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शेड्यूल के मुताबिक ट्यूवेलों को बिजली नहीं, सिंचाई प्रभावित, सूख रही फसलें
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संभल। शेड्यूल के मुताबिक नलकूपों को बिजली नहीं मिल रही है। इससे सिंचाई प्रभावित है और किसानों की फसलें सूख रही हैं। वहीं, बिजली आपूर्ति मिलने के दौरान ट्रिपिंग की समस्या भी किसानों को परेशान कर रही है। बेबस किसान परेशान हो रहे हैं पर कोई सुनने को तैयार नही है।
शहर क्षेत्र में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। संभल जिले में बिजली आपूर्ति का हाल बुरा है। देहात क्षेत्र में मुश्किल से पांच से छह घंटे विद्युत आपूर्ति मिल रही है।
खास बात यह है कि संभल तहसील क्षेत्र के अख्त्यारपुर चौबे और रसूलपुर धतरा गांव ऐसे हैं, जहां लाइट एक दिन छोड़कर मिलती है। यदि अख्त्यारपुर चौबे को बिजली मिली तो रसूलपुर धतरा को नहीं मिलेगी और रसूलपुर को मिली तो अख्त्यारपुर चौबे को नहीं मिलेगी। ओवरलोडिंग की समस्या से ऐसा हो रहा है। अन्य गांवों के किसानों का कहना है कि रात में मनमाने तरीके से बिजली कटौती के चलते सिंचाई नहीं हो पाती। दिन में यही हाल रहता है। किसान ट्यूबवेल नहीं चला पा रहे हैं, जिससे किसानी का काम प्रभावित हो रहा है।
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शहर क्षेत्र में 24 घंटे, तहसीलों में 20 घंटे और गांवों में 18 घंटे में बिजली आपूर्ति का शेड्यूल निर्धारित है। संभल जिले में बिजली आपूर्ति का हाल बुरा है। देहात क्षेत्र में मुश्किल से पांच से छह घंटे विद्युत आपूर्ति मिल रही है।
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खास बात यह है कि संभल तहसील क्षेत्र के अख्त्यारपुर चौबे और रसूलपुर धतरा गांव ऐसे हैं, जहां लाइट एक दिन छोड़कर मिलती है। यदि अख्त्यारपुर चौबे को बिजली मिली तो रसूलपुर धतरा को नहीं मिलेगी और रसूलपुर को मिली तो अख्त्यारपुर चौबे को नहीं मिलेगी। ओवरलोडिंग की समस्या से ऐसा हो रहा है। अन्य गांवों के किसानों का कहना है कि रात में मनमाने तरीके से बिजली कटौती के चलते सिंचाई नहीं हो पाती। दिन में यही हाल रहता है। किसान ट्यूबवेल नहीं चला पा रहे हैं, जिससे किसानी का काम प्रभावित हो रहा है।
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