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ईरान में बसे अपनों की खबर ले रहे संभलवासी
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संभल/असमोली। चीन के बाद कोरोना वायरस ईरान पहुंच गया है। संभल जिले के पचास से अधिक लोग इन दिनों ईरान में हैं। कई लोग ऐसे हैं जो परिवार के साथ ईरान के विभिन्न शहरों में बसे हुए हैं। ऐसे लोगों के परिजन संभल, सिरसी, बुकनाला सादात, शाहपुर सिरपुड़ा, इकरोटिया में रहते हैं। वे लोग तब से चिंतित हैं जब उन्हें यह पता लगा है कि चीन के बाद ईरान में भी कोरोना वायरस से खतरा पैदा हो गया है। ऐसे परिजन अपने-अपने रिश्तेदारों और परिजनों की पल-पल खबर ले रहे हैं।
पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के हमले में 3000 से अधिक लोगों की जान गई है। इसलिए अब वे भारतीय चिंता में आ गए हैं जिनके परिजन चीन, ईरान, इटली, कोरिया समेत उन देशों में रह रहे हैं जहां पर कोरोना वायरस से मौतों का खतरा बरकरार है। परिजन पल-पल खबर रहे हैं और उनसे भारत लौटने का आग्रह कर रहे हैं। ईरान में बातचीत करने वाले परिजनों का कहना है कि इस समय तो वहां से उड़ाने ही बंद चल रहीं हैं। भारत आने का मन बनाने वाले भी अब नहीं आ पा रहे हैं। उन्हें उड़ानें शुरू होने का इंतजार है।
सिरसी निवासी इब्ने अब्बास ने बताया कि उनके परिवार से मौलाना अकबर अली ईरान के मशहद शहर में हैं और 10-12 वर्ष से वहीं पर पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन जब से कोरोना वायरस पहुंचा है तब से रोजाना बात हो रही है। अकबर अली ने उन्हें बताया है कि वह सुरक्षित हैं और उस क्षेत्र से काफी दूर हैं जहां वायरस का हमला हुआ है। सिरसी निवासी मौलाना नदीम, मशहद स्थित विश्वविद्यालय में धार्मिक शिक्षा हासिल करने के लिए गए हैं। लेकिन वह भी खैरियत से हैं।
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जैसे ही देश के लिए उड़ाने शुरू होंगी वह भारत आएंगे। मौलाना नदीम के भाई जिया ने बताया कि जब कोरोना वायरस के हमले की खबरें आईं तो परिवार में चिंता हो गई। लेकिन फोन पर बातचीत की तो सुकून मिला। संभल जिले के सिरसी निवासी कई लोग ईरान के कुम में परिवार के साथ रह रहे हैं। उनसे भी उनके परिजन हालचाल ले रहे हैं।
हमें फिक्र है अपने परिजनों और परिचितों की
ओबरी (संभल)। कोरोना वायरस के हमले की खबर सुनकर हम अपने परिचितों और परिजनों को लेकर चिंता में पड़ गए हैं। क्योंकि वे ईरान में है। यह बात बुकनाला निवासी सिब्ते नबी ने कही। उनके बेटे मौलाना नाज हैदर इन दिनों ईरान में रह रहे हैं और धार्मिक पढ़ाई कर रहे हैं। जब से वायरस के हमले की खबर मिली तब से रोजाना बातचीत हो रही है। इसी गांव के निवासी वफादार हुसैन भी ईरान में हैं। उनके बड़े भाई ईसार हुसैन ने बताया कि उन्हें ईरान में बसे परिजनों की चिंता है।
संभल जिले में अब तक चीन और ईरान से आए हैं कुल चार लोग
संभल। जब से कोरोना वायरस ने हमला किया है तब से अब तक संभल जिले में ईरान से दो और चीन से दो लोग आए हैं। चारों लोगों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम जा चुकी है। संभल के जिला अस्पताल में कोराना वायरस के हमले की स्थिति से निबटने के लिए आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है।
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पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के हमले में 3000 से अधिक लोगों की जान गई है। इसलिए अब वे भारतीय चिंता में आ गए हैं जिनके परिजन चीन, ईरान, इटली, कोरिया समेत उन देशों में रह रहे हैं जहां पर कोरोना वायरस से मौतों का खतरा बरकरार है। परिजन पल-पल खबर रहे हैं और उनसे भारत लौटने का आग्रह कर रहे हैं। ईरान में बातचीत करने वाले परिजनों का कहना है कि इस समय तो वहां से उड़ाने ही बंद चल रहीं हैं। भारत आने का मन बनाने वाले भी अब नहीं आ पा रहे हैं। उन्हें उड़ानें शुरू होने का इंतजार है।
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सिरसी निवासी इब्ने अब्बास ने बताया कि उनके परिवार से मौलाना अकबर अली ईरान के मशहद शहर में हैं और 10-12 वर्ष से वहीं पर पढ़ाई कर रहे हैं। लेकिन जब से कोरोना वायरस पहुंचा है तब से रोजाना बात हो रही है। अकबर अली ने उन्हें बताया है कि वह सुरक्षित हैं और उस क्षेत्र से काफी दूर हैं जहां वायरस का हमला हुआ है। सिरसी निवासी मौलाना नदीम, मशहद स्थित विश्वविद्यालय में धार्मिक शिक्षा हासिल करने के लिए गए हैं। लेकिन वह भी खैरियत से हैं।
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जैसे ही देश के लिए उड़ाने शुरू होंगी वह भारत आएंगे। मौलाना नदीम के भाई जिया ने बताया कि जब कोरोना वायरस के हमले की खबरें आईं तो परिवार में चिंता हो गई। लेकिन फोन पर बातचीत की तो सुकून मिला। संभल जिले के सिरसी निवासी कई लोग ईरान के कुम में परिवार के साथ रह रहे हैं। उनसे भी उनके परिजन हालचाल ले रहे हैं।
हमें फिक्र है अपने परिजनों और परिचितों की
ओबरी (संभल)। कोरोना वायरस के हमले की खबर सुनकर हम अपने परिचितों और परिजनों को लेकर चिंता में पड़ गए हैं। क्योंकि वे ईरान में है। यह बात बुकनाला निवासी सिब्ते नबी ने कही। उनके बेटे मौलाना नाज हैदर इन दिनों ईरान में रह रहे हैं और धार्मिक पढ़ाई कर रहे हैं। जब से वायरस के हमले की खबर मिली तब से रोजाना बातचीत हो रही है। इसी गांव के निवासी वफादार हुसैन भी ईरान में हैं। उनके बड़े भाई ईसार हुसैन ने बताया कि उन्हें ईरान में बसे परिजनों की चिंता है।
संभल जिले में अब तक चीन और ईरान से आए हैं कुल चार लोग
संभल। जब से कोरोना वायरस ने हमला किया है तब से अब तक संभल जिले में ईरान से दो और चीन से दो लोग आए हैं। चारों लोगों के घर स्वास्थ्य विभाग की टीम जा चुकी है। संभल के जिला अस्पताल में कोराना वायरस के हमले की स्थिति से निबटने के लिए आईसोलेशन वार्ड बनाया गया है।