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Sambhal News: मुख्यमंत्री आरोग्य मेलों में नहीं हो रहीं जांंचें, मरीज परेशान
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संभल। जिले में मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले औपचारिक साबित हो रहे हैं। रविवार को 28 प्राथमिक व चार नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मेले आयोजित किए गए। यह मेले सुबह 10 से शाम चार बजे तक आयोजित किए जाने का आदेश है। इसमें दवाई का वितरण तो किया गया। लेकिन जांच नहीं होती मिलीं। कई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर समय से पहले ही चिकित्सक और स्टाफ चले गए। यह मेले सुबह दस से शाम चार बजे तक आयोजित किए जाने का आदेश है। इन मेलों में एलोपैथ, होम्योपैथी और आयुर्वेद के चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मचारियों को मरीजों की जांच और इलाज करना है। लेकिन कुछ पीएचसी पर यह कार्य सिर्फ कागजों में ही हो रहा है। इसकी पड़ताल की तो कई जगह हकीकत सामने आई। गांव अल्लीपुर बुजुर्ग के पीएचसी पर दोपहर 12:30 बजे चिकित्सक मरीजों का उपचार कर निशुल्क दवाई वितरण कर रहे थे, लेकिन एलटी नहीं था। चिकित्सक ने 35 मरीजों का उपचार कर दवाई दी। जांच किसी मरीज की नहीं हुई। गांव ऐंचौली स्थित पीएचसी में दोपहर 2:47 बजे मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। गांव मोहम्मदपुर टांडा के पीएचसी पर दोपहर 3 बजे के बाद स्टाफ नहीं मिला। ऐसा ही हाल अन्य कई पीएचसी पर देखने को मिला। मरीजों के लिए बड़ी समस्या जांच नहीं होने की है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक जिले में आयोजित स्वास्थ्य मेलों में 2528 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण हुआ है।
आरोग्य मेले में यह सुविधाएं मिलनी चाहिए:
गर्भावस्था एवं प्रसव कालीन परामर्श, संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम, बचाव एवं उपचार की जानकारी, बच्चों का नियमित टीकाकरण, परामर्श एवं सेवाएं, परिवार नियोजन संबंधी परामर्श एवं सुविधाएं विशेषकर अंतरा-छाया आदि, टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ रोग से संबन्धित जानकारी, आवश्यक जांच। जिन जांच को पीएचसी स्तर पर करना संभव नही है, उन्हें रेफर किया जाना चाहिए।
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आरोग्य मेले में यह सुविधाएं मिलनी चाहिए:
गर्भावस्था एवं प्रसव कालीन परामर्श, संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम, बचाव एवं उपचार की जानकारी, बच्चों का नियमित टीकाकरण, परामर्श एवं सेवाएं, परिवार नियोजन संबंधी परामर्श एवं सुविधाएं विशेषकर अंतरा-छाया आदि, टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ रोग से संबन्धित जानकारी, आवश्यक जांच। जिन जांच को पीएचसी स्तर पर करना संभव नही है, उन्हें रेफर किया जाना चाहिए।
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