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मांगों के समर्थन में भाकियू टिकैत ने एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
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संभल। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा। साथ ही समस्याओं का समाधान कराए जाने की मांग की है।
बुधवार को नई तहसील पर भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों द्वारा उपजिलाधिकारी रमेश बाबू को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि गांव कुरकावली स्थित एक बैंक में किसानों की एफडी खातों में धनराशि नहीं दर्ज की गई है। जबकि किसानों के पास जमा की पर्ची भी है। साथ ही दूसरी बैंक द्वारा किसानों से केसीसी बनवाने पर सुविधा शुल्क वसूला रहा है और केसीसी बनवाने के नाम पर फाइल चार्ज व अन्य चार्ज भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व में बारिश से बरबाद हुई किसानों की फसलों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है और बारिश से काले पड़े धान को सरकारी क्रय केंद्रों पर भी नहीं तौला जा रहा है। जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किसानों द्वारा सरकारी क्रय केंद्र पर तोले गए धान का भुगतान भी नहीं हुआ है।
किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य गंगा नहर व गंगा एक्सप्रेस वे भूमि अधिग्रहण के बैनामे के नाम पर वसूली की जा रही है और मध्य गंगा नहर के फ्लाईओवर के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गड्ढा मुक्त योजना के तहत लिंक मार्गों को गड्ढा मुक्त के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। मांग की कि सभी समस्याओं का समाधान किया जाए। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष सुमित तेवरिया, जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष, महीदेव सिंह, नरेंद्र पाल सिंह, विपिन, सुलेमान, सुखराम सिंह आदि मौजूद रहे।
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बुधवार को नई तहसील पर भाकियू टिकैत के पदाधिकारियों द्वारा उपजिलाधिकारी रमेश बाबू को सौंपे गए ज्ञापन में बताया कि गांव कुरकावली स्थित एक बैंक में किसानों की एफडी खातों में धनराशि नहीं दर्ज की गई है। जबकि किसानों के पास जमा की पर्ची भी है। साथ ही दूसरी बैंक द्वारा किसानों से केसीसी बनवाने पर सुविधा शुल्क वसूला रहा है और केसीसी बनवाने के नाम पर फाइल चार्ज व अन्य चार्ज भी लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा पूर्व में बारिश से बरबाद हुई किसानों की फसलों का मुआवजा अभी तक नहीं मिला है और बारिश से काले पड़े धान को सरकारी क्रय केंद्रों पर भी नहीं तौला जा रहा है। जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं किसानों द्वारा सरकारी क्रय केंद्र पर तोले गए धान का भुगतान भी नहीं हुआ है।
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किसानों ने आरोप लगाते हुए कहा कि मध्य गंगा नहर व गंगा एक्सप्रेस वे भूमि अधिग्रहण के बैनामे के नाम पर वसूली की जा रही है और मध्य गंगा नहर के फ्लाईओवर के निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में गड्ढा मुक्त योजना के तहत लिंक मार्गों को गड्ढा मुक्त के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। मांग की कि सभी समस्याओं का समाधान किया जाए। इस दौरान संगठन के जिलाध्यक्ष शंकर सिंह यादव, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष सुमित तेवरिया, जिला महासचिव वीरेंद्र सिंह, तहसील अध्यक्ष, महीदेव सिंह, नरेंद्र पाल सिंह, विपिन, सुलेमान, सुखराम सिंह आदि मौजूद रहे।
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