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Sambhal News: प्राचीन से आधुनिक भारत तक शोध परंपरा पर अतिथि व्याख्यान आयोजित
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चंदौसी(संभल)। एनकेबीएमजी पीजी कॉलेज के सभागार में सोमवार को प्राचीन और आधुनिक इतिहास में शोध विषय पर एक ज्ञानवर्धक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ. अलका रानी अग्रवाल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर की। आयोजन आर एंड डी सेल, आईक्यूएसी एवं शिक्षा संकाय की ओर से किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अमिता चौधरी एवं डॉ. भावना बिष्ट रहीं।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर विकास शर्मा शामिल हुए। उन्होंने प्राचीन भारत की समृद्ध शोध परंपरा पर प्रकाश डालते हुए वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, गणित और खगोल विज्ञान में हुए शोध कार्यों की जानकारी दी। साथ ही आधुनिक भारत में विज्ञान, तकनीक और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों पर भी चर्चा की।
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उन्होंने छात्राओं को शोध के प्रति रुचि विकसित करने, तार्किक सोच अपनाने और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अलका रानी अग्रवाल ने कहा कि शोध किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है और छात्रों को निरंतर अध्ययन व नवाचार के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में डॉ. सुमन श्रेष्ठ, आरती ओझा, डॉ. प्रियंका, डॉ. मोनिका राघव, डॉ. मनीषा अग्रवाल, अंजुलि अग्रवाल, डॉ. इमराना, सुरभि पाराशरी, डॉ. प्रियंका आदि मौजूद रहीं।
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कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ. अलका रानी अग्रवाल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप जलाकर की। आयोजन आर एंड डी सेल, आईक्यूएसी एवं शिक्षा संकाय की ओर से किया गया। कार्यक्रम की संयोजक डॉ. अमिता चौधरी एवं डॉ. भावना बिष्ट रहीं।
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कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय, मेरठ के अंग्रेजी विभाग के प्रोफेसर विकास शर्मा शामिल हुए। उन्होंने प्राचीन भारत की समृद्ध शोध परंपरा पर प्रकाश डालते हुए वेद, उपनिषद, आयुर्वेद, गणित और खगोल विज्ञान में हुए शोध कार्यों की जानकारी दी। साथ ही आधुनिक भारत में विज्ञान, तकनीक और सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों पर भी चर्चा की।
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उन्होंने छात्राओं को शोध के प्रति रुचि विकसित करने, तार्किक सोच अपनाने और भारतीय ज्ञान परंपरा को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. अलका रानी अग्रवाल ने कहा कि शोध किसी भी राष्ट्र की प्रगति का आधार है और छात्रों को निरंतर अध्ययन व नवाचार के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में डॉ. सुमन श्रेष्ठ, आरती ओझा, डॉ. प्रियंका, डॉ. मोनिका राघव, डॉ. मनीषा अग्रवाल, अंजुलि अग्रवाल, डॉ. इमराना, सुरभि पाराशरी, डॉ. प्रियंका आदि मौजूद रहीं।