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हड्डी और सींग के हस्तशिल्प के लिए पहचाने जाने वाले सरायतरीन में लकड़ी के आइटम बने अब अरब देशों की मांग

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 03 Jul 2021 02:00 AM IST
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Demand for wood products of Saraitrin increased in Gulf countries
संभल। हड्डी और सींग के हस्तशिल्प के लिए जाने वाले सरायतरीन में अब लकड़ी के आइटम तैयार किए जा रहे हैं। इनकी मांग देश ही नहीं विदेश से खूब की जा रही है। सबसे ज्यादा इन आइटम की मांग अरब खाड़ी के देशों से हो रही है। इस मांग को बखूबी पूरा भी किया जा रहा है। कोरोना की मार झेल रहे हस्तशिल्प कारोबार को अब राहत है। हालांकि कारोबार प्रभावित तो हुआ, लेकिन लकड़ी के आइटम की मांग ने कारोबार ठप होने से बचा लिया। फिलहाल कारोबारी लकड़ी के आइटम तैयार कर विदेश के लिए भेज रहे हैं। कारीगर वर्ग के सामने भी रोजगार का संकट नहीं है।
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सरायतरीन में हर वर्ष 400 करोड़ रुपये तक का हस्तशिल्प कारोबार होता है। कोरोना संक्रमण के चलते इस कारोबार पर काफी प्रभार पड़ा है। कारोबारियों की माने तो करीब 30 प्रतिशत कारोबार पर प्रभाव अब भी है। सरायतरीन पूरी दुनिया में हड्डी, सींग और सीप के हस्तशिल्प के लिए मशहूर है। इस समय लकड़ी के आइटम बनाए जा रहे हैं। इन आइटम में चाय की ट्रे, अगरबत्ती दानी, टिश्यू पेपर बॉक्स समेत कई आइटम तैयार किए जा रहे हैं।
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इन आइटम को तैयार करने के लिए शीशम, नीम, बबूल और आम की लकड़ी का इस्तेमाल हो रहा है। आकर्षित बनाने के लिए सींग, हड्डी और सीप की नक्काशी की जा रही है। हस्तशिल्प वेलफेयर एसोसिएशन अध्यक्ष ताहिर सलामी ने बताया कि लकड़ी से तैयार आइटम की मांग पहले भी हुआ करती थी, लेकिन इन दिनों यह मांग बढ़ी है। कोरोना से प्रभावित हुए कारोबार को इसी मांग ने ठप होने से बचाया है।
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सरायतरीन से ही होता है अरबी देशों को हस्तशिल्प निर्यात
सरायतरीन के हस्तशिल्प कारोबार की पहचान इस बात से ही की जा सकती है कि जो हस्तशिल्प आइटम तैयार किए जा रहे हैं, वह सीधे यहां से विदेश को निर्यात हो रहे हैं। कारोबारियों का संपर्क अरब देशों के अलावा, यूरोप और चीन व अन्य देशों के कारोबारियों से है। इस समय जो लकड़ी के हस्तशिल्प आइटम बनाए जा रहे हैं वह सरायतरीन से ही निर्यात हो रहे हैं। अरब देशों से जो मांग आ रही है उसे पूरा किया जा रहा है।

लॉकडाउन का प्रभाव लकड़ी के हस्तशिल्प कारोबार पर भी पड़ा है। कच्चा माल नहीं मिलने से मांग पूरी नहीं हो पा रही थी। राहत मिलने के बाद से कारोबार सही हुआ है। अब माल जो तैयार हो रहा है, उसे निर्यात किया जा रहा है। लकड़ी के आइटम की सबसे ज्यादा मांग अरब देशों में है। मांग जैसे आती है उसी के हिसाब से आइटम तैयार कराए जा रहे हैं। आइटम को आकर्षित बनाने के लिए सींग, सीप और हड्डी का भी काम लकड़ी के आइटम पर किया जा रहा है।
- कमल कौशल वार्ष्णेय, हस्तशिल्प कारोबारी, संभल
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