उत्तर प्रदेश के संभल जिले के चर्चित धनवर्षा मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें जिले से दूसरे जिलों व राज्यों को रवाना हो चुकी हैं। एएसपी अनुकृति शर्मा ने बताया कि धनवर्षा वाले मामले में गिरफ्तार किए गए आरोपी प्रोफेसर दशरथ सिंह व डीएन त्रिपाठी से जुड़े संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें रवाना हुई हैं। एएसपी ने बताया कि यह पुलिस टीमें दिल्ली समेत दूसरे राज्यों व जिलों से मिले इनपुट के आधार पर रवाना की गई हैं। जल्द ही टीमें आरोपियों को गिरफ्तार कर जिले के लिए लौटेंगी। इसके बाद पूरे मामलों में बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
धनवर्षा गिरोह से जुड़े नए खुलासे: कुंवारी लड़कियां रहती थीं निशाने पर, जांच करते थे आरोपी; ASP ने खोले हर राज
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य अपने गिरोह को कोड भाषा में मीडिया कहते हैं। यह गिरोह तंत्र क्रिया कर घर में नोटों की बारिश होने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को झांसा देता था और उनको प्रलोभन देकर लड़कियों और लड़कों का शोषण करता था।
नोटों की बारिश होने का देते थे झांसा
पुलिस के अनुसार, इस गिरोह के सदस्य अपने गिरोह को कोड भाषा में मीडिया कहते हैं। यह गिरोह तंत्र क्रिया कर घर में नोटों की बारिश होने का झांसा देकर भोले-भाले लोगों को झांसा देता था और उनको प्रलोभन देकर लड़कियों और लड़कों का शोषण करता था। धन वर्षा तांत्रिक क्रिया एक ऐसी तांत्रिक पद्धति है जिसमें किसी दुर्लभ सामान के ऊपर कारीगर या गुरु या डीआर (कोड नेम) के द्वारा किसी विशेष दिनों में पूजा करने से धन की वर्षा होती है।
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ऐसी लड़कियों की रहती थी तलाश
जिसे यह आरोपी कोड भाषा में टमाटर, टीटी या आर्टिकल या सामान कहते हैं। गिरोह के सदस्य झांसा देते हैं कि तंत्र क्रिया के लिए युवती कुंवारी हो, लंबाई 5 फीट 5 इंच से अधिक, शरीर पर कोई कटे-जले व टैटू गोदना का निशान नहीं, कोई ऑपरेशन नहीं, किसी जानवर ने काटा नहीं हो। यह नोटों की बारिश करवाने के लिए एक गुरु या कारीगर (कोड नाम) होता है। जो तंत्र क्रिया करता है। यह लोग गरीब परिवार को निशाना बनाते हैं और उन्हें प्रलोभन देते हैं कि उनकी लड़की विशेष गुण संपन्न है, जिस पर तंत्र क्रिया करने से घर में नोटों की बारिश होगी।
लड़की के ऊपर तंत्र क्रिया करने पर सबसे ज्यादा धनवर्षा होने का देते थे लालच
पुलिस के मुताबिक यह गिरोह किसी भी वस्तु को पूजा के लिए विशेष या दुर्लभ वस्तु बताकर भ्रम फैलाता था। यह दुर्लभ सामान कोई भी वस्तु हो सकती है। जैसे 20 नख का कछुआ, दो मुंह का सांप, विशेष प्रजाति का उल्लू, विशेष सीरियल नंबर के नोट, पुराने सिक्के और नव युवतियां और नवयुवक। गिरोह यह भ्रम फैलाता है कि सबसे ज्यादा नोटों की वर्षा लड़की के ऊपर तंत्र क्रिया करने पर होती है।
तंत्र क्रिया से पहले लड़की की होती है जांच, फिर ले जाते थे गुरु के पास
तंत्र क्रिया करने से पहले गुरु या कारीगर (कोड नाम) लड़की का वीडियो बनवाता है। उसके हाथ में एक कागज देकर एक फोटो खींची जाती है। इसके अलावा अन्य चीजें भी देखी जाती हैं। इसके बाद गिरोह के सदस्य लड़की को गुरु कारीगर के पास लेकर जाते हैं, जो की एकांत में लड़की पर तंत्र क्रिया का नाटक करता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, तंत्र क्रिया के दौरान लड़कियों के प्राइवेट पार्ट की पूजा की जाती थी। लंबी लड़कियों की डिमांड अधिक रहती है।