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Farrukhabad News: गंगानगर में ई-रिक्शा चालक की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या
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फर्रुखाबाद। शहर के गंगानगर में बीस दिन पहले हुई मारपीट की घटना में दर्ज प्राथमिकी वापस लेने की बात न मानने पर आरोपियों ने शनिवार सुबह ई-रिक्शा चालक को लाठी-डंडों से पीटकर मार डाला। पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने 11 नामजद व 10 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है। कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है।
कादरीगेट थाने के गंगानगर कॉलोनी निवासी ई-रिक्शा चालक आकाश कश्यप उर्फ बटरा (40) को शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मोहल्ले के ही लोगों ने घर में घुसकर पकड़ लिया। उस पर लाठी-डंडों से हमला कर घसीट कर गली में ले आए। वहां गिराकर जमकर पीटा। उसके दोनों पैर टूट गए और सिर तथा हाथों में गंभीर घाव हो गए। घर में मौजूद पत्नी रूबी और बच्चे बचाने की गुहार लगाते रहे, मगर कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। अचेत होने पर आरोपी भाग गए। इसके बाद उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं। पत्नी और बड़े भाई मनमोहन ने चीख पुकार शुरू कर दी।
पत्नी रूबी ने बताया कि 20 दिन पहले इन्हीं दबंगों ने पति पर हमला बोलकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस समय सिर में कई टांके लगे थे। पुलिस ने प्राथमिकी लिखी, मगर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की। हमलावर तभी से प्राथमिकी वापस लेने का पति पर दबाव बना रहे थे। थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने बताया कि पत्नी रूबी की तहरीर पर पप्पू शुक्ला समेत 11 नामजद और 10 अज्ञात पर प्राथमिकी लिख ली है। शीघ्र ही आरोपी गिरफ्तार होंगे।
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आकाश पर पांच बच्चों के पालन पोषण का था भार
आकाश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई मनमोहन, उससे छोटे संजय की शादी रूबी से हुई थी। संजय से तीन बच्चे कुनाल, आशीष और आदित्य हैं। संजय की मौत के बाद रूबी ने आकाश से शादी कर ली थी। आकाश से दो बेटियां रिद्धी और सिद्धी हैं। पांचों बच्चों का भरण पोषण आकाश करता था।
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पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकती थी जान
आकाश की दिनदहाड़े हत्या होने के बाद पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। परिजन का कहना है कि आकाश के सिर में गंभीर चोट होने के बाद भी पुलिस ने हल्की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर शांतिभंग के आरोप में चालान भी नहीं किया। परिजन का कहना है कि आरोपी प्राथमिकी वापस लेने का दबाव बना रहे थे, इसकी भी जानकारी पुलिस को दी थी। पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो आकाश की जान बच सकती थी।
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कई महीनों से मां-बहन की गालियों से परेशान थे लोग
मोहल्ले वालों के अनुसार आकाश को यदाकदा सनक चढ़ जाती थी। वह जिसे टारगेट करता था, उसे बिना किसी वजह के ही गाली देने लगता था। 20 दिन पहले मारपीट कर घायल करने के बाद से वह आरोपियों को लक्ष्य बनाकर मां-बहन की गाली देता रहता था। इससे वे लोग परेशान थे। इसके कई बार लोगों ने वीडियो बनाकर पुलिस को सौंपे और सोशल मीडिया पर भी वायरल किए। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। तभी से उसकी हरकतें बढ़ गई थीं। आए दिन गालियों से लोग परेशान थे। इसी के चलते पनपे आक्रोश ने बड़ी घटना का रूप ले लिया।
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कादरीगेट थाने के गंगानगर कॉलोनी निवासी ई-रिक्शा चालक आकाश कश्यप उर्फ बटरा (40) को शनिवार सुबह करीब साढ़े सात बजे मोहल्ले के ही लोगों ने घर में घुसकर पकड़ लिया। उस पर लाठी-डंडों से हमला कर घसीट कर गली में ले आए। वहां गिराकर जमकर पीटा। उसके दोनों पैर टूट गए और सिर तथा हाथों में गंभीर घाव हो गए। घर में मौजूद पत्नी रूबी और बच्चे बचाने की गुहार लगाते रहे, मगर कोई हिम्मत नहीं जुटा सका। अचेत होने पर आरोपी भाग गए। इसके बाद उसे लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन कुछ ही देर में उसकी सांसें थम गईं। पत्नी और बड़े भाई मनमोहन ने चीख पुकार शुरू कर दी।
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पत्नी रूबी ने बताया कि 20 दिन पहले इन्हीं दबंगों ने पति पर हमला बोलकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उस समय सिर में कई टांके लगे थे। पुलिस ने प्राथमिकी लिखी, मगर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई नहीं की। हमलावर तभी से प्राथमिकी वापस लेने का पति पर दबाव बना रहे थे। थानाध्यक्ष कपिल कुमार ने बताया कि पत्नी रूबी की तहरीर पर पप्पू शुक्ला समेत 11 नामजद और 10 अज्ञात पर प्राथमिकी लिख ली है। शीघ्र ही आरोपी गिरफ्तार होंगे।
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आकाश पर पांच बच्चों के पालन पोषण का था भार
आकाश तीन भाइयों में सबसे छोटा था। बड़ा भाई मनमोहन, उससे छोटे संजय की शादी रूबी से हुई थी। संजय से तीन बच्चे कुनाल, आशीष और आदित्य हैं। संजय की मौत के बाद रूबी ने आकाश से शादी कर ली थी। आकाश से दो बेटियां रिद्धी और सिद्धी हैं। पांचों बच्चों का भरण पोषण आकाश करता था।
पुलिस कार्रवाई करती तो बच सकती थी जान
आकाश की दिनदहाड़े हत्या होने के बाद पुलिस पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। परिजन का कहना है कि आकाश के सिर में गंभीर चोट होने के बाद भी पुलिस ने हल्की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर शांतिभंग के आरोप में चालान भी नहीं किया। परिजन का कहना है कि आरोपी प्राथमिकी वापस लेने का दबाव बना रहे थे, इसकी भी जानकारी पुलिस को दी थी। पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार कर लेती तो आकाश की जान बच सकती थी।
कई महीनों से मां-बहन की गालियों से परेशान थे लोग
मोहल्ले वालों के अनुसार आकाश को यदाकदा सनक चढ़ जाती थी। वह जिसे टारगेट करता था, उसे बिना किसी वजह के ही गाली देने लगता था। 20 दिन पहले मारपीट कर घायल करने के बाद से वह आरोपियों को लक्ष्य बनाकर मां-बहन की गाली देता रहता था। इससे वे लोग परेशान थे। इसके कई बार लोगों ने वीडियो बनाकर पुलिस को सौंपे और सोशल मीडिया पर भी वायरल किए। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। तभी से उसकी हरकतें बढ़ गई थीं। आए दिन गालियों से लोग परेशान थे। इसी के चलते पनपे आक्रोश ने बड़ी घटना का रूप ले लिया।