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Sambhal News: तिमनपुर में पिंजरे से 500 मीटर दूर तेंदुए के पंजों के मिले निशान
Fri, 15 Mar 2024 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 15 Mar 2024 02:27 AM IST
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संभल। तिमनपुर गांव में करीब एक माह से तेंदुआ की दहशत है। लगातार पंजों के निशान मिलने पर वन विभाग की टीम ने तेंदुआ पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने के बाद बकरी भी बांधी है, लेकिन तेंदुआ पकड़ में नहीं आ सका है। बृहस्पतिवार को पिंजरे से 500 मीटर की दूरी पर किसान बलराम सिंह के खेत में तेंदुए के पंजों के निशान मिले हैं।
क्षेत्र के गांव तिमनपुर गांव में 16 फरवरी को पहली बार तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद 29 फरवरी को एक गन्ने के खेत से निकलते हुए वीडियो भी सामने आया तो वन विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की तो तेंदुए के पंजों के निशान मिले। जिसके बाद गांव में निगरानी के लिए कैमरा लगाया गया। लगातार तेंदुआ दिखने के बाद छह दिन पहले वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाकर अंदर बकरी बांध दी। लेकिन अभी तक तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस सका है। बृहस्पतिवार को पिंजरे से 500 मीटर की दूरी पर पंजों के निशान मिले। बृहस्पतिवार को डिप्टी रेंजर उस्मान अली के नेतृत्व में गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने पिंजरे को गन्ने की पत्ती से कवर किया है। अंदर बकरी बांधी है। जिससे तेंदुए को पकड़ा जा सके फिलहाल वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अकेले खेतों पर जाने से मना किया है। ग्राम प्रधान चंद्रसेन ने बताया कि गन्ने की कटाई ग्रामीणों ने शुरू कर दी है। जिससे गन्ने के खेतों से तेंदुआ बाहर निकल सके। ग्रामीण खेतों पर लाठी-डंडों के साथ जा रहे हैं। अकेले कोई नहीं जा रहा।
खेतों में कई जंगली जानवर घूम रहे, शायद इसलिए जाल में बंधे बकरे तक नहीं पहुंच रहा तेंदुआ
गांव तिमनपुर में जो सीसीटीवी वन विभाग की ओर से लगाए गए हैं। उसमें कई तरह के जानवर कैद हो रहे हैं। इसमें जंगली सुअर, नील गाय, गीदड़ और जंगली कुत्ते शामिल हैं। जंगली सुअर ज्यादा संख्या में खेतों में घूम रहे हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ इन्हीं जानवरों में से शिकार कर खा रहा है। इसलिए ही शायद वह जाल में बंधे बकरे तक नहीं पहुंच रहा।
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क्षेत्र के गांव तिमनपुर गांव में 16 फरवरी को पहली बार तेंदुआ देखा गया था। इसके बाद 29 फरवरी को एक गन्ने के खेत से निकलते हुए वीडियो भी सामने आया तो वन विभाग की टीम ने गांव में पहुंचकर जांच की तो तेंदुए के पंजों के निशान मिले। जिसके बाद गांव में निगरानी के लिए कैमरा लगाया गया। लगातार तेंदुआ दिखने के बाद छह दिन पहले वन विभाग की टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाकर अंदर बकरी बांध दी। लेकिन अभी तक तेंदुआ पिंजरे में नहीं फंस सका है। बृहस्पतिवार को पिंजरे से 500 मीटर की दूरी पर पंजों के निशान मिले। बृहस्पतिवार को डिप्टी रेंजर उस्मान अली के नेतृत्व में गांव पहुंची वन विभाग की टीम ने पिंजरे को गन्ने की पत्ती से कवर किया है। अंदर बकरी बांधी है। जिससे तेंदुए को पकड़ा जा सके फिलहाल वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों से अकेले खेतों पर जाने से मना किया है। ग्राम प्रधान चंद्रसेन ने बताया कि गन्ने की कटाई ग्रामीणों ने शुरू कर दी है। जिससे गन्ने के खेतों से तेंदुआ बाहर निकल सके। ग्रामीण खेतों पर लाठी-डंडों के साथ जा रहे हैं। अकेले कोई नहीं जा रहा।
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खेतों में कई जंगली जानवर घूम रहे, शायद इसलिए जाल में बंधे बकरे तक नहीं पहुंच रहा तेंदुआ
गांव तिमनपुर में जो सीसीटीवी वन विभाग की ओर से लगाए गए हैं। उसमें कई तरह के जानवर कैद हो रहे हैं। इसमें जंगली सुअर, नील गाय, गीदड़ और जंगली कुत्ते शामिल हैं। जंगली सुअर ज्यादा संख्या में खेतों में घूम रहे हैं। इससे अनुमान लगाया जा रहा है कि तेंदुआ इन्हीं जानवरों में से शिकार कर खा रहा है। इसलिए ही शायद वह जाल में बंधे बकरे तक नहीं पहुंच रहा।
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