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फैजपुर में भिड़े प्रत्याशी और समर्थक
ब्यूरो/अमर उजाला संभल
Updated Sun, 18 Oct 2015 12:05 AM IST
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कुछ बूथों पर समर्थक भिड़े तो कुछ स्थानों पर कैप्चरिंग करने के आरोप लगाए गए।फैजपुर में एक प्रत्याशी के पति और दूसरे प्रत्याशीके समर्थक भिड़ गए। बिना आईडी के मतदान कराने की शिकायतें सामने आईं। छुटपुट तीखी झड़पों को छोड़ दें तो रजपुरा ब्लाक में शनिवार को मतदान शांतिपूर्ण रहा।
रजपुरा ब्लाक में बीडीसी सदस्य पद के 66 वार्ड हैं और इसमें से दो वार्ड में पहले ही निर्विरोध चुनाव हो चुका है। 64 वार्डों के लिए 297 प्रत्याशी मैदान में थे। जिनके लिए शनिवार को सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान के लिए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भीड़ लगी हुई थी। सुबह उत्साह था।
दोपहर में सुस्ती रही। फिर एक एक दो परिवारों के सदस्य एक साथ मतदान करने के लिए आते रहे। शाम पांच बजे तक अधिकतर मतदान केंद्रों में सन्नाटा खिंच गया। कुछ बूथों पर तो चार बजे ही मतदान थम गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति यादव वार्ड 22 से सदस्य पद की उम्मीदवार हैं।
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उनके लिए भी मतदान हुआ। उनका चुनाव सियासी समीकरणों और जातिगत कारणों से काफी प्रतिष्ठापूर्ण हो गया। कई बूथ संवेदनशील थे। टकराव का अंदेशा सामने था। इसलिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इसके बावजूद कुछ बूथों पर झड़पें हो गईं।
फैजपुर में एक प्रत्याशी के पति और दूसरे प्रत्याशी के के समर्थक भिड़ गए। समर्थकों को खदेड़ने के लिए पुलिस को डंडा चलाना पड़ा। पुलिस ने डंडा उठाकर लोगों को खदेड़ा तब कहीं जाकर मतदान हुआ। जयतौरा सागरपुर में बूथकैप्चरिंग की शिकायत पर गहमागहमी रही। जब अपर जिलाधिकारी डा. एसएन सिंह और एएसपी कमलेश दीक्षित पहुंचे तो ऐसा कुछ नहीं मिला। अलबत्ता बूथ कैप्चरिंग आरोप चुनावी फिजां में तैरते रहे।
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रजपुरा ब्लाक में बीडीसी सदस्य पद के 66 वार्ड हैं और इसमें से दो वार्ड में पहले ही निर्विरोध चुनाव हो चुका है। 64 वार्डों के लिए 297 प्रत्याशी मैदान में थे। जिनके लिए शनिवार को सुबह सात बजे से मतदान शुरू हुआ। मतदान के लिए सुबह से ही मतदान केंद्रों पर भीड़ लगी हुई थी। सुबह उत्साह था।
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दोपहर में सुस्ती रही। फिर एक एक दो परिवारों के सदस्य एक साथ मतदान करने के लिए आते रहे। शाम पांच बजे तक अधिकतर मतदान केंद्रों में सन्नाटा खिंच गया। कुछ बूथों पर तो चार बजे ही मतदान थम गया था। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति यादव वार्ड 22 से सदस्य पद की उम्मीदवार हैं।
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उनके लिए भी मतदान हुआ। उनका चुनाव सियासी समीकरणों और जातिगत कारणों से काफी प्रतिष्ठापूर्ण हो गया। कई बूथ संवेदनशील थे। टकराव का अंदेशा सामने था। इसलिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी। इसके बावजूद कुछ बूथों पर झड़पें हो गईं।
फैजपुर में एक प्रत्याशी के पति और दूसरे प्रत्याशी के के समर्थक भिड़ गए। समर्थकों को खदेड़ने के लिए पुलिस को डंडा चलाना पड़ा। पुलिस ने डंडा उठाकर लोगों को खदेड़ा तब कहीं जाकर मतदान हुआ। जयतौरा सागरपुर में बूथकैप्चरिंग की शिकायत पर गहमागहमी रही। जब अपर जिलाधिकारी डा. एसएन सिंह और एएसपी कमलेश दीक्षित पहुंचे तो ऐसा कुछ नहीं मिला। अलबत्ता बूथ कैप्चरिंग आरोप चुनावी फिजां में तैरते रहे।