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उर्स-ए-मोहम्मदी अकीदत के साथ मनाया गया
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sun, 01 Nov 2015 01:03 AM IST
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उर्स-ए-मोहम्मदी अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। इस दौरान नात ख्वां ने नातिया कलाम व मनकबत के नजराने पेश किए। हसनपुर रोड कर्बला के पीरजी बाग में हजरत सैयद मौहम्मद हुसैन मियां के आस्ताने पर एक रोजा उर्स की महफिल सजाई गई।
इसका आगाज तिलावते कलाम पाक से किया गया। मौलाना कलीम अशरफ ने अल्लाह व उसके प्यारे महबूब रसूल पाक की शान को बयान किया और पंजतन पाक व एहलैबैत की इस्लाम के प्रति दी गई कुर्बानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि औलिया इकराम ने अपनी जिंदगी खुदा के लिए फना कर दी।
जिन लोगों ने आवाम की खिदमत की उसमें एक हस्ती सैयद मौहम्मद हुसैन मियां की भी है। दरगाह के सज्जादानशीन सैयद तालिब हुसैन ने उर्स में आए मेहमानों को दस्तारबंदी की। उन्हें कुरआने करीम देकर सम्मानित किया। कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।
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मौलाना वहीदुल्लाह खां ने मुल्क में अमनों अमान को दुआ कराई। इमाम ईदगाह मौलाना जहीरूल इस्लाम, कारी तंजीम अशरफ, मौलाना वसी अशरफ, मेंबर शारिक हुसैन, शाहिद हुसैन, गजनफर हुसैन, फरजंद अली वारसी आदि मौजूद रहे।
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इसका आगाज तिलावते कलाम पाक से किया गया। मौलाना कलीम अशरफ ने अल्लाह व उसके प्यारे महबूब रसूल पाक की शान को बयान किया और पंजतन पाक व एहलैबैत की इस्लाम के प्रति दी गई कुर्बानियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि औलिया इकराम ने अपनी जिंदगी खुदा के लिए फना कर दी।
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जिन लोगों ने आवाम की खिदमत की उसमें एक हस्ती सैयद मौहम्मद हुसैन मियां की भी है। दरगाह के सज्जादानशीन सैयद तालिब हुसैन ने उर्स में आए मेहमानों को दस्तारबंदी की। उन्हें कुरआने करीम देकर सम्मानित किया। कुल शरीफ की रस्म अदा की गई।
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मौलाना वहीदुल्लाह खां ने मुल्क में अमनों अमान को दुआ कराई। इमाम ईदगाह मौलाना जहीरूल इस्लाम, कारी तंजीम अशरफ, मौलाना वसी अशरफ, मेंबर शारिक हुसैन, शाहिद हुसैन, गजनफर हुसैन, फरजंद अली वारसी आदि मौजूद रहे।