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Sambhal News: निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों ने भरी हुंकार
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चंदौसी। निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारियों के दूसरे चरण का आंदोलन शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को अधीक्षण अभियंता कार्यालय के बाहर बिजली कर्मचारियों ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया गया। साथ ही उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इंजीनियर ऑफ कांट्रेक्ट ने झूठा शपथपत्र देने के मामले में ग्रांट थॉर्टन का नियुक्ति आदेश रद्द करने की सिफारिश की थी। इसे न मान कर अब अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजेक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देकर निजीकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि इस घटना से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन की निजी घरानों से मिलीभगत है।
उत्तर प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण निगमों में घाटे के भ्रामक आंकड़ों देकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय लिया है। जिससे उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है। कहा कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मी पिछले छह माह से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने आज तक एक बार भी उनसे वार्ता नहीं की।
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बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों का उत्पीड़न करने की कोशिश की गई तो देश के तमाम 27 लाख बिजली कर्मी सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान आशीष कटारिया, रामकुंवर, आलोक कुमार, अजय कुमार, रोहित वरुण, के के सोनकर मोहित शर्मा, सचिन माथुर, राजेश कुमार, विनीत सिंह, हरीश, शिशुपाल, हरिओम आदि शामिल रहे।
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धरना प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि इंजीनियर ऑफ कांट्रेक्ट ने झूठा शपथपत्र देने के मामले में ग्रांट थॉर्टन का नियुक्ति आदेश रद्द करने की सिफारिश की थी। इसे न मान कर अब अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजेक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देकर निजीकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि इस घटना से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन की निजी घरानों से मिलीभगत है।
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उत्तर प्रदेश सरकार ने विद्युत वितरण निगमों में घाटे के भ्रामक आंकड़ों देकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय लिया है। जिससे उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों में भारी रोष व्याप्त है। कहा कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मी पिछले छह माह से लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने आज तक एक बार भी उनसे वार्ता नहीं की।
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बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों का उत्पीड़न करने की कोशिश की गई तो देश के तमाम 27 लाख बिजली कर्मी सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस दौरान आशीष कटारिया, रामकुंवर, आलोक कुमार, अजय कुमार, रोहित वरुण, के के सोनकर मोहित शर्मा, सचिन माथुर, राजेश कुमार, विनीत सिंह, हरीश, शिशुपाल, हरिओम आदि शामिल रहे।