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ओलावृष्टि से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें

Fri, 25 Feb 2022 11:59 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 25 Feb 2022 11:59 PM IST
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Worry lines on the foreheads of farmers due to hail
बेहट क्षेत्र में आम के बाग में ओलावृष्टि से गिरी पत्तियां व बोर - फोटो : SAHARANPUR
बेहट (सहारनपुर)। ओलावृष्टि ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। बेमौसम बरसात व ओले गिरने से क्षेत्र के किसानों की तैयार फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है, वहीं फल पट्टी क्षेत्र में आम की आने वाली फसल भी इस ओलावृष्टि से प्रभावित होने की संभावना बन गई है।
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बृहस्पतिवार की रात बादलों की गरज व बिजली की चमक के साथ शुरू हुई हल्की बूंदाबांदी के साथ ओलावृष्टि होने से आम जन जीवन तो प्रभावित हुआ ही, फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। ओले बेहट कस्बे और आसपास के क्षेत्र में गिरे। इससे गेहूं, सरसों, गन्ना, आलू व गोभी आदि की फसल को नुकसान हुआ और बेहट फल पट्टी क्षेत्र में आम के बागानों में पेड़ों पर आया बोर पत्तों के साथ नीचे गिर गया। सरसों की तैयार फसल जमीन पर गिरन पैदावार घटेगी। पछेती सरसों की फसल में आया फूल झड़ गया है, जिससे पैदावार पर असर पड़ेगा। गेहूं की फसल में गेहूं की बाल पर ओले गिरने से उसके खराब होने के आसार बन गए है। गेहूं उत्पादक किसानों ने बताया, कि जिस बाल पर ओले लगे है, उनमें दाना नहीं बनेगा। गन्ने की पत्ती तहस-नहस हो गई। आलू की फसल में गलन आएगी और गोभी के फूल पर दाग आ जाएगा।
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पचास प्रतिशत आम का बौर हो गया नष्ट
बेहट निवासी बाग मालिक व कारोबारी सुनील राजदेव उर्फ बिट्टू का कहना है, कि अभी बागों में बौर आना शुरू हुआ था। ओले गिरने से पेड़ों की पत्तियों के साथ बोर भी नीचे गिर गया। 50 प्रतिशत बौर नष्ट हो गया है। ओलावृष्टि से मौसम में नमी आएगी, इससे बौर के फूटने की प्रक्रिया भी प्रभावित होगी। इसका सीधा असर पैदावार पर पड़ेगा।
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गेहूं की पैदावार में आएगी कमी
डूडू माजरा के किसान बलवीर सिंह का कहना है, कि गेहूं की फसल को ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ। अभी गेहूं के पौधे पर बाल आनी शुरू हुई है। ओले गिरने से बाल फट गई है। जिस बाल ओला लग गया है, उसमें दाना नहीं बनेगा। इस बार गेहूं की पैदावार में भी कमी आएगी। जो गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई है उस की पैदावार में 50 प्रतिशत की कमी आएगी।
ओलावृष्टि से झड़ गया सरसों का फूल
साढ़ौली कदीम निवासी सतीश सैनी का कहना है, कि बृहस्पतिवार की रात भारी ओलावृष्टि हुई है। वैसे तो इस ओलावृष्टि से सभी फसलों को नुकसान है, लेकिन सबसे ज्यादा सरसों की फसल प्रभावित हुई है। जो फसल तैयार हो चुकी थी वह जमीन पर गिर गई। उस की पैदावार में 50 से 60 प्रतिशत कम होगी। जो सरसों की बुवाई पछेती की गई है, उस फूल आया हुआ था, जो ओला लगने से जमीन पर गिर गया है।
आलू की फसल में आ जाएगी गलन
सब्जी उत्पादक गांव मुर्तजापुर निवासी किसान सुरेंद्र उर्फ पप्पू का कहना है, कि ओलावृष्टि से आलू व गोभी की फसल को भारी नुकसान हुआ है। आलू की तैयार फसल में ओले से गलन आएगी और गोभी के फूल पर ओला लगने से दाग आ जाएगा, जिसका बाजार में उठान नहीं हो पाएगा।

ओलावृष्टि से प्रभावित हुई फसलों का सर्वे कराया जा रहा है। नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजी जाएगी।
अमित कुमार, तहसीलदार बेहट

जमीन पर बिछी गेहूं की फसल

जमीन पर बिछी गेहूं की फसल- फोटो : SAHARANPUR

सुनील राजदेव

सुनील राजदेव- फोटो : SAHARANPUR

बलवीर सिंह

बलवीर सिंह- फोटो : SAHARANPUR

सतीश सैनी

सतीश सैनी- फोटो : SAHARANPUR

सुरेंद्र सैनी

सुरेंद्र सैनी- फोटो : SAHARANPUR

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