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श्रेष्ठ कर्मों से मिला है मानव तन, सदुपयोग करें
ब्यूरो/अमर उजाला चंदौसी
Updated Tue, 27 Oct 2015 12:40 AM IST
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मौलागढ़ तिराहे पर मानव मिलन सद्भावना समागम के पांचवें दिन अध्यात्मिक प्रवचन करते हुए साकार विश्व हरि ने कहाकि मानव को समझना चाहिए कि वह भू-लोक में क्यों आया है, उसका उद्देश्य क्या है? इसे समझ कर सत्य की राह पर चलो, बुरे लोगों की परछाई से भी दूर रहो।
बुरे लोगों की संगत से आपके अंदर में बुराइयां घर कर लेंगी। मौलागढ़ तिराहे पर आस्था का सैलाब था लेकिन सभी कुछ पूर्ण नियंत्रण में था। साकार विश्व हरि ने कहाकि सत्य वचनों को मानकर जो जीवन में उतारेगा, उसे कोई कष्ट नहीं हो सकता।
खेतीबाड़ी करो, मेहनत मजदूरी करो, व्यापार व नौकरी करो, धन कमाओ, अपने बच्चों का पालन पोषण करते हुए अच्छी शिक्षा दिलाओ, उन्हें अच्छे संस्कार दो, आपके परिवार का कल्याण सुनिश्चित है। सावधानी, संयम, सतर्कता, अनुशासन को जीवन में उतारना अति आवश्यक है।
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व्यवस्था में रमेशचंद्र, यादराम, श्याम सिंह, विपिन कुमार, जसवंत, सुरेश गौतम, जगतदेव, राजेंद्र सिंह, मुरारी लाल, हरीश, पान सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, डा. रामसरन, क्रांति देवी, सर्वेश देवी, राजरानी, मनोज कुमार आदि का सहयोग रहा। संचालन वेदप्रकाश ने किया।
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बुरे लोगों की संगत से आपके अंदर में बुराइयां घर कर लेंगी। मौलागढ़ तिराहे पर आस्था का सैलाब था लेकिन सभी कुछ पूर्ण नियंत्रण में था। साकार विश्व हरि ने कहाकि सत्य वचनों को मानकर जो जीवन में उतारेगा, उसे कोई कष्ट नहीं हो सकता।
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खेतीबाड़ी करो, मेहनत मजदूरी करो, व्यापार व नौकरी करो, धन कमाओ, अपने बच्चों का पालन पोषण करते हुए अच्छी शिक्षा दिलाओ, उन्हें अच्छे संस्कार दो, आपके परिवार का कल्याण सुनिश्चित है। सावधानी, संयम, सतर्कता, अनुशासन को जीवन में उतारना अति आवश्यक है।
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व्यवस्था में रमेशचंद्र, यादराम, श्याम सिंह, विपिन कुमार, जसवंत, सुरेश गौतम, जगतदेव, राजेंद्र सिंह, मुरारी लाल, हरीश, पान सिंह, पुष्पेंद्र सिंह, डा. रामसरन, क्रांति देवी, सर्वेश देवी, राजरानी, मनोज कुमार आदि का सहयोग रहा। संचालन वेदप्रकाश ने किया।