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बिजलीघर बंद कर गए कर्मी, पांच गांवों की बिजली ठप
ब्यूरो अमर उजाला / संभ्ाल
Updated Tue, 22 May 2018 01:04 AM IST
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ग्रामीणों के आक्रोश और आंदोलन की वजह से संभल जिले के भवालपुर बासली स्थित विद्युत सब स्टेशन की व्यवस्था रविवार को दोपहर फेल हो गई। हद तो तब हुई जब सोमवार को सुबह सात बजे कर्मचारी सब स्टेशन पर ताला डालकर चले गए। पुलिस की मदद से देर शाम दोबारा बिजली व्यवस्था बहाल की गई है।
मामला एक लाइनमैन हरप्रसाद की मौत से जुड़ा हुआ है। शट डाउन के दौरान अचानक बिजली लाइन में करेंट आने की वजह 16 मई को हर प्रसाद की मौत हो गई थी। बिजली विभाग ने हरप्रसाद को अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर दिया था। जबकि हर प्रसाद कई वर्षों से लाइन ठीक करने के काम में लगे रहे हैं।
उनका परिवार भी सब स्टेशन परिसर में ही रहता है। बिजली विभाग ने हर प्रसाद को जब अपना कर्मचारी नहीं माना तो आक्रोश फैल गया। लोगों ने हर प्रसाद के परिवार के प्रति हमदर्दी जाहिर की और रविवार को जेई का घेराव किया। आंदोलन और हंगामा किया।
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ग्रामीणों के तेवर तीखे थे और वह उग्र आंदोलन की चेतावनी दे गए गए थे। इसलिए कर्मचारी डरे हुए थे और आशंकित थे। इसी के चलते सोमवार को सुबह कर्मचारी सब स्टेशन छोड़कर चले गए।
अमरोहा से अधिशासी अभियंता ने बताया कि हर प्रसाद हमारा कर्मचारी नहीं है। उसका बेटा संविदा कर्मचारी है। सब स्टेशन से 16 मई को शट डाउन नहीं लिया गया था। इसलिए हरप्रसाद को मुआवजा देना संभव नहीं है। लेकिन सोमवार को देर शाम बिजली व्यवस्था को सुचारू करा दिया गया है।
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मामला एक लाइनमैन हरप्रसाद की मौत से जुड़ा हुआ है। शट डाउन के दौरान अचानक बिजली लाइन में करेंट आने की वजह 16 मई को हर प्रसाद की मौत हो गई थी। बिजली विभाग ने हरप्रसाद को अपना कर्मचारी मानने से इनकार कर दिया था। जबकि हर प्रसाद कई वर्षों से लाइन ठीक करने के काम में लगे रहे हैं।
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उनका परिवार भी सब स्टेशन परिसर में ही रहता है। बिजली विभाग ने हर प्रसाद को जब अपना कर्मचारी नहीं माना तो आक्रोश फैल गया। लोगों ने हर प्रसाद के परिवार के प्रति हमदर्दी जाहिर की और रविवार को जेई का घेराव किया। आंदोलन और हंगामा किया।
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ग्रामीणों के तेवर तीखे थे और वह उग्र आंदोलन की चेतावनी दे गए गए थे। इसलिए कर्मचारी डरे हुए थे और आशंकित थे। इसी के चलते सोमवार को सुबह कर्मचारी सब स्टेशन छोड़कर चले गए।
अमरोहा से अधिशासी अभियंता ने बताया कि हर प्रसाद हमारा कर्मचारी नहीं है। उसका बेटा संविदा कर्मचारी है। सब स्टेशन से 16 मई को शट डाउन नहीं लिया गया था। इसलिए हरप्रसाद को मुआवजा देना संभव नहीं है। लेकिन सोमवार को देर शाम बिजली व्यवस्था को सुचारू करा दिया गया है।