{"_id":"5c3a483dbdec22737d20b472","slug":"131547323453-sambhal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"आवास दिलाने के नाम पर ले गए दो-दो हजार, अब है लापता","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
आवास दिलाने के नाम पर ले गए दो-दो हजार, अब है लापता
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संभल/बबराला। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पात्रता सूची में नाम शामिल कराने और आवास दिलाने के नाम पर जमकर ठगी हुई। जिसमें गांव-गांव जाकर कई जालसाजों ने अशिक्षित महिलाओं को अपना शिकार बनाया। झांसे में लेने वाले जालसाजों ने महिलाओं से रुपये लेने के बाद ऑनलाइन प्रक्रिया के कागजात भी दिए। जिससे उन्हें पूरी तरह से भरोसे में लिया गया। अब जब उन्हें न तो आवास मिला और न ही पात्रता सूची में नाम, जालसाजों को पकड़ने के लिए ग्राम प्रधानों से गुहार लगा रहे है। अब ग्राम प्रधान इसके प्रति लोगों को जागरूक कर रहे हैं।
केस-1
गुन्नौर ब्लॉक के गांव उदरनपुर अजमतनगर के मजरा धनारी स्टेशन पर दर्जनों महिलाओं ने बताया कि एक युवक और एक महिला करीब छह माह से यहां आ रहे थे। जो पेंशन से लेकर राशन कार्ड और तमाम तरह के प्रमाण-पत्र बनाने का जिम्मा लेते हैं। जिन्होंने आवास के लिए झांसे में लेकर ऑनलाइन खर्च के नाम पर एक हजार से लेकर दो-दो हजार रुपये तक लिए। सावित्री, भूदेवी, तारावती, कुसुमा बतातीं हैं कि मोहल्ले के कई लोगों ने रुपये दिये तो उसने में भी दे दिए जिसके बाद उन्होंने एक कागज देकर आवास मंजूर होने की बात कही। काफी दिनों के बाद जिसकी चर्चा प्रधान से की तब उन्हें लगा कि उनके साथ ठगी हुई है।
केस-2
रजपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रजपुरा के एक मोहल्ले की नीलम देवी समेत आठ लोगों ने बताया कि एक युवक मोहल्ले में आया और स्वयं को सरकारी कर्मचारी बताकर आवास के लिए घरों का सत्यापन करने लगा। जिसने कहा कि अगर उसे कुछ रुपये दे देंगे तो उनका नाम पात्रता सूची में शामिल कर देगा। मोहल्ले के कई लोगों ने एक हजार तो किसी ने पांच दिए। लेकिन वह युवक बाद में नहीं आया। जब लोगों ने गांव के सचिव से इस मामले में पूछताछ की तो पता लगा कि ब्लॉक से ऐसे किसी कर्मचारी को नहीं भेजा गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
केस-1
गुन्नौर ब्लॉक के गांव उदरनपुर अजमतनगर के मजरा धनारी स्टेशन पर दर्जनों महिलाओं ने बताया कि एक युवक और एक महिला करीब छह माह से यहां आ रहे थे। जो पेंशन से लेकर राशन कार्ड और तमाम तरह के प्रमाण-पत्र बनाने का जिम्मा लेते हैं। जिन्होंने आवास के लिए झांसे में लेकर ऑनलाइन खर्च के नाम पर एक हजार से लेकर दो-दो हजार रुपये तक लिए। सावित्री, भूदेवी, तारावती, कुसुमा बतातीं हैं कि मोहल्ले के कई लोगों ने रुपये दिये तो उसने में भी दे दिए जिसके बाद उन्होंने एक कागज देकर आवास मंजूर होने की बात कही। काफी दिनों के बाद जिसकी चर्चा प्रधान से की तब उन्हें लगा कि उनके साथ ठगी हुई है।
विज्ञापन
केस-2
रजपुरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत रजपुरा के एक मोहल्ले की नीलम देवी समेत आठ लोगों ने बताया कि एक युवक मोहल्ले में आया और स्वयं को सरकारी कर्मचारी बताकर आवास के लिए घरों का सत्यापन करने लगा। जिसने कहा कि अगर उसे कुछ रुपये दे देंगे तो उनका नाम पात्रता सूची में शामिल कर देगा। मोहल्ले के कई लोगों ने एक हजार तो किसी ने पांच दिए। लेकिन वह युवक बाद में नहीं आया। जब लोगों ने गांव के सचिव से इस मामले में पूछताछ की तो पता लगा कि ब्लॉक से ऐसे किसी कर्मचारी को नहीं भेजा गया था।
विज्ञापन