाम कई दिनों से बीमार था। परिजन पहले इस्लाम को संभल और फिर चंदौसी के निजी अस्पताल में लेकर गए। हालत में सुधार न होने पर परिजन इस्लाम को मुरादाबाद ले जाने चाहते थे लेकिन बैंक से रुपये नहीं निकल सकेे। परिजनों ने बताया कि मोहद्दीनपुर स्थित प्रथमा बैंक में इस्लाम के बेटे जाहिद का खाता था और वह कई बार जाकर बैंक के कतार में लगा लेकिन रुपये नहीं मिल पाए। उसने किसी तरह से उधार में रुपये लेकर काम चलाया। लेकिन मंगलवार को आर्थिक संकट के चलते इलाज बाधित हो गया।
दूसरी तरफ लखौरी निवासी यशपाल सिंह पुत्र महताब सिंह एक माह से बीमार चल थे। उनके बेटे प्रदीप का लखौरी स्थित प्रथमा बैंक में था लेकिन बैंक से रुपये नहीं मिल पा रहे थे। रुपये न चंदौसी। उपचार के लिए नगदी का जुगाड़ नहीं हो सका, जबकि परिजन बैंक के चक्कर लगाते रहे। नगदी के कारण उपचार नहीं हो सका और वृद्ध ने दम तोड़ दिया। थाना बनियाठेर के गांव बेहटा साहू निवासी बाबूराम (60) पुत्र गंगाराम करीब एक माह से बीमार चल रहा था।
उसका इलाज चंडीगढ़ के अस्पताल में चल रहा था। बाबूराम का बैंक खाता नरौली के सिंडीकेट व प्रथमा बैंक में है। जब भी रकम की जरूरत होती तो उनके परिवार का कोई सदस्य बैंक से रुपये निकाल कर ले आता था। लेकिन हर बार मात्र दो हजार रुपये निकलने से इलाज सही तरीके से नहीं हो पा रहा था। दो बार से लंबी लाइन होने के कारण नगदी नहीं मिल सकी। जिसके कारण बाबूराम ने सोमवार को चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। मंगलवार को बाबूराम का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। चाची की मौत पहले ही हो चुकी है। मृतक बाबूराम अपने पीछे तीन शादीशुदा बेटे-बेटियों को छोड़ गए हैं।
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नकदी निकालने को लगी एटीएम पर कतार
बहजोई। तीन दिन बाद बैंक खुलने के बाद शहर के बैंको पर नगदी निकालने के लिए मारामारी मची रही। स्टेट बैंक, बैक आफ बडौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि पर सुबह से ही लंबी लाइन लग गई। देर शाम तक बैंको के बाहर लाइन लगी रही। ऐसा ही कुछ हाल एटीएम पर रहा। नगदी निकालने के लिए धक्का मुक्की की गई। पीएनबी के एटीम पर नगदी निकालने के लिए देर शाम तक लोग लाइन में लगे रहे
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हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव रुदायन निवासी इस्लाम कई दिनों से बीमार था। परिजन पहले इस्लाम को संभल और फिर चंदौसी के निजी अस्पताल में लेकर गए। हालत में सुधार न होने पर परिजन इस्लाम को मुरादाबाद ले जाने चाहते थे लेकिन बैंक से रुपये नहीं निकल सकेे। परिजनों ने बताया कि मोहद्दीनपुर स्थित प्रथमा बैंक में इस्लाम के बेटे जाहिद का खाता था और वह कई बार जाकर बैंक के कतार में लगा लेकिन रुपये नहीं मिल पाए। उसने किसी तरह से उधार में रुपये लेकर काम चलाया। लेकिन मंगलवार को आर्थिक संकट के चलते इलाज बाधित हो गया।
दूसरी तरफ लखौरी निवासी यशपाल सिंह पुत्र महताब सिंह एक माह से बीमार चल थे। उनके बेटे प्रदीप का लखौरी स्थित प्रथमा बैंक में था लेकिन बैंक से रुपये नहीं मिल पा रहे थे। रुपये न चंदौसी। उपचार के लिए नगदी का जुगाड़ नहीं हो सका, जबकि परिजन बैंक के चक्कर लगाते रहे। नगदी के कारण उपचार नहीं हो सका और वृद्ध ने दम तोड़ दिया। थाना बनियाठेर के गांव बेहटा साहू निवासी बाबूराम (60) पुत्र गंगाराम करीब एक माह से बीमार चल रहा था।
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उसका इलाज चंडीगढ़ के अस्पताल में चल रहा था। बाबूराम का बैंक खाता नरौली के सिंडीकेट व प्रथमा बैंक में है। जब भी रकम की जरूरत होती तो उनके परिवार का कोई सदस्य बैंक से रुपये निकाल कर ले आता था। लेकिन हर बार मात्र दो हजार रुपये निकलने से इलाज सही तरीके से नहीं हो पा रहा था। दो बार से लंबी लाइन होने के कारण नगदी नहीं मिल सकी। जिसके कारण बाबूराम ने सोमवार को चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। मंगलवार को बाबूराम का शव गांव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। चाची की मौत पहले ही हो चुकी है। मृतक बाबूराम अपने पीछे तीन शादीशुदा बेटे-बेटियों को छोड़ गए हैं।
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नकदी निकालने को लगी एटीएम पर कतार
बहजोई। तीन दिन बाद बैंक खुलने के बाद शहर के बैंको पर नगदी निकालने के लिए मारामारी मची रही। स्टेट बैंक, बैक आफ बडौदा, पंजाब नेशनल बैंक, इलाहाबाद बैंक आदि पर सुबह से ही लंबी लाइन लग गई। देर शाम तक बैंको के बाहर लाइन लगी रही। ऐसा ही कुछ हाल एटीएम पर रहा। नगदी निकालने के लिए धक्का मुक्की की गई। पीएनबी के एटीम पर नगदी निकालने के लिए देर शाम तक लोग लाइन में लगे रहे