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अचानक घर में लगी आग से बालक की मौत
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बहजोई। अचानक घर में लगी आग से झुलसकर बालक की मौत हो गई, जबकि उसकी मां और दो भाई बुरी तरह से झुलस गए। आनन-फानन में सूचना मिलने पर डायल 100 पुलिस ने झुलसी महिला और दोनों बच्चों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर दमकल पहुंची, लेकिन ग्रामीण पहले ही आग बुझा चुके थे। इस बीच गृह स्वामी का करीब दो लाख रुपये से अधिक का नुकसान हो गया। हादसा थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर में हुआ।
सोमवार की रात करीब 3 बजे थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर में राकेश पुत्र लटूरी के घर में अचानक आग लग गई। धीरे-धीरे आग बढ़ती गई। इस बीच राकेश की पत्नी उर्मिला आनन-फानन में अपने दो छोटे बेटे राजू व योगेश को घर से बाहर निकाल लाई, जबकि 6 वर्षीय बेटा पंकज आग की लपटों में घिर गया और बुरी तरह से झुलस गया। शोर शराबा सुन आसपास के लोग मौके की और दौड़े और देखा कि आग विकराल रूप धारण किए हुए है। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पा लिया। तब तक आग से झुलसा मासूम पंकज दम तोड़ चुका था।
वहीं महिला और उसके दो बेटे राजू और योगेश बुरी तरह से झुलस गए थे। आनन-फानन में सूचना पर पहुंची डायल 100 पुलिस ने घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं सूचना पर दमकल व स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया।
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ग्रामीणों के मुताबिक आग लगने से राकेश का करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। हादसे के दौरान झुलसने से बालक की मौत को लेकर ग्रामीणों की आंखें छलक उठीं। कोतवाल सतेंद्र भड़ाना ने बताया कि बालक पंकज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
दोपहर तक नहीं पहुंचे आला अफसर
बहजोई। ग्रामीणों के मुताबिक दोपहर 1 बजे तक इतने बड़े हादसे के बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई ग्रामीणों का कहना था कि अगर कोई जिम्मेदार अफसर मौके पर पहुंचकर घटना की जांच-पड़ताल और सरकारी मदद की पैरवी करते तो गरीब परिवार को काफी राहत मिल सकती थी।
करीब डेढ़ घंटे तक ग्रामीणों ने की मशक्कत
बहजोई। गांव जैतपुर के एक घर में अचानक आग लगने के बाद ग्रामीणों ने इंजन से पंपसेट चलाकर करीब डेढ़ घंटे तक मशक्कत की और आग पर काबू पाया। बाद में दमकल पहुंची। ग्रामीणों का कहना था कि यदि बहजोई मुख्यालय पर भी एक दमकल की व्यवस्था होती तो हादसे के दौरान दमकल जल्दी पहुंच जाती और आग पर पहले ही काबू पा लिया गया होता।
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सोमवार की रात करीब 3 बजे थाना क्षेत्र के गांव जैतपुर में राकेश पुत्र लटूरी के घर में अचानक आग लग गई। धीरे-धीरे आग बढ़ती गई। इस बीच राकेश की पत्नी उर्मिला आनन-फानन में अपने दो छोटे बेटे राजू व योगेश को घर से बाहर निकाल लाई, जबकि 6 वर्षीय बेटा पंकज आग की लपटों में घिर गया और बुरी तरह से झुलस गया। शोर शराबा सुन आसपास के लोग मौके की और दौड़े और देखा कि आग विकराल रूप धारण किए हुए है। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पा लिया। तब तक आग से झुलसा मासूम पंकज दम तोड़ चुका था।
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वहीं महिला और उसके दो बेटे राजू और योगेश बुरी तरह से झुलस गए थे। आनन-फानन में सूचना पर पहुंची डायल 100 पुलिस ने घायलों को सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। वहीं सूचना पर दमकल व स्थानीय पुलिस भी पहुंच गई, लेकिन तब तक आग पर काबू पा लिया गया।
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ग्रामीणों के मुताबिक आग लगने से राकेश का करीब 2 लाख रुपये से अधिक का सामान जलकर खाक हो गया। हादसे के दौरान झुलसने से बालक की मौत को लेकर ग्रामीणों की आंखें छलक उठीं। कोतवाल सतेंद्र भड़ाना ने बताया कि बालक पंकज के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।
दोपहर तक नहीं पहुंचे आला अफसर
बहजोई। ग्रामीणों के मुताबिक दोपहर 1 बजे तक इतने बड़े हादसे के बाद भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई ग्रामीणों का कहना था कि अगर कोई जिम्मेदार अफसर मौके पर पहुंचकर घटना की जांच-पड़ताल और सरकारी मदद की पैरवी करते तो गरीब परिवार को काफी राहत मिल सकती थी।
करीब डेढ़ घंटे तक ग्रामीणों ने की मशक्कत
बहजोई। गांव जैतपुर के एक घर में अचानक आग लगने के बाद ग्रामीणों ने इंजन से पंपसेट चलाकर करीब डेढ़ घंटे तक मशक्कत की और आग पर काबू पाया। बाद में दमकल पहुंची। ग्रामीणों का कहना था कि यदि बहजोई मुख्यालय पर भी एक दमकल की व्यवस्था होती तो हादसे के दौरान दमकल जल्दी पहुंच जाती और आग पर पहले ही काबू पा लिया गया होता।