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संभल के गांव मिलक सिरसी में चिकित्सकों की टीम पहुंची, 22 मरीज बुखार के मिले
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संभल। संभल के गांव मिलक सिरसी में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने घर-घर पहुंचकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान जो लोग घरों से बाहर नहीं आए उन्हें पुलिस की मदद से बाहर बुलाया और समझाबुझा कर सेहत का परीक्षण किया। इस दौरान 22 लोगों में बुखार की पुष्टि हुई। कोरोना जांच भी की गई लेकिन कोई संक्रमित मरीज नहीं मिला। दरअसल गांव में बुखार तो फैला है पर ग्रामीण कोरोना के भय के चलते स्वास्थ्य विभाग की टीम के सामने आना नहीं चाह रहे हैं। इसी क्रम में पुलिस की मदद स्वास्थ्य विभाग की टीम को लेनी पड़ी। बुखार के अलावा अन्य मरीजों को भी दवाई वितरण की गई। संक्रमित बीमारियों से बचाव के लिए उपाए बताए गए। सोमवार को संभल सीएचसी की टीम गांव मिलक सिरसी ग्रामीणों की सेहत का परीक्षण करने के लिए पहुंची।
इस गांव में पिछले 16 दिनों से बुखार का प्रकोप है। ज्यादातर ग्रामीण बुखार से पीड़ित है। इस बुखार के दौरान ग्रामीणों को डर है कि कहीं उन्हें कोरोना न हो गया हो इसलिए वह गांव से बाहर उपचार कराने नहीं जा रहे। गांव के ही अंपजीकृत चिकित्सकों से उपचार कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने पर घरों में चले जाते हैं। सोमवार को भी हेल्थ कैंप लगा तो ग्रामीण घरों में चले गए।
टीम ने घर घर पहुंचकर ग्रामीणों को बुलाने का प्रयास किया लेकिन वह आने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस की मदद ली गई। तब 43 लोगों की सेहत का परीक्षण हुआ। इसमें 22 लोग बुखार से पीड़ित निकले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंटीजन किट से 25 लोगों की कोरोना की जांच भी की। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। दरअसल गांव में फैले बुखार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशि त किया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन चेत गया। इसी क्रम में कैंप लगवाए जा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों की सेहत का परीक्षण सही से कराया जा सके।
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ग्रामीणों की सेहत के पारीक्षण के लिए हेल्थ कैंप लगवाया था। जिसमें 22 मरीज बुखार के मिले हैं। अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी दवाई दी गई है। अब फिर से कैंप लगाकर ग्रामीणों की सेहत का परीक्षण कराएंगे।
डा. मनीष अरोड़ा, कार्यवाहक सीएचसी प्रभारी, संभल।
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इस गांव में पिछले 16 दिनों से बुखार का प्रकोप है। ज्यादातर ग्रामीण बुखार से पीड़ित है। इस बुखार के दौरान ग्रामीणों को डर है कि कहीं उन्हें कोरोना न हो गया हो इसलिए वह गांव से बाहर उपचार कराने नहीं जा रहे। गांव के ही अंपजीकृत चिकित्सकों से उपचार कराया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की टीम के आने पर घरों में चले जाते हैं। सोमवार को भी हेल्थ कैंप लगा तो ग्रामीण घरों में चले गए।
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टीम ने घर घर पहुंचकर ग्रामीणों को बुलाने का प्रयास किया लेकिन वह आने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद पुलिस की मदद ली गई। तब 43 लोगों की सेहत का परीक्षण हुआ। इसमें 22 लोग बुखार से पीड़ित निकले। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने एंटीजन किट से 25 लोगों की कोरोना की जांच भी की। सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। दरअसल गांव में फैले बुखार को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशि त किया था। जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन चेत गया। इसी क्रम में कैंप लगवाए जा रहे हैं। जिससे ग्रामीणों की सेहत का परीक्षण सही से कराया जा सके।
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ग्रामीणों की सेहत के पारीक्षण के लिए हेल्थ कैंप लगवाया था। जिसमें 22 मरीज बुखार के मिले हैं। अन्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी दवाई दी गई है। अब फिर से कैंप लगाकर ग्रामीणों की सेहत का परीक्षण कराएंगे।
डा. मनीष अरोड़ा, कार्यवाहक सीएचसी प्रभारी, संभल।