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'दीपावली मनाएं या फसल के लिए खाद जुटाएं'

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 04 Nov 2021 12:00 AM IST
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'Celebrate Diwali or collect manure for the crop'
संभल। पहले बारिश और अब सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल किसानों के लिए मुसीबत बनी है। कुछ दिन पहले हुई बारिश ने फसल नष्ट करने के साथ ही किसानों के कई अरमानों को नष्ट कर दिया। धान की फसल का बड़ा रकबा इस बारिश की चपेट में आया और काफी किसानों के आलू, सरसों व सब्जी की भी फसल नष्ट हुई। अब किसान ने फिर हिम्मत कर अपनी फसल लगाने के जुगाड़ किया, लेकिन अब खाद की किल्लत है। ऐसे में किसान बेबस हैं। शासन से लेकर प्रशासन तक इस समस्या का हल करने में असमर्थ नजर आ रहा है। जबकि किसान खाद के लिए चक्कर लगा रहे हैं और इधर से उधर भटक रहे हैं। कहीं किसी को खाद मिल रहा है तो वह पर्याप्त नहीं है जिससे वह अपनी फसल को लगा सके।
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आलू की खेती संभल जिले में बड़े स्तर पर की जाती है और इस समय आलू का सीजन है। दीपावली है लेकिन किसान का प्रयास है कि खाद मिल जाए। जिससे वह अपनी फसल को लगा सके। किसान भटक रहे हैं और सहकारी समितियों के सचिव अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इससे नुकसान किसानों को हो रहा है।
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सचिव चल रहे हैं हड़ताल पर, खामियाजा किसान उठा रहा
संभल। पैक्स सचिव वेलफेयर सोसायटी उत्तर प्रदेश के आह्वान पर सभी सहकारी समितियों के सचिव पहली नवंबर से हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल का असर किसानों की फसलों पर सीधा पड़ना तय है। जिला प्रशासन वैकल्पिक व्यवस्था कर नहीं पा रहा है और किसान खाद के लिए किसान भटक रहे हैं। सचिवों की मांग है कि पदोन्नति की जाए और राज्य कर्मचारी घोषित किया जाए। इस हड़ताल में पिछले भुगतान और नई भर्ती की भी मांग उठाई जा रही है। संवाद
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क्या बोले किसान
सुबह दस बजे हयातनगर इफ्को केंद्र पर आ गए थे। एनपीके लेने के लिए लेकिन लाइन में लगे रहे और खाद मिला नहीं। कर्मचारियों ने कुछ लोगों को खाद का वितरण किया और बाद में बंद कर चले गए। त्योहार के मौके पर फसल की भी चिंता सता रही है।
वरूण कुमार, गांव आढौल
आलू की फसल लगानी है। सुबह में बहजोई गए थे, लेकिन वहां केंद्र पर ताला लगा था। इसके बाद घर लौट आए। कुछ दिन पहले हुई बारिश से ही काफी नुकसान हो चुका है। अब खाद की किल्लत परेशान कर रही है। जिला प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है।
अनेकपाल, गांव करीमपुर
कई दिनों से खाद के लिए भटक रहे हैं। पवांसा और हयातनगर में खाद नहीं मिला। जरूरत 15 खाद के कट्टों की थी, लेकिन सैफखां सराय में तीन घंटे लाइन में खड़े होने के बाद छह कट्टे मिल सके। इतने खाद से फसल की भरपाई करना मुश्किल है।

परमजीत यादव, गांव अख्त्यारपुर चौबे
12 कट्टे खाद की जरूरत है। पांच कट्टे मुश्किल से मिल पाए हैं। सात कट्टे के लिए अब इधर उधर घूमना पड़ रहा है। सरकार किसान की समस्याओं को समझ नहीं रही है। बारिश से नुकसान हुआ है और अब खाद की किल्लत किसानों के लिए परेशानी का कारण हैं।
अशोक कुमार, गांव धुरैटा
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