{"_id":"6835f847571e61ebba0095c6","slug":"25-mango-crop-destroyed-due-to-storm-and-rain-sambhal-news-c-275-1-smbd1031-123030-2025-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sambhal News: आंधी-बारिश से 25 फीसदी आम की फसल बर्बाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sambhal News: आंधी-बारिश से 25 फीसदी आम की फसल बर्बाद
Tue, 27 May 2025 11:07 PM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
संवाद न्यूज एजेंसी, संभल
Updated Tue, 27 May 2025 11:07 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
संभल। लगातार बदल रहे मौसम के बीच आंधी और बारिश से आम की 20 से 25 फीसदी फसल को नुकसान पहुंचा है। आम उत्पादकों का कहना है कि आंधी और बारिश से लगातार नुकसान हो रहा है। यही हाल रहा तो इस बार लागत निकालना मुश्किल हो जाएगा। पहले ही 30 फीसदी फसल कीट रोग से खराब हो चुकी है। वहीं गन्ना, मक्का और मेंथा समेत बेल वाली फसलों के लिए बारिश मुफीद साबित हुई है।
रविवार के बाद सोमवार सुबह विभिन्न हिस्सों में फिर तेज हवा के बीच जमकर बारिश हुई। करीब एक घंटे तक जमकर पानी बरसा। इसके बाद सुबह साढ़े आठ बजे तक बूंदाबांदी होती रही। एक सप्ताह से लगातार मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। जैसी ही गर्मी के साथ उमस बढ़ती है, बारिश हो जाती है। इससे पहले बुधवार रात और रविवार तड़के तेज आंधी के बाद बारिश हुई। बड़ी तादाद में पेड़ भी गिरे हैं।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिकों का मानना है कि बारिश से फिलहाल गन्ना, मक्का, मेंथा समेत बेल वाली फसलों को फायदा होगा। हालांकि इस बदले मौसम की सबसे ज्यादा मार आम की फसल पर पड़ी है। यहां बुधवार रात और रविवार तड़के चली तेज आंधी से आम की 20 से 25 फीसदी फसल गिरी है। वहीं सोमवार तड़के फिर बारिश हुई। इससे बागान किसान चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि शुरुआत में पेड़ पर बौर आया तो लगा कि इस बार अच्छी फसल होगी, लेकिन इसके बाद से कीट ने फसल को चपेट में ले लिया। अभी भी गिनाड कीट आम को नुकसान पहुंचा रहा है। वहीं दूसरी ओर बारिश और आंधी ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं। ऐसे में लागत भी निकलने की संभावना नहीं दिखाई रही हैं।
विज्ञापन
पड़ोसी राज्यों में जाता है संभल का आम
जिले में नरौली, बनियाठेर, सिरसी, असमोली, संभल और चंदौसी में अधिकांश भाग पर आम के बाग हैं। जिसका रकबा करीब 3200 हेक्टेयर है। यहां से आसपास के जनपदों और पड़ोसी राज्यों में आम जाता है।
बढ़ेगा फफूंदी जनित बीमारियों का खतरा
फिलहाल अब तक हुई बारिश सभी फसलों के लिए लाभकारी साबित होगी। लेकिन आगे इसी तरह बारिश होती है तो खीरा, खरबूजा और तरबूज की फसल प्रभावित होगी। अधिक बारिश से इन फसलों पर फफूंदी जनित बीमारियों का खतरा बढ़ेगा। टमाटर, लौकी, तोरई में भी बरसात के कारण परेशानी होगी। बरसात के पानी से इसमें कीड़ा लगने की आशंका रहती है।
बागवान बोले
- इस बार पेड़ों पर बौर अच्छा आया था। लेकिन शुरुआत से ही कीट रोगों ने फसल को प्रभावित करना शुरू कर दिया। अब लगातार आंधी और बारिश से आम को काफी नुकसान हो रहा है। अगर मौसम में सुधार नहीं हुआ तो लागत भी नहीं मिलेगी।-शाहिद अली
- आंधी और बारिश से लगातार नुकसान हो रहा है। बुधवार और रविवार की आंधी से 25 फीसदी कच्चे आम गिर गए। बारिश से कीट रोग भी बढ़ रहा है। यही हाल रहा तो आम की फसल को काफी नुकसान होगा।-मोहम्मद हनीफ