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प्रचार-प्रसार के अभाव में दम तोड़ रहा दीपावली मेला, घटने लगी रौनक
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संभल। चंदौसी रोड स्थित तीर्थ कुरुक्षेत्र के मैदान में नगर पालिका परिषद द्वारा आयोजित दीपावली मेला प्रचार-प्रसार के अभाव में दम तोड़ रहा है। मेले में दुकान लगाने वाले दुकानदारों का कहना है कि बिक्री खास नहीं है। अन्य स्थानों पर दुकानें लगाते थे, तो वहां अच्छी आमदनी हो जाती। सरकारी स्टॉल तो सूने ही पड़े हैं।
शासन के निर्देश पर संभल में चंदौसी रोड स्थित कुरुक्षेत्र तीर्थ के मैदान में नगर पालिका परिषद की ओर से दीपावली मेले का आयोजन किया गया है। यह मेला सात दिन तक चलेगा। रविवार को मेले का चौथा दिन था। प्रचार-प्रसार के अभाव में मेला दम तोड़ रहा है। इसकी रौनक बढ़ने की बजाय घटने लगी है। यह बात दीगर है कि मेले में घरेलू सामान से लेकर साज सज्जा के लिए स्वदेशी आइटमों के स्टॉल लगे हुए हैं, लेकिन भीड़ न होने से यह स्टॉल सूने हैं।
सरकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की गई है। कोविड-19 की हेल्प डेस्क तो जरूर लगी है लेकिन इसके अलावा किसी भी स्टॉल पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। वहीं, दुकानदारों ने जिस उम्मीद और आशा के साथ मेले में अपनी-अपनी दुुकानें लगाईं, उनके सामान की आशा के अनुरूप बिक्री नहीं हो पाई है। दुकानदारों से जब इस बारे में जानना चाहा तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोग आ नहीं रहे तो बिक्री कैसे हो।
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सरकारी विभागों की ओर से जो मेले में स्टॉल हैं, उन पर कर्मचारी आकर बैठते तो हैं, लेकिन बाद में चले जाते हैं। लोगों को जानकारी देने के लिए नगर में प्रचार-प्रचार कराया जा रहा है। हालांकि भीड़ कम है, लेकिन फिर भी मेले की सफलता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रामपाल यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, संभल
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शासन के निर्देश पर संभल में चंदौसी रोड स्थित कुरुक्षेत्र तीर्थ के मैदान में नगर पालिका परिषद की ओर से दीपावली मेले का आयोजन किया गया है। यह मेला सात दिन तक चलेगा। रविवार को मेले का चौथा दिन था। प्रचार-प्रसार के अभाव में मेला दम तोड़ रहा है। इसकी रौनक बढ़ने की बजाय घटने लगी है। यह बात दीगर है कि मेले में घरेलू सामान से लेकर साज सज्जा के लिए स्वदेशी आइटमों के स्टॉल लगे हुए हैं, लेकिन भीड़ न होने से यह स्टॉल सूने हैं।
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सरकारी विभागों की ओर से स्टॉल लगाकर सिर्फ और सिर्फ खानापूर्ति की गई है। कोविड-19 की हेल्प डेस्क तो जरूर लगी है लेकिन इसके अलावा किसी भी स्टॉल पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। वहीं, दुकानदारों ने जिस उम्मीद और आशा के साथ मेले में अपनी-अपनी दुुकानें लगाईं, उनके सामान की आशा के अनुरूप बिक्री नहीं हो पाई है। दुकानदारों से जब इस बारे में जानना चाहा तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोग आ नहीं रहे तो बिक्री कैसे हो।
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सरकारी विभागों की ओर से जो मेले में स्टॉल हैं, उन पर कर्मचारी आकर बैठते तो हैं, लेकिन बाद में चले जाते हैं। लोगों को जानकारी देने के लिए नगर में प्रचार-प्रचार कराया जा रहा है। हालांकि भीड़ कम है, लेकिन फिर भी मेले की सफलता के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
रामपाल यादव, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, संभल