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Sambhal News: डिप्थीरिया और टिटनेस से बचाव के लिए बच्चों को लगेगी वैक्सीन
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चंदौसी। डिप्थीरिया और टिटनेस से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग 31 अगस्त तक विशेष टीकाकरण अभियान चलाएगा। अभियान के तहत सरकारी, निजी स्कूल व मदरसों में शिक्षा लेने वाले 10 से 16 आयुवर्ग के छात्र-छात्राओं को टीडी वैक्सीन लगाई जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने अभियान की शुरुआत एक अगस्त से शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी व निजी स्कूलों के अलावा मदरसा में पढ़ने वाले कक्षा एक, पांच और 10 के विद्यार्थियों को डिप्थीरिया और टिटनेस से बचाव की वैक्सीन लगाई जाएगी। यह टीका उन बच्चों को भी लगेगा, जिन्होंने किसी कारणवश पहले टीका नहीं लगवाया है।
डीआईओ व एसीएमओ डॉ. पंकज विश्नोई ने बताया कि डिप्थीरिया एक संक्रामक जीवाणु रोग है। साथ ही, यह बीमारी जानलेवा हो सकती है, लेकिन अगर समय पर टीकाकरण हो जाए, तो इस बीमारी से बचाव संभव है।
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उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया से बचाव के लिए बच्चों को पहला टीका 6 सप्ताह में, दूसरा 10 सप्ताह और तीसरा 14 सप्ताह पर लगाया जाता है। इसके बाद पहला बूस्टर डेढ़ साल, दूसरा पांच साल, तीसरा 10 साल और चौथा 16 साल की उम्र में दिया जाता है। बताया कि आठ ब्लॉक में यह अभियान चलाया जा रहा है।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से सरकारी व निजी स्कूलों के अलावा मदरसा में पढ़ने वाले कक्षा एक, पांच और 10 के विद्यार्थियों को डिप्थीरिया और टिटनेस से बचाव की वैक्सीन लगाई जाएगी। यह टीका उन बच्चों को भी लगेगा, जिन्होंने किसी कारणवश पहले टीका नहीं लगवाया है।
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डीआईओ व एसीएमओ डॉ. पंकज विश्नोई ने बताया कि डिप्थीरिया एक संक्रामक जीवाणु रोग है। साथ ही, यह बीमारी जानलेवा हो सकती है, लेकिन अगर समय पर टीकाकरण हो जाए, तो इस बीमारी से बचाव संभव है।
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उन्होंने बताया कि डिप्थीरिया से बचाव के लिए बच्चों को पहला टीका 6 सप्ताह में, दूसरा 10 सप्ताह और तीसरा 14 सप्ताह पर लगाया जाता है। इसके बाद पहला बूस्टर डेढ़ साल, दूसरा पांच साल, तीसरा 10 साल और चौथा 16 साल की उम्र में दिया जाता है। बताया कि आठ ब्लॉक में यह अभियान चलाया जा रहा है।