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मायके से पत्नी नहीं आई तो पति ने खेत में पेड़ से फंदा लगाकर दी जान
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सौंधन (संभल)। मायके से पत्नी के नहीं आने से दुखी पति ने मंगलवार की दोपहर अपने खेत में लगे पेड़ पर रस्सी से फंदा लगाया और झूल गया। इसमें उसकी जान चली गई। आसपास के लोगों ने उसे पेड़ से उतारा। घटना हयात नगर थाना क्षेत्र के गांव बागड़पुर इम्मा की है। ग्रामीणों ने घटना के बाद थाना पुलिस को खबर दी थी लेकिन परिजनों ने आत्महत्या का मामला बताकर पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।
बागड़पुर इम्मा निवासी धर्मपाल का 21 वर्षीय बेटे हरज्ञान की शादी चार वर्ष पहले हुई थी। एक बेटी है लेकिन पति की पत्नी से अनबन रहती थी। पत्नी मायके में रह रही थी। धर्मपाल ने बताया कि बुलाने के बाद भी पत्नी ससुराल नहीं आ रही थी। इससे बेटा परेशान था। बेटा हरज्ञान मंगलवार को खेत में मेंथा की फसल की सिंचाईं के लिए गया था। दोपहर बाद करीब तीन बजे पेड़ में रस्सी से फंदा लगाकर वह खेत में ही लटक गया जिसमें उसकी जान चली गई।
गांव वालों ने 100 डायल को खबर दी। थाना पुलिस भी पहुंची लेकिन जब परिजनों ने घटना को आत्महत्या बताकर पोस्टमार्टम से मना कर दिया तो पुलिस ने पंचनामा भर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन जब शाम साढ़े पांच बजे के करीब अंतिम संस्कार कर रहे थे तभी हरज्ञान के ससुराली पहुंच गए। उन्होंने हरज्ञान की मौत के लिए उसके ही परिजनों को जिम्मेदार ठहरा दिया।
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इससे विवाद और नोकझोंक का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया। आरोप है कि ससुराल वाले अंतिम संस्कार नहीं होने दे रहे थे। तब पुलिस ने स्थिति संभाली। ससुरालियों को हटाया। हयात नगर के थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस हरज्ञान के शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी लेकिन जब परिजनों और गांव वालों ने बताया कि पत्नी के मायके से नहीं आने पर परेशान होकर जान दी है और वे पोस्टमार्टम नहीं चाहते हैं तो पंचनामा भर कर शव अंतिम संस्कार के लिए सौंपा गया है।
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बागड़पुर इम्मा निवासी धर्मपाल का 21 वर्षीय बेटे हरज्ञान की शादी चार वर्ष पहले हुई थी। एक बेटी है लेकिन पति की पत्नी से अनबन रहती थी। पत्नी मायके में रह रही थी। धर्मपाल ने बताया कि बुलाने के बाद भी पत्नी ससुराल नहीं आ रही थी। इससे बेटा परेशान था। बेटा हरज्ञान मंगलवार को खेत में मेंथा की फसल की सिंचाईं के लिए गया था। दोपहर बाद करीब तीन बजे पेड़ में रस्सी से फंदा लगाकर वह खेत में ही लटक गया जिसमें उसकी जान चली गई।
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गांव वालों ने 100 डायल को खबर दी। थाना पुलिस भी पहुंची लेकिन जब परिजनों ने घटना को आत्महत्या बताकर पोस्टमार्टम से मना कर दिया तो पुलिस ने पंचनामा भर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजन जब शाम साढ़े पांच बजे के करीब अंतिम संस्कार कर रहे थे तभी हरज्ञान के ससुराली पहुंच गए। उन्होंने हरज्ञान की मौत के लिए उसके ही परिजनों को जिम्मेदार ठहरा दिया।
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इससे विवाद और नोकझोंक का माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाया। आरोप है कि ससुराल वाले अंतिम संस्कार नहीं होने दे रहे थे। तब पुलिस ने स्थिति संभाली। ससुरालियों को हटाया। हयात नगर के थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस हरज्ञान के शव का पोस्टमार्टम कराना चाहती थी लेकिन जब परिजनों और गांव वालों ने बताया कि पत्नी के मायके से नहीं आने पर परेशान होकर जान दी है और वे पोस्टमार्टम नहीं चाहते हैं तो पंचनामा भर कर शव अंतिम संस्कार के लिए सौंपा गया है।