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गर्भवती महिलाओं को दी जाने वाली दवाई सड़क किनारे फेंकी
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संभल। पवांसा सीएचसी क्षेत्र के गांव गोविंदपुर में भारी मात्रा में दवाई सड़क किनारे मिली हैं। इसकी जानकारी ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग को दी। मौके पर पहुंचे स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि आयरन की गर्भवती महिलाओं को दी जानी वाली दवाई है। कई ऐसे सिरप मिले हैं जो गर्भवती महिलाओं को ताकत के लिए दिए जाते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि इन दवाओं में ज्यादातर दवाई एक्सपायर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जांच होगी, जो दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
शनिवार की दोपहर गांव गोविंदपुर के बाहरी ओर सड़क किनारे 2800 विटामिन की गोलियां, सिरप और खाली रेपर मिले हैं। विटामिन की गोलियां एक्सपायर 2023 में होंगी। चार सिरप ऐसे मिले हैं जो एक्सपायर हो चुके हैं। मौके पर पहुंचे पवांसा सीएचसी के कर्मचारियों ने बताया कि यह दवाई गर्भवती महिलाओं को दी जाती है। इसका वितरण आशा वर्कर के द्वारा किया जाता है। फार्मासिस्ट ने स्वीकार किया है कि यह दवाई आशा को दी गईं थीं। इसका रिकॉर्ड भी सीएचसी में दर्ज है।
वहीं गांव की आशा वर्कर का कहना है कि जो दवाई उन्हें मिली थीं वह उनके पास हैं। यह दवाई किसकी है। इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल दवाई को स्वास्थ्य कर्मी सड़क से उठाकर सीएचसी ले गए हैं।
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ग्रामीणों के द्वारा दवाइयां गांव गोविंदपुर में सड़क किनारे पड़ी होने की सूचना मिली थी। जो दवाइयां मिली हैं, वह पंवासा सीएचसी की हैं। यह दवाइयां गर्भवती महिलाओं के लिए आशा वर्कर को दी जाती हैं। जो दवाइयां मिली हैं, वह एक वर्ष पहले आशा को दी गईं थीं। जिसका रिकॉर्ड अस्पताल में मौजूद है।
गिरीश चंद्र शर्मा, फार्मासिस्ट, सीएचसी पंवासा
गांव में मिली दवाइयों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। पंवासा सीएचसी से जो दवाइयां मुझे मिलती हैं वह मेरे पास रखी हैं।
रजनी, आशा वर्कर, गांव गोविंदपुर
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शनिवार की दोपहर गांव गोविंदपुर के बाहरी ओर सड़क किनारे 2800 विटामिन की गोलियां, सिरप और खाली रेपर मिले हैं। विटामिन की गोलियां एक्सपायर 2023 में होंगी। चार सिरप ऐसे मिले हैं जो एक्सपायर हो चुके हैं। मौके पर पहुंचे पवांसा सीएचसी के कर्मचारियों ने बताया कि यह दवाई गर्भवती महिलाओं को दी जाती है। इसका वितरण आशा वर्कर के द्वारा किया जाता है। फार्मासिस्ट ने स्वीकार किया है कि यह दवाई आशा को दी गईं थीं। इसका रिकॉर्ड भी सीएचसी में दर्ज है।
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वहीं गांव की आशा वर्कर का कहना है कि जो दवाई उन्हें मिली थीं वह उनके पास हैं। यह दवाई किसकी है। इसकी जानकारी नहीं है। फिलहाल दवाई को स्वास्थ्य कर्मी सड़क से उठाकर सीएचसी ले गए हैं।
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ग्रामीणों के द्वारा दवाइयां गांव गोविंदपुर में सड़क किनारे पड़ी होने की सूचना मिली थी। जो दवाइयां मिली हैं, वह पंवासा सीएचसी की हैं। यह दवाइयां गर्भवती महिलाओं के लिए आशा वर्कर को दी जाती हैं। जो दवाइयां मिली हैं, वह एक वर्ष पहले आशा को दी गईं थीं। जिसका रिकॉर्ड अस्पताल में मौजूद है।
गिरीश चंद्र शर्मा, फार्मासिस्ट, सीएचसी पंवासा
गांव में मिली दवाइयों के बारे में मुझे जानकारी नहीं है। पंवासा सीएचसी से जो दवाइयां मुझे मिलती हैं वह मेरे पास रखी हैं।
रजनी, आशा वर्कर, गांव गोविंदपुर