{"_id":"6a908543b01cdce9aa047666","slug":"investigation-report-not-submitted-even-after-30-months-dm-warns-bsa-sambhal-news-c-275-1-smbd1034-139588-2026-08-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: 30 माह बाद भी नहीं दी जांच रिपोर्ट, डीएम ने बीएसए को चेताया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: 30 माह बाद भी नहीं दी जांच रिपोर्ट, डीएम ने बीएसए को चेताया
Fri, 28 Aug 2026 12:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Fri, 28 Aug 2026 12:13 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बहजोई। जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने बीएसए अलका शर्मा को चेतावनीपत्र जारी किया है। यह कार्रवाई ब्लॉक पंवासा की ग्राम पंचायत सौंधन मोहम्मदपुर में विकास कार्यों की जांच रिपोर्ट 30 माह बाद भी उपलब्ध न कराने पर की गई है। ग्रामीणों ने इन कार्यों में अनियमितता की शिकायत की थी।
डीएम ने बृहस्पतिवार को जारी पत्र में कहा कि 16 दिसंबर 2023 को जांच के लिए डिप्टी कलक्टर और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को नामित किया गया था। डिप्टी कलक्टर के स्थानांतरण के बाद बीएसए को जांच अधिकारी बनाया गया। उन्हें जल्द ही डीपीआरओ कार्यालय में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, करीब ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली है। डीपीआरओ कार्यालय से तीन और सीडीओ कार्यालय से पांच रिमाइंडर पत्र भेजे जा चुके हैं। डीएम ने इसे राजकीय कार्यों में घोर लापरवाही बताया है।
जिलाधिकारी ने बीएसए को सचेत करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्हें दिए गए बिंदुओं पर साक्ष्यों सहित जांच आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया है। डीएम ने इस मामले में किसी भी तरह की और देरी पर सख्त रुख अपनाने की बात कही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने बृहस्पतिवार को जारी पत्र में कहा कि 16 दिसंबर 2023 को जांच के लिए डिप्टी कलक्टर और पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को नामित किया गया था। डिप्टी कलक्टर के स्थानांतरण के बाद बीएसए को जांच अधिकारी बनाया गया। उन्हें जल्द ही डीपीआरओ कार्यालय में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, करीब ढाई वर्ष बीत जाने के बाद भी रिपोर्ट नहीं मिली है। डीपीआरओ कार्यालय से तीन और सीडीओ कार्यालय से पांच रिमाइंडर पत्र भेजे जा चुके हैं। डीएम ने इसे राजकीय कार्यों में घोर लापरवाही बताया है।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने बीएसए को सचेत करते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्हें दिए गए बिंदुओं पर साक्ष्यों सहित जांच आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया है। डीएम ने इस मामले में किसी भी तरह की और देरी पर सख्त रुख अपनाने की बात कही है।
विज्ञापन