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चाचा भतीजे के बाद अब बाबा सीएम लगाएंगे मां कैला देवी के दरबार में हाजिरी
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चंदौसी। राजस्थान के करौली जिले में त्रिकूट पर्वत पर विराजमान कैला मैया का दरबार देशभर में प्रसिद्ध हैं लेकिन संभल जिले के कैला देवी दरबार की मान्यता किसी से कम नहीं है। संभल लोकसभा क्षेत्र में जहां कैला देवी मां का दरबार है, उस गांव का नाम ही कैला देवी है। मां कैला देवी का आशीर्वाद संभल लोकसभा के चुनाव में काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि यादव बाहुल्य क्षेत्र में उन्हें यादवों की कुल देवी की तरह भी पूजा जाता है।
यही कारण है कि पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव मां कैला देवी के दरबार पहुंचे, फिर उनके चाचा प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल सिंह यादव ने मां कैला देवी के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लिया और अब 19 अप्रैल को यूपी के बाबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मां कैला मैया के दरबार में पहुंच रहे हैं। उनके लिए पूजा अर्चना की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वह यहां यादव क्षत्रपों की भांति ही यहीं पर जनसभा भी करेंगे। यह दीगर बात है कि सपा-बसपा गठबंधन ने उनकी जनसभा में जाटों की संख्या को कम करने के लिए इसी दिन जाट बाहुल्य क्षेत्र में जयंती चौधरी की जनसभा और रोड शो भी रखा है।
संभल लोकसभा चुनाव में यादव और दलित मतदाताओं पर सारा दारोमदार है। हर सियासी दल इन मतदाताओं को अपने पाले में करने का प्रयास कर रहा है। सपा-बसपा रालोद गठबंधन है तो सपा प्रत्याशी यह मानकर चल रहे हैं कि यह मतदाता उनके हैं लेकिन भाजपा, प्रसपा की भी इन मतदाताओं पर सीधी नजर हैं। यही कारण है कि हर राजनीतिक दल की पहली पसंद कैला देवी क्षेत्र बन गया है। क्योंकि यह पूरा इलाका यादव बाहुल्य है।
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लोकसभा चुनाव में यादव मतदाताओं का झुकाव चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। 11 अप्रैल को यहां सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कैला देवी के दरबार में पूजा करने के बाद जनसभा की। इसके बाद 14 अप्रैल को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव कैला देवी दरबार पहुंचे। उन्होंने भी पूजा अर्चना करके जनसभा को संबोधित किया।
अब इसके बाद भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी के समर्थन में जनसभा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी 19 अप्रैल को कैला देवी पहुंच रहे हैं। वह यहां जनसभा कर यादवों का रुख भाजपा की ओर करने का प्रयास तो करेंगे ही साथ ही मां कैला देवी के दरबार में जाकर विधिवत पूजा अर्चना भी करेंगे। इसके लिए मंदिर में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
दरअसल राजनीतिक दल, मां कैला देवी के आशीर्वाद के जरिये यदुवंशी मतदाताओं को अपने पाले में करना का प्रयास कर रहे हैं। देखना यह होगा कि मां कैला देवी का आशीर्वाद किसे मिलता है। यादव मतदाता किसके पाले में जाते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैला देवी क्षेत्र में 19 अप्रैल को होने वाली जनसभा में विशेषकर जाट बिरादरी के लोगों को जाने से रोकने और जाट मतदाताओं को साधने के लिए इसी दिन सिंहपुरसानी जाट बाहुल्य क्षेत्र भदरौला में रालोद के मुखिया चौधरी अजित सिंह के पुत्र व रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंती चौधरी की जनसभा भी रखी है। सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने बताया कि जयंत चौधरी 19 अप्रैल को अपराह्न दो बजे भदरौला गांव में जनसभा करेंगे। इसके बाद भड़वारा, शरीफपुर, चितावली, अलिया, भवालपुर आदि गांवों से होते हुए शाम तक रोड शो करेंगे, जिसका शाम को सात बजे जोया बार्डर पर समापन होगा।
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यही कारण है कि पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव मां कैला देवी के दरबार पहुंचे, फिर उनके चाचा प्रसपा सुप्रीमो शिवपाल सिंह यादव ने मां कैला देवी के दरबार में हाजिरी लगाकर आशीर्वाद लिया और अब 19 अप्रैल को यूपी के बाबा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मां कैला मैया के दरबार में पहुंच रहे हैं। उनके लिए पूजा अर्चना की विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। वह यहां यादव क्षत्रपों की भांति ही यहीं पर जनसभा भी करेंगे। यह दीगर बात है कि सपा-बसपा गठबंधन ने उनकी जनसभा में जाटों की संख्या को कम करने के लिए इसी दिन जाट बाहुल्य क्षेत्र में जयंती चौधरी की जनसभा और रोड शो भी रखा है।
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संभल लोकसभा चुनाव में यादव और दलित मतदाताओं पर सारा दारोमदार है। हर सियासी दल इन मतदाताओं को अपने पाले में करने का प्रयास कर रहा है। सपा-बसपा रालोद गठबंधन है तो सपा प्रत्याशी यह मानकर चल रहे हैं कि यह मतदाता उनके हैं लेकिन भाजपा, प्रसपा की भी इन मतदाताओं पर सीधी नजर हैं। यही कारण है कि हर राजनीतिक दल की पहली पसंद कैला देवी क्षेत्र बन गया है। क्योंकि यह पूरा इलाका यादव बाहुल्य है।
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लोकसभा चुनाव में यादव मतदाताओं का झुकाव चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। 11 अप्रैल को यहां सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कैला देवी के दरबार में पूजा करने के बाद जनसभा की। इसके बाद 14 अप्रैल को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव कैला देवी दरबार पहुंचे। उन्होंने भी पूजा अर्चना करके जनसभा को संबोधित किया।
अब इसके बाद भाजपा प्रत्याशी परमेश्वर लाल सैनी के समर्थन में जनसभा करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी 19 अप्रैल को कैला देवी पहुंच रहे हैं। वह यहां जनसभा कर यादवों का रुख भाजपा की ओर करने का प्रयास तो करेंगे ही साथ ही मां कैला देवी के दरबार में जाकर विधिवत पूजा अर्चना भी करेंगे। इसके लिए मंदिर में विशेष तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
दरअसल राजनीतिक दल, मां कैला देवी के आशीर्वाद के जरिये यदुवंशी मतदाताओं को अपने पाले में करना का प्रयास कर रहे हैं। देखना यह होगा कि मां कैला देवी का आशीर्वाद किसे मिलता है। यादव मतदाता किसके पाले में जाते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की कैला देवी क्षेत्र में 19 अप्रैल को होने वाली जनसभा में विशेषकर जाट बिरादरी के लोगों को जाने से रोकने और जाट मतदाताओं को साधने के लिए इसी दिन सिंहपुरसानी जाट बाहुल्य क्षेत्र भदरौला में रालोद के मुखिया चौधरी अजित सिंह के पुत्र व रालोद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंती चौधरी की जनसभा भी रखी है। सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खां ने बताया कि जयंत चौधरी 19 अप्रैल को अपराह्न दो बजे भदरौला गांव में जनसभा करेंगे। इसके बाद भड़वारा, शरीफपुर, चितावली, अलिया, भवालपुर आदि गांवों से होते हुए शाम तक रोड शो करेंगे, जिसका शाम को सात बजे जोया बार्डर पर समापन होगा।