फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Sambhal News ›   gunahon se door rho, hujoor ki sunnaton pr amal kro- maulana saad

गुनाहों से दूर रहो, हुजूर की सुन्नतों पर अमल करो: मौलाना साद

Tue, 27 Dec 2016 01:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल
ब्यूरो/अमर उजाला, संभल Updated Tue, 27 Dec 2016 01:01 AM IST
विज्ञापन
इसके पहले मौलाना साद कांधलवी ने अपने तकरीर में इज्तिमा में आए लाखों मुसलमानों से गुनाहों से दूर रहने और हुजूर की सुन्नतों पर अमल करने की नसीहत की। कहा कि ईमान की बात पर अमल करो। इंसानियत के लिए जियो। अल्लाह के नबी ने जिंदगी जीने का जो तरीका दिया है उसे असल जिंदगी में उतारो।
विज्ञापन



इज्तिमा के आखिरी दिन सोमवार को मौलाना साद कांधलवी ने अपने तीन घंटे की तकरीर में सबसे ज्यादा जोर नमाज पर दिया। नमाज को मजहब-ए-इस्लाम की धुरी बताया। नमाज का पाबंद रहने की सीख दी। कहा कि अगर कोई मुसलमान नमाज नहीं पढ़ रहा है तो उसका दीनी काम में कोई योगदान नहीं है। नमाज ही वो जरिया है, जिसके सहारे  मुसलमान अल्लाह तआला के करीब आता है। पांच वक्त नमाज पढ़ने और नबी-ए-करीम की सुन्नतों पर अमल करने से जिंदगी में बदलाव आता है। नबी-ए-करीम के बताए तरीके से नेक नीयत के साथ नमाज अदा करने से अल्लाह आपके लिए राजी हो जाता है।
विज्ञापन


जिंदगी में अधिक से अधिक अल्लाह का जिक्र करें। दिखावे के लिए कोई काम न करें। आखिर में दुआ कराई गई। दुनियावी जिंदगी को दीन के मुताबिक जीने और आखिरत को बनाने के लिए अल्लाह से तौफीक मांग रहे थे। इसके बाद दीनी तब्लीगों जमातों को दीनी बातों को लोगों के बीच ले जाने और दीन की दावत देने के लिए रवाना किया गया। 
विज्ञापन
विज्ञापन


समझ में न आए दीनी बात तो उलमा से लें जानकारी
संभल। मौलाना साद कांधलवी ने कहा कि कुरआन को पढ़ें और समझें। अगर कोई दीनी बात न समझ में आए तो उलमा से जानकारी हासिल करें। सही बात का जिक्र सबके साथ करें। जिक्र के बगैर इल्म जुल्मत ही जुल्मत है। लेकिन सिर्फ जिक्र करना ही काफी नहीं है। उससे ज्यादा जरूरी है कि जो इल्म आपने हासिल किया है उस पर अमल करें।  अगर आप दीनी इल्म के तौर तरीकों को अपनाए बगैर कोई काम करते हैं तो उस पर एतबार नहीं किया जा सकता है। दीनी इल्म ही वो जरिया है, जिसके जरिए सही गलत के बारे में आसानी से फैसला ले सकते हैं। 

पैगाम-ए-नबी को घर-घर पहुंचाने निकलीं 600 तब्लीगी जमातें
दीनी इज्तिमा में लाखों लोगों ने दीनी काम के लिए इरादा किया। दीन की राह में घर से निकले वाले भी कम नहीं रहे। इज्तिमा में छह सौ से अधिक नई तब्लीगी जमातें तैयार हुईं, जिन्हें उलमा ने पैगाम-ए-नबी को घर-घर पहुंचाने और नसीहतों के साथ रवाना किया। मुसलमानों को दीनदार बनाने के लिए तब्लीगी जमात में शामिल युवा और बुजुर्ग उत्साह से लबरेज दिखे।  



संभल में तीन दिन चले इज्तिमा में तब्लीगी जमातों में शामिल एक लाख से अधिक अकीदतमंद पहुंचे। जहां हर तकरीर के बाद नई जमातें तैयार होती रहीं। तमाम लोगों ने खुद ब खुद जमात में जाने की ख्वाहिश जताई। उनके नाम लिखने के बाद जमातों को तैयार किया गया। तैयार की गईं नई जमातों को दुआ के बाद रवाना किया गया। ये तब्लीगी जमातें पांच महीने से लेकर चालीस दिन तक अलग-अलग शहरों में दीन की खिदमत करेंगी। जोहर की नमाज के बाद शुरू हुआ ये सिलसिला देर रात तक चलता रहा। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed