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मारपीट के आरोप में घिरीं प्रधानाध्यापिका और शिक्षा मित्र पर कार्रवाई
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आपस में मारपीट के आरोप में घिरीं प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर दिया गया है, जबकि शिक्षा मित्र के एक माह के मानदेय पर रोक के साथ-साथ सेवा समाप्ति की सिफारिश की जा रही है।
बीएसएस दीपिका चतुर्वेदी ने बताया संभल ब्लॉक के गांव मिलक सिसौटा के प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका शालिनी सिंह और शिक्षामित्र राजबाला के बीच 30 मार्च को मारपीट की जानकारी मिली थी। संभल के खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए विद्यालय भेजा था। जांच में सामने आया कि प्रधानाध्यापिका जातीय भेदभाव के कारण मध्याह्न भोजन के तहत तैयार होने वाला खाना नहीं चखती हैं। कंपोजिट ग्रांट की धनराशि स्वयं निकालने से गबन की श्रेणी का मामला भी जानकारी में आया। शिक्षामित्र और प्रधानाध्यापिका के बीच अक्सर झगड़ा होने की बात भी सामने आई। लिहाजा प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर संभल बीआरसी से संबंद्ध कर दिया है।
बीएसए के मुताबिक प्रधानाध्यापिका से मारपीट में शिक्षामित्र द्वारा चप्पल का प्रयोग करने और मध्याह्न भोजन में हिस्सेदारी मांगने की बात भी सामने आई थी। लिहाजा शिक्षामित्र के एक महीने के मानदेय पर रोक लगा दी है। ग्राम शिक्षा समिति का प्रस्ताव पास कराके शिक्षामित्र की सेवा समाप्त कराने की सिफारिश भी की है।
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बीएसए का कहना है कि निरीक्षण में विद्यालय की हालत बेहद खराब मिली थी।
सहायक अध्यापिका की वेतनवृद्धि पर रोक
बीएसए के मुताबिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका वंदना यादव पर मध्याह्न भोजन में हिस्सेदारी मांगने, गलत तरीके से पोर्टल पर शिकायत करने, विद्यालय का चार्ज लेने के लिए दबाव बनाने, चार्ज जैसे आरोप हैं। जांच के बाद उनकी दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। सुधार नहीं होने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी भी दी है।
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बीएसएस दीपिका चतुर्वेदी ने बताया संभल ब्लॉक के गांव मिलक सिसौटा के प्राथमिक विद्यालय में तैनात प्रधानाध्यापिका शालिनी सिंह और शिक्षामित्र राजबाला के बीच 30 मार्च को मारपीट की जानकारी मिली थी। संभल के खंड शिक्षा अधिकारी को जांच के लिए विद्यालय भेजा था। जांच में सामने आया कि प्रधानाध्यापिका जातीय भेदभाव के कारण मध्याह्न भोजन के तहत तैयार होने वाला खाना नहीं चखती हैं। कंपोजिट ग्रांट की धनराशि स्वयं निकालने से गबन की श्रेणी का मामला भी जानकारी में आया। शिक्षामित्र और प्रधानाध्यापिका के बीच अक्सर झगड़ा होने की बात भी सामने आई। लिहाजा प्रधानाध्यापिका को निलंबित कर संभल बीआरसी से संबंद्ध कर दिया है।
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बीएसए के मुताबिक प्रधानाध्यापिका से मारपीट में शिक्षामित्र द्वारा चप्पल का प्रयोग करने और मध्याह्न भोजन में हिस्सेदारी मांगने की बात भी सामने आई थी। लिहाजा शिक्षामित्र के एक महीने के मानदेय पर रोक लगा दी है। ग्राम शिक्षा समिति का प्रस्ताव पास कराके शिक्षामित्र की सेवा समाप्त कराने की सिफारिश भी की है।
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बीएसए का कहना है कि निरीक्षण में विद्यालय की हालत बेहद खराब मिली थी।
सहायक अध्यापिका की वेतनवृद्धि पर रोक
बीएसए के मुताबिक विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापिका वंदना यादव पर मध्याह्न भोजन में हिस्सेदारी मांगने, गलत तरीके से पोर्टल पर शिकायत करने, विद्यालय का चार्ज लेने के लिए दबाव बनाने, चार्ज जैसे आरोप हैं। जांच के बाद उनकी दो वेतन वृद्धि पर रोक लगाई गई है। सुधार नहीं होने पर सेवा समाप्ति की चेतावनी भी दी है।