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संभल में रामभद्राचार्य: 'हम किसी से उलझेंगे नहीं..कोई छेड़ेगा तो छोड़ेंगे नहीं, जहां मंदिर उसे अब लेकर रहेंगे'

Mon, 14 Apr 2025 12:43 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल Updated Mon, 14 Apr 2025 12:43 AM IST
सार

संभल में श्रीरामकथा के दौरान रामभद्राचार्य जी ने चौपाइयों और भजनों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म की रक्षा के लिए सब कुछ समर्पित होना चाहिए। अब मंदिरों को लेकर कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा – हम किसी को नहीं छेड़ेंगे, लेकिन अगर कोई छेड़ेगा तो छोड़ेंगे नहीं, अब हिंदू जाग चुका है।

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Rambhadracharya in Sambhal: 'We will not mess with anyone...if anyone teases us, we will not leave them
संभल में कथा सुनाते जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज - फोटो : संवाद

संभल जिले के बहजोई में आयोजित श्रीरामकथा में जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज ने चौपाइयां सुनाकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उन्होंने हिंदुत्व पर अपनी बात रखते हुए श्रोताओं में जोश भर दिया। उन्होंने कहा कि हम हिंदू हैं, तो हिंदू धर्म की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्राण समर्पित होने चाहिए। वह बोले, जहां-जहां मंदिर हैं, वह तो हम ले ही लेंगे।

Rambhadracharya in Sambhal: 'We will not mess with anyone...if anyone teases us, we will not leave them
संभल में कथा सुनाते जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज - फोटो : संवाद

इसमें कोई समझौता नहीं होगा। भगवान श्रीराम की कृपा हुई और वक्फ बोर्ड का मामला पास हुआ। जगद्गुरु ने भजन के माध्यम से कहा कि भूलकर भी किसी को न छेड़ेंगे हम, और छेड़ने पर किसी को न छोड़ेंगे हम। अब हिंदू नहीं, सोचेगा। संभल कल्कि भगवान की धरती है। यहां भगवान कल्कि का अवतार होना है। 

Rambhadracharya in Sambhal: 'We will not mess with anyone...if anyone teases us, we will not leave them
संभल में कथा सुनाते भक्त - फोटो : संवाद

जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज ने कहा कि श्रीराम राष्ट्र नायक इसलिए बने कि उन्हें हनुमान जैसा पूरी तरह से समर्पित सेवक मिला। वीर हनुमान रामावतार में श्रीराम के दूत व पुत्र बने और कृष्णावतार में कृष्ण जी के मित्र। रविवार को हुए आयोजन में आयोजकों ने हीरादेवी तोताराम कन्या इंटर कॉलेज में पहुंचने पर रामभद्राचार्य जी महाराज के चरण छूकर व माला पहनाकर आशीर्वाद लिया। इसके बाद वेद मंत्र हुए। मंच पर विराजित जगद्गुरु के मुख से निकली मंगल भवन, अमंगल हारी व सीताराम हनुमान आदि चौपाइयां सुनकर श्रोता झूमने पर मजबूर हो गए।

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संभल में कथा सुनते लोग - फोटो : संवाद

जगद्गुरु वीर हनुमान के प्रसंग सुनाते हुए कहा कि वीर हनुमान भगवान राम के पुत्र व कन्हैया के मित्र हैं। कन्हैया जी ने महाभारत में हनुमान को अर्जुन के रथ पर लगे ध्वज पर बैठाया और स्वयं सारथी बनकर नीचे रथ पर बैठे। वह बोले, श्रीराम राष्ट्र नायक बने। वह इसलिए कि श्रीराम को हनुमान जैसा पूरी तरह से समर्पित सेवक मिला। वीर हनुमान रामावतार में श्रीराम के दूत व पुत्र बने और कृष्णावतार में कृष्ण जी के मित्र। इसी प्रकार जैसे कन्हैया ने दो माताएं बनाईं। देवकी व यशोदा।

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Rambhadracharya in Sambhal: 'We will not mess with anyone...if anyone teases us, we will not leave them
संभल में कथा से पहले हवन - फोटो : संवाद

उसी प्रकार हनुमान ने भी दो माताएं बताईं। अंजना व सीता। वहीं, कन्हैया ने दो पिता बनाए। वासुदेव व नंदबाबा। उसी प्रकार हनुमान ने दो पिता बनाए। पवन व केसरी। इस बीच वीर हनुमान का प्रसंग सुनकर श्रोता दोनों हाथों से तालियां बजाकर जय-जयकार कर रहे थे। इसके बाद भगवान श्रीराम की महाआरती कर प्रसाद वितरण किया गया। इससे पहले  आयोजकों में सेवानिवृत डीआईजी शिवकुमार वार्ष्णेय, तीरथ वार्ष्णेय, अजय कुमार नीटू, कपिल गुप्ता, गोविंद इलैक्ट्रॉनिक्स, सचिन कुमार नन्हा, टिंकू सेठ, नीटू कठैरिया व अनुज कुमार हिटलर रहे।

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