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बच्चों के लिए टीकाकरण का इंतजार, अभिभावक हैं तैयार
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सहारनपुर। 12 वर्ष से अधिक आयु वालों के कोविड टीकाकरण के बाद सरकार अब बच्चों के लिए टीका लाने की तैयारी में है। केंद्र सरकार के स्तर से टीकाकरण की तैयारी चल रही है। वह अलग बात है कि अभी तक जनपद में कोई दिशा-निर्देश इसको लेकर नहीं मिले हैं। अमर उजाला अभियान चलाकर नागरिकों को टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित कर रहा है। अमर उजाला ने सोमवार को छह से 11 वर्ष की आयु के बच्चों के अभिभावकों से बात कर टीकाकरण पर उनकी राय जाननी चाही। जितने भी अभिभावकों से बात की गई, उन्होंने टीकाकरण शुरू होने पर अपने बच्चों को टीका लगवाने की बात कही। यानी अब केवल टीकाकरण शुरू होने का इंतजार ही रह गया है। अभिभावक इसको लेकर पूरी तरह मन बना चुके हैं।
बच्चों को टीका भी लगवाएंगे और दूसरों को प्रेरित भी करेंगे
गांव उमाही कलां निवासी गुलफाम अली का कहना है कि सरकार जो कोविड टीका मुफ्त में मुहैया करा रही है, वह सराहनीय है। सरकार जब भी बच्चों का टीकाकरण शुरू करेगी तो वह ना केवल अपने बच्चों को टीका लगवाएंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित करेंगे।
अंबेहटा निवासी रूचि मित्तल का कहना है कि उनका पूरा परिवार कोरोनारोधी टीके की दोनों खुराक ले चुका है। बताया कि उनका साढ़े दस साल का बेटा है। यदि सरकार बच्चों का टीकाकरण शुरू करती है तो वह अपने बेटे को जरूर टीका लगवाएगी।
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आमकी दीपचंदपुर निवासी शिक्षक रुचिन पुंडीर का कहना है कि सरकार ने कोविड टीका देकर सभी को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित किया है। किशोरों और बड़ों ने टीका लगवा लिया है, कुछ लगवा रहे हैं। अब बच्चों की बारी है। वह ना केवल अपने बच्चों को टीका लगवाएंगे, बल्कि अभिभावकों को भी प्रेरित करेंगे।
नानौता के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी परमजीत कौर का कहना है कि वह कई दिन से बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू होने की चर्चाएं सुन रही हैं। उन्हें इसका इंतजार भी है। जब भी टीकाकरण शुरू होगा वह बच्चों को जरूर टीका लगवाएंगी।
चिलकाना के गांव धौराहेड़ी निवासी मेडिकल स्टोर संचालक दीपक सैनी का कहना है कि उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता को करीब से देखा है। ऐसे में वह कोरोना को लेकर जिंदगी के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। परिजनों को दोनों टीके लगवाए हैं, बच्चों को भी लगवाएंगे।
कोविड टीकाकरण के मामले में सहारनपुर की जो भी प्रगति अभी तक है। खासकर किशोरों के टीकाकरण को लेकर तो उसमें अभिभावकों का सबसे बड़ा योगदान रहा है, क्योंकि अभिभावकों की अनुमति के बिना किशोर टीका नहीं लगवा सकते थे। - डॉ. सुनील कुमार वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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बच्चों को टीका भी लगवाएंगे और दूसरों को प्रेरित भी करेंगे
गांव उमाही कलां निवासी गुलफाम अली का कहना है कि सरकार जो कोविड टीका मुफ्त में मुहैया करा रही है, वह सराहनीय है। सरकार जब भी बच्चों का टीकाकरण शुरू करेगी तो वह ना केवल अपने बच्चों को टीका लगवाएंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी प्रेरित करेंगे।
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अंबेहटा निवासी रूचि मित्तल का कहना है कि उनका पूरा परिवार कोरोनारोधी टीके की दोनों खुराक ले चुका है। बताया कि उनका साढ़े दस साल का बेटा है। यदि सरकार बच्चों का टीकाकरण शुरू करती है तो वह अपने बेटे को जरूर टीका लगवाएगी।
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आमकी दीपचंदपुर निवासी शिक्षक रुचिन पुंडीर का कहना है कि सरकार ने कोविड टीका देकर सभी को कोरोना संक्रमण से सुरक्षित किया है। किशोरों और बड़ों ने टीका लगवा लिया है, कुछ लगवा रहे हैं। अब बच्चों की बारी है। वह ना केवल अपने बच्चों को टीका लगवाएंगे, बल्कि अभिभावकों को भी प्रेरित करेंगे।
नानौता के मोहल्ला सरावज्ञान निवासी परमजीत कौर का कहना है कि वह कई दिन से बच्चों के लिए टीकाकरण शुरू होने की चर्चाएं सुन रही हैं। उन्हें इसका इंतजार भी है। जब भी टीकाकरण शुरू होगा वह बच्चों को जरूर टीका लगवाएंगी।
चिलकाना के गांव धौराहेड़ी निवासी मेडिकल स्टोर संचालक दीपक सैनी का कहना है कि उन्होंने कोरोना की दूसरी लहर की भयावहता को करीब से देखा है। ऐसे में वह कोरोना को लेकर जिंदगी के साथ कोई रिस्क नहीं लेना चाहते हैं। परिजनों को दोनों टीके लगवाए हैं, बच्चों को भी लगवाएंगे।
कोविड टीकाकरण के मामले में सहारनपुर की जो भी प्रगति अभी तक है। खासकर किशोरों के टीकाकरण को लेकर तो उसमें अभिभावकों का सबसे बड़ा योगदान रहा है, क्योंकि अभिभावकों की अनुमति के बिना किशोर टीका नहीं लगवा सकते थे। - डॉ. सुनील कुमार वर्मा, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी