Sambhal: आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इंडिया गठबंधन पर उठाए सवाल, अखिलेश यादव के चिरकुट बयान पर कह दी बड़ी बात
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सवाल उठाया किसपा नेता अखिलेश यादव की बयानबाजी के बाद इंडिया गठबंधन कैसे और कितने दिन चलेगा। कृष्णम ने कहा है कि अखिलेश को हम माननीय कहकर संबोधित करते हैं लेकिन वह हमारे नेता के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं।
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कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने इंडिया गठबंधन पर सवाल उठाया है। कहा कि सपा नेता अखिलेश यादव ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को चिरकुट कहकर संबोधित किया है। ऐसे में इंडिया गठबंधन कैसे और कितने दिन चलेगा। कृष्णम ने यह बात अखिलेश यादव के उस बयान पर दिया है जिसमें सपा नेता ने कहा था कि कांग्रेस ने धोखा दिया है।
वह अपने चिरकुट नेताओं से हमारे बारे में न बुलवाया करे। अखिलेश यादव ने प्रदेश अध्यक्ष का नाम नहीं लिया था। प्रमोद कृष्णम ने कहा है कि अखिलेश यादव को हम माननीय कहकर संबोधित करते हैं और वह हमारे यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को चिरकुट कहकर संबोधित कर रहे हैं।
आगे कहा है कि ऐसे में इंडिया गठबंधन कैसे और कितने दिन चलेगा। मालूम हो आचार्य प्रमोद कृष्णम कांग्रेस पार्टी के टिकट पर वर्ष 2014 में संभल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। प्रियंका गांधी के करीबी माने जाते हैं। संभल कल्कि मंदिर के पीठाधीश्वर हैं।
अखिलेश यादव की कांग्रेस को दी थी चेतावनी- दिया था यह बयान
विपक्षी गठबंधन के प्रमुख घटक समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व को चेतावनी भी दी कि अपने चिरकुट नेताओं से हमारे बारे न बुलवाया करें। मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भरोसा देने के बावजूद सीटें न देने से खफा अखिलेश ने साफ कहा कि सपा भी अब कांग्रेस के साथ ऐसा ही व्यवहार करेगी।
शाहजहांपुर में बृहस्पतिवार को सपा के प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने पहुंचे अखिलेश यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने छह सीटें छोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक भी सीट नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस यह स्पष्ट कर देती, तो वह अपने नेताओं को दिग्विजय सिंह से मिलने नहीं भेजते।
अब सपा मजबूत प्रत्याशियों को इन सीटों पर उतारेगी। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन को पहले ही स्पष्ट कर देना चाहिए था कि तालमेल केवल लोकसभा चुनाव के लिए है न कि विधानसभा चुनाव के लिए। सपा प्रमुख ने कहा कि समय आने पर जब दिल्ली गठबंधन (लोकसभा चुनाव) होगा तो हम भी वही व्यवहार करेंगे जो हमारे साथ मध्य प्रदेश में किया गया।