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चार लाख रुपये की अनियमितता को लेकर ग्राम प्रधान व सचिव के खिलाफ एफआईआर के आदेश
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बहजोई। वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद धनराशि निकालकर विभिन्न फर्मों को भुगतान करने कर चार लाख रुपये की अनियमितता के आरोप में ग्राम प्रधान रजपुरा व सचिव के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराए जाने के आदेश दिए गए हैं। इसको लेकर डीपीआरओ की ओर से बीडीओ रजपुरा को पत्र लिया गया है।
जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि बीती 3 जुलाई 2020 को ग्राम पंचायत रजपुरा के ग्रामीणों की ओर से जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया गया था कि वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद ग्राम प्रधान व सचिव की ओर से 23 जनवरी 2020 को विभिन्न फर्मों आदि को 4 लाख 5 हजार 625 की वित्तीय अनियमितता की गई है। इसको लेकर जिलाधिकारी की ओर से जिला समाज कल्याण कल्याण अधिकारी व सहायक अभियंता डीआरडीए को जांच अधिकारी नामिता किया गया था।
जांच अधिकारियों की ओर से की गई जांच के बाद सामने आया कि ग्राम प्रधान की ओर से वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद धनराशि निकाली गई है। साथ ही स्थानीय हाट पैठ की नीलामी को लेकर भी अभिलेख नहीं दिखाए गए, जिससे कि मामले की ठीक से जांच ही नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इससे साफ है कि ग्राम प्रधान व सचिव की ओर से पूरे मामले में वित्तीय अनियमितता की गई है। डीपीआरओ ने बताया कि पूरे मामले में बीडीओ रजपुरा को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत रजपुरा की ग्राम प्रधान रिहाना बेगम व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मोहम्मद फारुख के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराए जाने के आदेश दिए गए हैं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी जाहिद हुसैन ने बताया कि बीती 3 जुलाई 2020 को ग्राम पंचायत रजपुरा के ग्रामीणों की ओर से जिलाधिकारी को शिकायती पत्र देकर बताया गया था कि वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद ग्राम प्रधान व सचिव की ओर से 23 जनवरी 2020 को विभिन्न फर्मों आदि को 4 लाख 5 हजार 625 की वित्तीय अनियमितता की गई है। इसको लेकर जिलाधिकारी की ओर से जिला समाज कल्याण कल्याण अधिकारी व सहायक अभियंता डीआरडीए को जांच अधिकारी नामिता किया गया था।
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जांच अधिकारियों की ओर से की गई जांच के बाद सामने आया कि ग्राम प्रधान की ओर से वित्तीय अधिकार सीज होने के बावजूद धनराशि निकाली गई है। साथ ही स्थानीय हाट पैठ की नीलामी को लेकर भी अभिलेख नहीं दिखाए गए, जिससे कि मामले की ठीक से जांच ही नहीं हो सकी। उन्होंने बताया कि इससे साफ है कि ग्राम प्रधान व सचिव की ओर से पूरे मामले में वित्तीय अनियमितता की गई है। डीपीआरओ ने बताया कि पूरे मामले में बीडीओ रजपुरा को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत रजपुरा की ग्राम प्रधान रिहाना बेगम व तत्कालीन ग्राम पंचायत सचिव मोहम्मद फारुख के खिलाफ एफआइआर दर्ज कराए जाने के आदेश दिए गए हैं।
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