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कांग्रेस प्रत्याशी को न मायके में मिला समर्थन, न ससुराल का नजर आया साथ
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संभल। संभल विधानसभा सीट से कांग्रेस की प्रत्याशी निदा अहमद की विधानसभा चुनाव में जमानत जब्त हो गई। प्रत्याशी को न ससुराल के बूथ से समर्थन मिला और न मायके के बूथ पर वोटों की बढ़त मिल सकी। पार्टी जिलाध्यक्ष के बूथ पर भी हाथ का साथ देने वालों की संख्या कम रही।
निदा अहमद की ससुराल चौधरी सराय की है और मायका दीपा सराय का है। दोनों ही इलाके से उनके पक्ष में मतदान का प्रतिशत बेहद ही कम रहा। चौधरी सराय से ससुराल के बूथ संख्या 237 पर उन्हें मात्र 63 वोट मिले हैं। वहीं दीपा सराय स्थित मायके के बूथ संख्या 289 से मात्र 91 वोट ही मिल सके। ससुराल और मायके का समर्थन न मिलने के अलावा पार्टी नेताओं के बूथों से भी निराशा ही हाथ लगी।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय शर्मा गांव मोहम्मदपुर टांडा में रहते हैं। उनके बूथ संख्या 162 पर निदा को मात्र 13 वोट मिले हैं। इसका नतीजा यह रहा है कि विधानसभा चुनाव में मात्र 2256 ही वोट उनके हिस्से में आए।
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49 बूथों पर नहीं खुल सका कांग्रेस प्रत्याशी का खाता
संभल। कांग्रेस प्रत्याशी को संभल विधानसभा सीट पर मुकाबले में माना जा रहा था। ससुराल और मायका का फायदा होने की भी खूब चर्चा थी, लेकिन गुरुवार को सामने आए परिणाम के बाद स्थिति ही कांग्रेस प्रत्याशी की बदली नजर आई। पूरे विधानसभा क्षेत्र के 420 बूथों में से 49 बूथ ऐसे हैं जहां कांग्रेस प्रत्याशी का खाता ही नहीं खुल सका। पार्टी नेताओं की मेहनत पर भी इस परिणाम ने सवाल उठा दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 1952 से लेकर 2022 तक के चुनाव में सबसे कम वोट पाने वाली प्रत्याशी भी निदा अहमद बन गई हैं।
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निदा अहमद की ससुराल चौधरी सराय की है और मायका दीपा सराय का है। दोनों ही इलाके से उनके पक्ष में मतदान का प्रतिशत बेहद ही कम रहा। चौधरी सराय से ससुराल के बूथ संख्या 237 पर उन्हें मात्र 63 वोट मिले हैं। वहीं दीपा सराय स्थित मायके के बूथ संख्या 289 से मात्र 91 वोट ही मिल सके। ससुराल और मायके का समर्थन न मिलने के अलावा पार्टी नेताओं के बूथों से भी निराशा ही हाथ लगी।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय शर्मा गांव मोहम्मदपुर टांडा में रहते हैं। उनके बूथ संख्या 162 पर निदा को मात्र 13 वोट मिले हैं। इसका नतीजा यह रहा है कि विधानसभा चुनाव में मात्र 2256 ही वोट उनके हिस्से में आए।
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49 बूथों पर नहीं खुल सका कांग्रेस प्रत्याशी का खाता
संभल। कांग्रेस प्रत्याशी को संभल विधानसभा सीट पर मुकाबले में माना जा रहा था। ससुराल और मायका का फायदा होने की भी खूब चर्चा थी, लेकिन गुरुवार को सामने आए परिणाम के बाद स्थिति ही कांग्रेस प्रत्याशी की बदली नजर आई। पूरे विधानसभा क्षेत्र के 420 बूथों में से 49 बूथ ऐसे हैं जहां कांग्रेस प्रत्याशी का खाता ही नहीं खुल सका। पार्टी नेताओं की मेहनत पर भी इस परिणाम ने सवाल उठा दिए हैं। आंकड़ों के मुताबिक 1952 से लेकर 2022 तक के चुनाव में सबसे कम वोट पाने वाली प्रत्याशी भी निदा अहमद बन गई हैं।