{"_id":"61e8612829af305d643a50ae","slug":"gold-is-selling-less-the-reason-is-winter-election-and-corona-sambhal-news-mbd4165096162","type":"story","status":"publish","title_hn":"कम बिक रहा सोना... वजह सर्दी, चुनाव और कोरोना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कम बिक रहा सोना... वजह सर्दी, चुनाव और कोरोना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल। सर्दी, चुनाव और कोरोना के कारण सराफा बाजार में मंदी छाई है। शादियों का सीजन होने के बाद भी कुछ ही लोग सोने-चांदी के जेवर खरीदने पहुंच रहे हैं। स्थिति यह है कि आम तौर पर 20 से 25 लाख रुपये तक प्रतिदिन होने वाला कारोबार अब एक से दो लाख रुपये का मुश्किल से हो रहा है। सराफा कारोबारियों का कहना है कि सर्दी, चुनाव और कोरोना की बंदिशों ने कारोबार को ठंडा किया है।
संभल, सरायतरीन, हयातनगर, सिरसी और असमोली क्षेत्र में सोने-चांदी के जेवर के करीब डेढ़ सौ प्रतिष्ठान हैं। सराफा कमेटी के आंकड़ों के अनुसार पहले आम दिनों में सोने-चांदी का कारोबार प्रतिदिन 20 से 25 लाख रुपये तक होता था, लेकिन अब मुश्किल से दस फीसदी व्यापार बचा है। कारोबार पर जहां सर्दी और कोरोना की मार है तो चुनाव ने भी इसे नुकसान पहुंचाया है। क्योंकि इस समय सहालग है और जरूरतमंद लोगों को सोने-चांदी के जेवर चाहिए, लेकिन चेकिंग के चलते नकदी लेकर चलने में लोग परहेज कर रहे हैं।
सराफा कमेटी और व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल बताते हैं कि चुनाव की वजह से जगह-जगह हो रही चेकिंग के चलते नकदी लेकर चलने में लोग परहेज कर रहे हैं। चुनाव आयोग को आचार संहिता के दौरान साथ में कम से कम पांच लाख रुपये की नकदी लेकर चलने की छूट देनी चाहिए। ताकि सहालग के इस सीजन में लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के अलावा जरूरत के बाकी सामान भी आसानी से खरीद सकें।
विज्ञापन
एक ओर कोरोना और दूसरी तरफ चुनाव के चलते कारोबार करीब दस फीसदी रह गया है। सुबह से शाम तक दुकानें खाली रहती हैं। चुनाव आयोग की बंदिशों ने भी कारोबार पर असर डाला है।
नरेंद्र अग्रवाल, व्यापार मंडल और सराफा कमेटी के अध्यक्ष
सराफा बाजार देहात क्षेत्र पर टिका है। अब सर्दी, कोरोना और चुनाव हैं तो बाजार में मांग कम हो गई है। इस बार विवाह समारोह भी कम हो रहे हैं, जिससे बाजार प्रभावित है और प्रतिष्ठान सूने हैं।
रुपेश सराफ, लाल सिंह ज्वैलर्स के संचालक
चुनाव, सर्दी और कोरोना के चलते लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी तक सीमित हो गए हैं। सराफा बाजार के साथ कपड़ों, जूता और कॉस्मेटिक्स के बाजार में मंदी हैं। कारोबारी खाली बैठें हैं और प्रतिष्ठान सूने हैं।
प्रभात कुमार, कारोबारी
विज्ञापन
संभल, सरायतरीन, हयातनगर, सिरसी और असमोली क्षेत्र में सोने-चांदी के जेवर के करीब डेढ़ सौ प्रतिष्ठान हैं। सराफा कमेटी के आंकड़ों के अनुसार पहले आम दिनों में सोने-चांदी का कारोबार प्रतिदिन 20 से 25 लाख रुपये तक होता था, लेकिन अब मुश्किल से दस फीसदी व्यापार बचा है। कारोबार पर जहां सर्दी और कोरोना की मार है तो चुनाव ने भी इसे नुकसान पहुंचाया है। क्योंकि इस समय सहालग है और जरूरतमंद लोगों को सोने-चांदी के जेवर चाहिए, लेकिन चेकिंग के चलते नकदी लेकर चलने में लोग परहेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
सराफा कमेटी और व्यापार मंडल के अध्यक्ष नरेंद्र अग्रवाल बताते हैं कि चुनाव की वजह से जगह-जगह हो रही चेकिंग के चलते नकदी लेकर चलने में लोग परहेज कर रहे हैं। चुनाव आयोग को आचार संहिता के दौरान साथ में कम से कम पांच लाख रुपये की नकदी लेकर चलने की छूट देनी चाहिए। ताकि सहालग के इस सीजन में लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी के अलावा जरूरत के बाकी सामान भी आसानी से खरीद सकें।
विज्ञापन
एक ओर कोरोना और दूसरी तरफ चुनाव के चलते कारोबार करीब दस फीसदी रह गया है। सुबह से शाम तक दुकानें खाली रहती हैं। चुनाव आयोग की बंदिशों ने भी कारोबार पर असर डाला है।
नरेंद्र अग्रवाल, व्यापार मंडल और सराफा कमेटी के अध्यक्ष
सराफा बाजार देहात क्षेत्र पर टिका है। अब सर्दी, कोरोना और चुनाव हैं तो बाजार में मांग कम हो गई है। इस बार विवाह समारोह भी कम हो रहे हैं, जिससे बाजार प्रभावित है और प्रतिष्ठान सूने हैं।
रुपेश सराफ, लाल सिंह ज्वैलर्स के संचालक
चुनाव, सर्दी और कोरोना के चलते लोग आवश्यक वस्तुओं की खरीदारी तक सीमित हो गए हैं। सराफा बाजार के साथ कपड़ों, जूता और कॉस्मेटिक्स के बाजार में मंदी हैं। कारोबारी खाली बैठें हैं और प्रतिष्ठान सूने हैं।
प्रभात कुमार, कारोबारी