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अलर्ट : गंगा का जलस्तर बढ़ा, आठ गांवों में बाढ़ आने की आशंका
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संभल। बैराज से पानी छोड़े जाने पर गंगा का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे एसडीएम ने बाढ़ आशंकित आठ गांवों में सतर्क रहने के लिए कहा है। साथ ही खेतों की ओर न जाने के लिए ग्रामीणों से आग्रह किया गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर की निगरानी के लिए बाढ़ चौकियों पर ड्यूटी लगाई गई है। जिससे पूरी तरह निगरानी की जा सके।
नरौरा गंगा बैराज पर मंगलवार की शाम तक 39,9,88 क्यूसेक पानी था। बुधवार की शाम तक पानी का लेवल बढ़ गया और दो लाख क्यूसेक होकर 179 सेमी पर जलस्तर पर हो गया। वहीं 180 सेमी पर खतरे का निशान है। बुधवार की दोपहर को प्रशासन ने 1.5 लाख क्यूसेक पानी भी डिस्चार्ज भी किया गया था, लेकिन शाम तक फिर पानी बढ़ गया। यदि 2.5 लाख क्यूसेक पानी हुआ तो बाढ़ आ सकती है। खतरा बढ़ने के साथ ही प्रशासन भी सतर्क हो गया। बाढ़ आशंकित गांवों में ग्रामीणों को खेतों की ओर न जाने के लिए आग्रह किया गया। प्रशासन के अनुसार रात से गुरुवार की सुबह तक पानी बढ़ सकता है। इसलिए चौकसी बरती जा रही है। यदि रात से सुबह तक जलस्तर तक बढ़ता है तो बाढ़ का खतरा हो सकता है।
यह हैं बाढ़ आशंकित गांव
गुन्नौर तहसील के गांव रघुपुर पुख्ता, उदिया नगला, मैंगरा, सालिंग की मढैया, बझागी और समसपुर गंग ऐसे गांव हैं जहां बाढ़ की आशंका है। रघुपुर पुख्ता के ग्रामीणों ने बताया कि जो पानी बैराज से डिस्चार्ज किया गया है उससे अब तक खतरा नहीं है। गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर पानी बह रहा है। यदि पानी का स्तर बढ़ा तो खतरा हो सकता है।
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गंगा में जलस्तर लगातार बढ़ने पर सभी गंगा किनारे के गांव में अलर्ट जारी करा दिया गया है। ग्रामीणों को खेतों की तरफ जाने से मना किया है। इसके अलावा सभी बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, कानूनगो की तैनाती की गई है जो निगरानी कर रहे हैं।
रामकेश सिंह धामा, एसडीएम, गुन्नौर
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नरौरा गंगा बैराज पर मंगलवार की शाम तक 39,9,88 क्यूसेक पानी था। बुधवार की शाम तक पानी का लेवल बढ़ गया और दो लाख क्यूसेक होकर 179 सेमी पर जलस्तर पर हो गया। वहीं 180 सेमी पर खतरे का निशान है। बुधवार की दोपहर को प्रशासन ने 1.5 लाख क्यूसेक पानी भी डिस्चार्ज भी किया गया था, लेकिन शाम तक फिर पानी बढ़ गया। यदि 2.5 लाख क्यूसेक पानी हुआ तो बाढ़ आ सकती है। खतरा बढ़ने के साथ ही प्रशासन भी सतर्क हो गया। बाढ़ आशंकित गांवों में ग्रामीणों को खेतों की ओर न जाने के लिए आग्रह किया गया। प्रशासन के अनुसार रात से गुरुवार की सुबह तक पानी बढ़ सकता है। इसलिए चौकसी बरती जा रही है। यदि रात से सुबह तक जलस्तर तक बढ़ता है तो बाढ़ का खतरा हो सकता है।
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यह हैं बाढ़ आशंकित गांव
गुन्नौर तहसील के गांव रघुपुर पुख्ता, उदिया नगला, मैंगरा, सालिंग की मढैया, बझागी और समसपुर गंग ऐसे गांव हैं जहां बाढ़ की आशंका है। रघुपुर पुख्ता के ग्रामीणों ने बताया कि जो पानी बैराज से डिस्चार्ज किया गया है उससे अब तक खतरा नहीं है। गांव से करीब तीन किलोमीटर दूर पानी बह रहा है। यदि पानी का स्तर बढ़ा तो खतरा हो सकता है।
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गंगा में जलस्तर लगातार बढ़ने पर सभी गंगा किनारे के गांव में अलर्ट जारी करा दिया गया है। ग्रामीणों को खेतों की तरफ जाने से मना किया है। इसके अलावा सभी बाढ़ चौकियों पर लेखपाल, कानूनगो की तैनाती की गई है जो निगरानी कर रहे हैं।
रामकेश सिंह धामा, एसडीएम, गुन्नौर