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रघुपुर पुख्ता में कम हुआ बाढ़ का पानी, मुसीबते बरकरार
Updated Sat, 08 Sep 2018 01:09 AM IST
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संभल/बबराला/जुनावई। दो सप्ताह बाद गंगा नदी में कम हुए जलस्तर के बाद बाढ़ प्रभावित गांव रघुपुर पुख्ता में बाढ़ का पानी कम हो गया लेकिन गांव में मुसीबतें अब भी बरकरार है। ग्रामीणों को कीचड़युक्त रास्ते से गुजरना पड़ रहा है। बाढ़ से कटी सड़क पर नाव के जरिए आवागमन जारी है। ऐसे में गांव में संक्रामक रोग फैलने का खतरा सता रहा है। अब प्रशासन बाढ़ से हुए नुकसान का का आंकलन कराएगा।
पहाड़ों पर हो रही बारिश थम गई है जिससे गंगा नदी का जलस्तर दो सप्ताह बाद कम हो गया। नरौरा गंगा बैराज पर शुक्रवार का गंगा नदी का जलस्तर 178.36 मीटर रहा जोकि खतरे के निशान से 40 सेमी नीचे रहा। जहां गंगा नदी का बहाव 172772 क्यूसेक रहा। जोकि लगातार चौथे दिन कम हुआ। जिसके चलते जुनावई क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता समेत आठ गांवों में आया बाढ़ का संकट टल गया और बाढ़ की चपेट में आए रघुपुर पुख्ता में पानी कम होने के बाद हालात सामान्य हो गए लेकिन ग्रामीणों की मुसीबते अब भी बरकरार है। गांव की जिन गलियों से पानी गुजर रहा था। वहां कीचड़ वाला रास्ता बन गया है। ग्रामीणों को निकलने में दिक्कत हो रही है। रात के अंधेरे में परेशानी और संक्रामक रोगों के फैलने का भय बन गया है। गांव को जोड़ने वाले मिठनपुर सांकरा मार्ग पर बाढ़ से सड़क कट गई है जहां नाव का संचालन जारी है।
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पहाड़ों पर हो रही बारिश थम गई है जिससे गंगा नदी का जलस्तर दो सप्ताह बाद कम हो गया। नरौरा गंगा बैराज पर शुक्रवार का गंगा नदी का जलस्तर 178.36 मीटर रहा जोकि खतरे के निशान से 40 सेमी नीचे रहा। जहां गंगा नदी का बहाव 172772 क्यूसेक रहा। जोकि लगातार चौथे दिन कम हुआ। जिसके चलते जुनावई क्षेत्र के गांव रघुपुर पुख्ता समेत आठ गांवों में आया बाढ़ का संकट टल गया और बाढ़ की चपेट में आए रघुपुर पुख्ता में पानी कम होने के बाद हालात सामान्य हो गए लेकिन ग्रामीणों की मुसीबते अब भी बरकरार है। गांव की जिन गलियों से पानी गुजर रहा था। वहां कीचड़ वाला रास्ता बन गया है। ग्रामीणों को निकलने में दिक्कत हो रही है। रात के अंधेरे में परेशानी और संक्रामक रोगों के फैलने का भय बन गया है। गांव को जोड़ने वाले मिठनपुर सांकरा मार्ग पर बाढ़ से सड़क कट गई है जहां नाव का संचालन जारी है।
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