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Sambhal News: पानी में डूबे किसानों के सपने, फसलें सड़ने की कगार पर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Tue, 15 Sep 2026 01:53 AM IST
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Farmers' dreams submerged; crops on the verge of rotting.
जुनावई। गंगा का पानी तटबंध के अंदर बसे गांवों से धीरे-धीरे उतर रहा है। हालांकि, किसानों की चिंताएं अब भी गहरी हैं, क्योंकि खेतों में दो से तीन फीट तक पानी भरा है। बाजरा सहित खरीफ की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं, जबकि धान और गन्ना सड़ने लगा है।
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उदिया नगला, बझांगी और सैंजना जैसे दर्जनों गांवों में यही स्थिति है। किसान पानी निकलने का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि दो-तीन दिन में पानी नहीं निकला तो बची-खुची फसल भी चौपट हो जाएगी। रविवार को गुन्नौर के एसडीएम अवधेश कुमार वर्मा ने उदिया नगला गांव का दौरा किया। उन्होंने किसानों से सीधा संवाद किया और खेतों में फसल की स्थिति का जायजा लिया।
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किसानों ने उन्हें बताया कि फसलें खराब हो चुकी हैं। एसडीएम ने आश्वासन दिया कि जिन किसानों की 33 फीसदी या उससे अधिक फसल बर्बाद हुई है, उन्हें शासन की ओर से मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानी निकलने के बाद राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन करेगी। रिपोर्ट के आधार पर पात्र किसानों को मुआवजा सूची में शामिल किया जाएगा। किसानों को उम्मीद जगी है, पर वे चाहते हैं कि सर्वे में देरी न हो।
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बझांगी गांव निवासी मुनेंद्र कुमार यादव, छत्रपाल सिंह यादव सहित अन्य किसानों ने बताया कि गंगा का कटान बझांगी और उदिया नगला क्षेत्र में अब भी जारी है। किसानों ने बताया कि सैकड़ों बीघा उपजाऊ कृषि भूमि गंगा में समा चुकी है। कई स्थानों पर फसल समेत खेत कटकर बह गए हैं, जिससे किसानों को जमीन का भी भारी नुकसान हुआ है। किसानों ने प्रशासन से कटान रोकने और प्रभावितों को अलग से सहायता देने की मांग की है।

मुख्य रास्ते पर दो से तीन फीट तक पानी
बाढ़ का पानी निकलने के बाद उदिया नगला और बझांगी को जोड़ने वाले मुख्य रास्ते में करीब सौ मीटर तक दो से तीन फीट पानी भरा है। ग्रामीण इसी पानी से होकर आने-जाने को मजबूर हैं। जहां पानी निकल गया है, वहां घुटनों तक कीचड़ जमा है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बच्चों और बुजुर्गों में खुजली और बुखार जैसी शिकायतें सामने आ रही हैं। प्रशासन ने मुआवजे की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिसके तहत हल्का लेखपाल आकाश कुमार किसानों की फार्मर आईडी बनवा रहे हैं और दस्तावेज जुटा रहे हैं।

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कटान होता है तो सर्वे करा कर किसानों को मुआवजा दिलाया जाएगा। हालांकि अभी कटान की स्थिति नहीं है। बाढ़ प्रभावित ग्रामों में पूरी निगरानी रखी जा रही है।
- अवधेश कुमार वर्मा, एसडीएम गुन्नौर
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