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पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष ज्यादा सामने आए एड्स के मामले,सात गर्भवती महिलाएं भी शामिल
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संभल। पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष जिले में जानलेवा बीमारी एड्स के 75 मामले बढ़े हैं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस बीमारी के प्रति लोगों को लगातार जागरूक किए जाने का दावा किया जा रहा है। वहीं, निजी संस्थाओं के माध्यम से समय-समय पर कार्यक्रम किए जाते हैं, ताकि लोगों में जागरूकता बनी रही।
जिले में एआरटी सेंटर नहीं है। इसलिए सभी मरीजों को मुरादाबाद जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है। जिले में एचआईवी की जांच तीन केंद्र संभल, असमोली और चंदौसी में जांच की जाती है। चंदौसी और असमोली में इसी वर्ष से जांच की व्यवस्था शुरू हुई है। 2020 में एड्स की जांच संभल जिला अस्पताल में ही हुआ करती थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में जिलेभर के 3790 लोगों की एचआईवी की जांच हुई थी, जिसमें 52 संक्रमित मरीज मिले थे। इस वर्ष संभल जिला अस्पताल में 2423 मरीजों की जांच हुई। इसमें 54 मरीज मिले, जबकि चंदौसी सीएचसी में 1921 मरीजों की जांच में से 21 मरीजों में एड्स की पुष्टि हुई। असमोली सीएचसी में 921 लोगों की जांच हुई, इसमें कोई भी एड्स संक्रमित नहीं मिला। वहीं, हैरानी बात यह है कि संभल जिला अस्पताल में पिछले वर्ष के मुकाबले कम लोगों की जांच हुई है, लेकिन मरीज पिछले वर्ष से ज्यादा मिले हैं।
ईएमटीसीटी संस्था कर रही जागरूक
संभल। ईएमटीसीटी संस्था की प्रोजेक्ट मैनेजर निदा परवीन ने बताया कि इस वर्ष सात गर्भवती महिलाएं संक्रमित मिली हैं। जिनकी निगरानी की जा रही है। 2016 से 2020 तक 21 महिलाएं संक्रमित मिली थीं। बताया कि उनकी संस्था आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से महिलाओं की जांच करती हैं। जो महिलाएं संक्रमित मिलती हैं उनको पूरी एहतियात के साथ ही एआरटी सेंटर से उपचार कराया जाता है। पूरी निगरानी की जाती है। महिलाओं में जागरूकता बने इसके लिए संस्था की ओर से समय-समय पर कार्यक्रम कराए जाते हैं। यह कार्यक्रम स्कूल और कालेज में होते हैं।
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एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति में इस तरह के लक्षण पाएं जाते हैं
गले में खराश
रात के दौरान पसीना
बढ़ी हुई ग्रंथियां
वजन घटना
बुखार
ठंड लगना
थकान
दुर्बलता
जोड़ो का दर्द
मांसपेशियों में दर्द
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जिले में एआरटी सेंटर नहीं है। इसलिए सभी मरीजों को मुरादाबाद जिला अस्पताल के लिए रेफर किया जाता है। जिले में एचआईवी की जांच तीन केंद्र संभल, असमोली और चंदौसी में जांच की जाती है। चंदौसी और असमोली में इसी वर्ष से जांच की व्यवस्था शुरू हुई है। 2020 में एड्स की जांच संभल जिला अस्पताल में ही हुआ करती थी। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 2020 में जिलेभर के 3790 लोगों की एचआईवी की जांच हुई थी, जिसमें 52 संक्रमित मरीज मिले थे। इस वर्ष संभल जिला अस्पताल में 2423 मरीजों की जांच हुई। इसमें 54 मरीज मिले, जबकि चंदौसी सीएचसी में 1921 मरीजों की जांच में से 21 मरीजों में एड्स की पुष्टि हुई। असमोली सीएचसी में 921 लोगों की जांच हुई, इसमें कोई भी एड्स संक्रमित नहीं मिला। वहीं, हैरानी बात यह है कि संभल जिला अस्पताल में पिछले वर्ष के मुकाबले कम लोगों की जांच हुई है, लेकिन मरीज पिछले वर्ष से ज्यादा मिले हैं।
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ईएमटीसीटी संस्था कर रही जागरूक
संभल। ईएमटीसीटी संस्था की प्रोजेक्ट मैनेजर निदा परवीन ने बताया कि इस वर्ष सात गर्भवती महिलाएं संक्रमित मिली हैं। जिनकी निगरानी की जा रही है। 2016 से 2020 तक 21 महिलाएं संक्रमित मिली थीं। बताया कि उनकी संस्था आशा वर्कर और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सहयोग से महिलाओं की जांच करती हैं। जो महिलाएं संक्रमित मिलती हैं उनको पूरी एहतियात के साथ ही एआरटी सेंटर से उपचार कराया जाता है। पूरी निगरानी की जाती है। महिलाओं में जागरूकता बने इसके लिए संस्था की ओर से समय-समय पर कार्यक्रम कराए जाते हैं। यह कार्यक्रम स्कूल और कालेज में होते हैं।
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एचआईवी से संक्रमित व्यक्ति में इस तरह के लक्षण पाएं जाते हैं
गले में खराश
रात के दौरान पसीना
बढ़ी हुई ग्रंथियां
वजन घटना
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ठंड लगना
थकान
दुर्बलता
जोड़ो का दर्द
मांसपेशियों में दर्द