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ई रिक्शों के जाम के झाम से शहरवासी परेशान
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चंदौसी। शहर में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है। जिसके कारण शहर में जगह-जगह जाम लग रहा है। जाम के झाम से लोग परेशान हैं। हालात यह है कि इन ई रिक्शों का संचालन शहर में नाबालिग भी कर रहे है। नियमों को ताक पर रखकर इनका बेखौफ होकर संचालन किया जा रहा है।
शहर में ई-रिक्शों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इनका कहीं कोई पंजीकरण न होने से रोड पर माह में करीब दर्जन भर नए रिक्शे आ जाते हैं। कुछ ऐसे ई-रिक्शे होते हैं, जिनकी हालत जर्जर होती है। वह रोड पर चलाने की स्थिति में नहीं होते। लेकिन चालक फिर भी इनका संचालन कर रहे हैं। इसके अलावा चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर इनका संचालन करते हैं। यही कारण है कि शहर में लगभग सभी बाजारों में जाम की स्थिति बनी रहती है।
इस जाम के झाम से लोग परेशान हैं। छात्र व छात्राएं इस जाम में फंसकर स्कूल जाने के लिए लेट हो जाते हैं। बाजारों में इनके कारण पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन पूर्व में कई बार ई रिक्शों के अवैध संचालन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर चुुका है, जोकि हवा हवाई साबित हुए है।
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एआरटीओ छवि कह चुकी हैं कि कोई भी ई रिक्शा बिना पंजीकरण के चलते पाया गया तो उसे मौके पर कटवाकर कंडम कर दिया जाएगा। जबकि लगभग सभी ई-रिक्शे शहर में बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। आज तक किसी ई-रिक्शे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे रिक्शे चालक बेखौफ हैं।
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शहर में ई-रिक्शों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इनका कहीं कोई पंजीकरण न होने से रोड पर माह में करीब दर्जन भर नए रिक्शे आ जाते हैं। कुछ ऐसे ई-रिक्शे होते हैं, जिनकी हालत जर्जर होती है। वह रोड पर चलाने की स्थिति में नहीं होते। लेकिन चालक फिर भी इनका संचालन कर रहे हैं। इसके अलावा चालक यातायात नियमों को ताक पर रखकर इनका संचालन करते हैं। यही कारण है कि शहर में लगभग सभी बाजारों में जाम की स्थिति बनी रहती है।
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इस जाम के झाम से लोग परेशान हैं। छात्र व छात्राएं इस जाम में फंसकर स्कूल जाने के लिए लेट हो जाते हैं। बाजारों में इनके कारण पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। प्रशासन पूर्व में कई बार ई रिक्शों के अवैध संचालन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा कर चुुका है, जोकि हवा हवाई साबित हुए है।
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एआरटीओ छवि कह चुकी हैं कि कोई भी ई रिक्शा बिना पंजीकरण के चलते पाया गया तो उसे मौके पर कटवाकर कंडम कर दिया जाएगा। जबकि लगभग सभी ई-रिक्शे शहर में बिना पंजीकरण के चल रहे हैं। आज तक किसी ई-रिक्शे के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। जिससे रिक्शे चालक बेखौफ हैं।